• shareIcon

जानें नर्वस सिस्‍टम को कैसे उत्‍तेजित करता है अर्द्ध पिंचा मयूरासन

योगा By Devendra Tiwari , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 08, 2016
जानें नर्वस सिस्‍टम को कैसे उत्‍तेजित करता है अर्द्ध पिंचा मयूरासन

अर्द्ध पिंचा मयूरासन एक ऐसा आसन है, जो नर्वस सिस्‍टम को प्रोत्‍साहित करने में मददगार होता है। आइए इस लेख के माध्‍यम से अर्द्ध पिंचा मयूरासन के बारे में विस्‍तार से जानकारी लेते हैं।

नर्वस को मनुष्‍य की जीवन रेखा माना जाता है। क्योंकि इस सिस्‍टम में ब्रेन भी शामिल होता है। अगर यह सिस्‍टम किसी रोग या विकार से ग्रस्त हो जाए, तो उस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है! यहां तक कि इसको थोड़ा सा नुकसान भी कई प्रकार की मस्तिष्‍क संबंधी बीमारियों और समस्‍याओं का कारण बनता है। और अगर इस पर समय रहते ध्‍यान नहीं दिया जाये तो यह मानसिक रूप से विकलागंता का कारण बन सकता है। इसलिए हमें तंत्रिका तंत्र के नुकसान से जुड़े जोखिम कारकों को समझना चाहिए। ऑटोइम्‍यून डिजीज, तनाव, अनिद्रा, दुर्घटना और एंटीबायोटिक दवाओं के साइड इफेक्‍ट आदि इसके जोखिम कारकों में से कुछ हैं। इससे बचने का एकमात्र उपाय इसके लक्षणों की जानकारी है। दर्द, सुन्‍नता, झुनझुनी, अनिद्रा आदि जैसे नर्वस सिस्‍टम संबंधी समस्‍याओं के प्रारंभिक लक्षण दिखने पर तुरंत अपने चिकित्‍सक से परामर्श करना चाहिए।

ardha pincha mayurasana in hindi

हालांकि तंत्रिका स्‍वास्‍थ्‍य का दवाओं और उपचार प्रक्रियाओं से इलाज किया जा सकता है, लेकिन इन सब के अलावा योग इस समस्‍या का सबसे अच्‍छा इलाज हो सकता है। अर्द्ध पिंचा मयूरासन एक ऐसा ही आसन है, जो नर्वस सिस्‍टम को प्रोत्‍साहित करने में मददगार है। शब्द अर्द्ध पिंचा मयूरासन को सामान्यतः डॉल्फिन पेाज के रूप में जाना जाता है। यह संस्कृत शब्द 'अर्द्ध' जिसका मतलब आधा, 'पिंचा' का मतलब पंख, 'मयूरा' का मतलब मोर और 'आसन' का मतलब पोच होता है। यहां अर्द्ध पिंचा मयूरासान को स्‍टेप-बाइ-स्‍टेप करने के उपाय दिये गये हैं।  

अर्द्ध पिंचा मयूरासन करने के उपाय

  • अर्द्ध पिंचा मयूरासन की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाओ।
  • फिर धीरे-धीरे घुटने टेकने वाली स्थिति में नीचे आ जाओ।
  • फोरआर्म, उंगालियों और हथेलियों को फर्श पर आराम से रखें।
  • ध्‍यान रखें कि आपके कंधे और कोहनी एक ही पंक्ति में हो।
  • धीरे-धीरे अपने हिप्‍स, पीठ और पैरों को ऊपर उठायें।
  • रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए
  • आपके पैर खुले और पैरों की उं‍गलियां आगे की ओर होनी चाहिए।
  • एक बार इस पॉजिशन में आने के बाद अपने सिर और गर्दन को घूमने की अनुमति दें।
  • फिर गहरी सांसें लें, थोड़ी देर के लिए इस स्थिति में रूकें फिर सांस को छोड़ दें।
  • धीरे-धीरे पॉजिशन में वापस आ जायें।

 

अर्द्ध पिंचा मयूरासन के अन्य लाभ

  • बाजुओं को मजबूती प्रदान करता है।
  • पाचन अंगों को प्रोत्‍साहित करने में मदद करता है।
  • सिर और पीठ दर्द को दूर करने में मदद करता है।
  • कंधों को मजबूत करने में मदद करता है।
  • अस्थमा से पीड़ित लोगों की सहायता करता है।
  • हैमस्ट्रिंग को मजबूत करने में मदद करता है।
  • थकान दूर करने के लिए मदद करता है।
  • प्रजनन अंगों को प्रोत्साहित करने में मदद करता है।

 

सावधानी

हाथ और पीठ दर्द से ग्रस्‍त, कंधे की चोट और उच्‍च रक्‍तचाप से ग्रस्‍त लोगों को अर्द्ध पिंचा मयूरासन करने से बचना चाहिए। इन लोगों को केवल योग प्रशिक्षक की देखरेख में इस योग को करना चाहिए।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते है।

Image Source : gaia.com

Read More Articles on Yoga in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK