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रोटेटर कफ चोट का कैसे करें इलाज

एक्सरसाइज और फिटनेस By Gayatree Verma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 24, 2009
रोटेटर कफ चोट का कैसे करें इलाज

लंबे समय तक एक ही स्थिती में खड़े रहने के दौरान अगर आफके रोटेटर कफ मांसपेशियां में दर्द होने लगता है तो उसे ठीक करने के उपायों की जानकारी आपको होनी चाहिए।

Quick Bites
  • लम्बी लाइन में खड़े होने के पर रोटेटर कफ मांसपेशियों में होने लगता है दर्द।
  • दूसरी चोटें भी कई बार रोटेटर कफ मांसपेशियों को पहुंचा देती है नुकसान।
  • कंधे पर चार मांसपेशियो के समूह को रोटेटर कफ मांसपेशी कहते हैं।
  • रोटेटर कफ मांसपेशियों में जिम न जाकर फिजियोथेरेपिस्ट के पास जाए।

लम्बी लाइन में खड़े होने के दौरान या जाम में फंसे होने के दौरान शरीर एक ही स्थिती में रहने के कारण दर्द करने लगता है। खासकर रोटेटर कफ मांसपेशियों में इस दौरान काफी दर्द देता है। रोटेटर कफ मांसपेशियों में चोट कई तरह से लगते हैं।

Rotator cuff injury

आम चोट लगने के प्रकार

  • रोटेटर कफ चोट- रोटेटर कफ एक चार मासपेशियो का समूह कि कंधे की हडडी उपरी बाहं की हडडी को नाम दिया जाता है। यह मांसपेशियां कंधो से जुडी हुई स्थिर और सरलता से गतिविधियां करती है। रोेटेटर कफ चोट एक या चार से अधिक रोटेटर कफ मासपेशियो हो सकती है। 
  • लक्षण
  1. आमतौर पर कंधे के पास हाथो के उपरी भाग और बाहर की ओर दर्द होता है। जब हाथ उपर या शरीर में सर्वत्र गंभीर दर्द होता है।
  2. कधो की शक्ति मे कमी आती है।

 

  • मासपेशियो का थकना- मासपेशियों का थकने को पहले स्तर का दर्जा दिया जा सकता है जिसमें लघु क्षेत्रो में हल्की सूजन और थोड़ी सी असुविधा होना प्रमुख है। दूसरे स्तर में मांसपेशियों के अपर्याप्त खिचाव के साथ गंभीर हैं यहां गंभीर सुजन और दर्द और प्रभावित मांसपेशियो के जकड़ाव के दौरान दर्द को ओर बढ़ाता है।  इस स्थिति में जिम न जाकर फिजियोथेरेपिस्ट के पास जाए।

 

  • टेनडिनिटिस- यह एक नस जो सूजन के रूप के रूप में परिभाषित किया है। हाथो की कोहनियां और घुटने सबसे सामान्य क्षेत्र हो जो टेनडिनिटिस से प्रभावित होते है। प्रभावित क्षेत्रो पर सूजन और दर्द होना इसके लक्षण है। इन चोटो के अलावा, अन्य सामान्य जिम की चोटे शामिल लियोटिबेल बेण्ड सिंड्रोम, पिंडीलियो पर खप्पची बांधना, एकिलैस टेनडोनिटिस, तनाव टूटना, प्लेन्टर फाससिटिस, एंकल स्प्रेनस और बहुत से शामिल है।


 
चोट लगने पर कैसे प्रबंध करे

व्यायामशाला में अनुचित वजन उठाने की तकनीक क्षति पहुचानें में मुख्य है। इलाज से हमेशा बचाव अच्छा है कहा भी गया है। इस तरह से क्षति पहुचने से रोकने की कौशिश करेः

  1. व्यायाम करने से पहले स्वयं को उसके लिए पूरी तरह से तैयार करो।
  2. प्रत्येक व्यायाम के लिए सही अवस्था को बनाए और सही तकनीक को अपनायंे।
  3. अपनी सीमा के भीतर रहकर वजन को उठाएं और बस दूसरो के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपनी क्षमता से बाहर वजन न उठाएं।
  4. चोट के पहले संकेत के लिए पर्यवेक्षण करें।
  5. तथापि एक चोट के लगने पर, आप तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपचार का प्रयोग कर सकती है। यह मामूली चोटो के लिए एक आम उपचार है जैसेकि मोच आना, जोड़ो का दर्द, टेंडोनिटिस, और अस्थिबंध में खिचांव।

 

राइस के लिए खड़ा होना

  • कार्य निवृतिः उन सभी गतिविधियो को बंद करो जिनसे चोट लग सकती है। कुछ दिनो या सप्ताह के लिए यदि आवश्यक हो तो व्यायाम शाला से दूर रहो।
  • बर्फः चोट के स्थान पर सूजन को कम करने में बर्फ की थैली सहायक होगी। एक जगह पर 15 से 20 मिनट, दर्द लम्बे समय से है एक दिन में तीन से चार बार यह करने की सलाह दी जाती है।
  • दबाव या संपीड़नः संपीड़ित या घायल होने पर सूजन को कम करने के लिए उस जगह को दबाएं। आप एक पट्टी या तोलियो को पर्याप्त दबाव पाने के लिए कसकर बांध सकती हैं। निश्चित रूप से इसे इतना कसकर न बांधे के रक्त के प्रवाह में बाधा आए।
  • लम्बी लाइन में खड़े होने के दौरान या जाम में फंसे होने के दौरान शरीर एक ही स्थिती में रहने के कारण दर्द करने लगता है। खासकर रोटेटर कफ मांसपेशियों में इस दौरान काफी दर्द देता है। रोटेटर कफ मांसपेशियों में चोट कई तरह से लगते हैं।

सावधानी

  • यदि आपको चिकित्सा संबंधी समस्या है अपने कसरत में बड़े बदलाव लाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श ले। लोड धीरे से बढ़ाएं।
  • उचित लक्ष्य निर्धारित करे क्योंकि यह लम्बे समय तक मदद करता है।
  • लोगो के पीठ के नीचले हिस्से में समस्या के लिए कुछ व्यायाम उपयुक्त नही है और उनसे नही करना चाहिए। एक कम श्रमसाध्य व्यायाम को चुने।
  • चोटों से बचने के लिए तैयार रहना आवश्यक है।

    

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Written by
Gayatree Verma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागDec 24, 2009

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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