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घुटनों के गठिया रोग का उपचार

अर्थराइटिस
By Aditi Singh , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 20, 2015
घुटनों के गठिया रोग का उपचार

घुटनों के गठिया रोग का उपचार: घुटनों का गठिया रोग क्‍या है। घुटनों के गठिया रोग के कारण क्‍या है। घुटनों के गठिया रोग के लक्षण कौन-कौन से है। घुटनों के गठिया रोग का इलाज कैसे करें।

Quick Bites
  • घुटनों के आर्थराईटिस को कहते है ओस्टियोआर्थराईटिस।
  • 50 वर्ष की आयु के बाद होने की संभावना ज्यादा।
  • कोर्टीसोन इंजेक्शन व ग्लुकोसैमाइन असरदार औषधि।
  • घुटनों का प्रत्यारोपण करना इसका सबसे अच्छा इलाज।

ओस्टियो आर्थराईटिस एक आम प्रकार का घुटनों का आर्थराईटिस होता है और इसे जोड़ों का अपकर्षक रोग भी कहा जाता है। घुटनों का संधिशोथ चबनी हड्डी की क्रमिक घिसाई के कारण होता है। घुटनों का संधिशोथ आम तौर से 50 वर्षों से अधिक आयु के रोगियों को अपना शिकार बनता है। और यह रोग उनमें अधिक पाया जाता  है जिनका वज़न आवश्यकता से अधिक होता है। यह रोग अनुवांशिक भी होता है, मतलब कि पीढ़ी दर पीढ़ी जारी रहता है। घुटनों के संधिशोथ के अन्य कारण हैं, घुटने में चोट, अस्थिबंध को हानि, और जोड़ के आसपास की हड्डी का टूटना।

घुटनों के संधिशोथ के लक्षण

घुटनों के संधिशोथ के लक्षण संधिशोथ की अवस्था की बदतरी के साथ उजागर होते जाते हैं। लेकिन मज़े की बात यह है कि  लक्षण समय के साथ बढ़ते नहीं हैं। रोगी अक्सर अच्छे और बुरे समय के बारे में बात करते हैं, या मौसम के साथ लक्षणों में बदलाव महसूस करते हैं। घुटनों के आर्थराइटिस के आम लक्षण इस प्रकार हैं।

  •     गतिविधि के कारण पीड़ा।
  •     घुटनों में अकड़न।
  •     जोड़ों में सूजन।
  •     "जोड़ जवाब दे जाएगा" का एहसास।
  •     जोड़ों की विकृति।

 
घुटनों के आर्थराइटिस के उपचार की शुरुआत शारीरिक जांच और एक्स रे से करनी चाहिए और अगर आवश्यकता पड़े तो ऑपरेशन भी किया जा सकता है। हर रोगी पर एक ही तरह का इलाज कारगर नहीं होता, और अपने लिए सही इलाज की सलाह अपने चिकित्सक से लेना ज़रूरी होता है।
घुटनों के आर्थ राइटिस के उपचार के लिए कुछ विकल्प नीचे दिए गए हैं।

 

वज़न कम करना

घुटनों के आर्थराइटिस के उपचार के लिए कदाचित यह एक अति महत्वपूर्ण पर कम प्रयोग में लाया जानेवाला एक अचूक तरीका है। जोड़ों को जितना कम वज़न उठाना पड़े, उतनी ही कोई कार्य करते समय जोड़ों में पीड़ा कम होती है।अपनी कुछ गतिविधियाँ कम करने या उनपर नियंत्रण करने से, और व्यायाम के नए तरीकों के बारे में जानने से काफी सहायता मिल सकती है।एक छड़ी या एक ही बैसाखी का प्रयोग करने से भी काफी लाभ मिल सकता है।जलन रोधी औषधियां के सेवन से भी जोड़ों की पीड़ा काफी हद तक कम हो जाती है।


अन्य तरीके

कोर्टीसोन इंजेक्शन को लगवाने से जोड़ों की जलन और पीड़ा कम हो जाती है। घुटनों के आर्थराइटिस के उपचार के लिए ग्लुकोसैमाइन सुरक्षित और असरदार औषधि मानी जाती है। घुटनों की आरथरोस्कोपी कुछ ख़ास लक्षणों में ही कारगर साबित होती है। घुटनों की ओस्टियोटोमी सीमित रूप से आर्थराइटिस से ग्रसित कम उम्र के रोगियों पर ही असर करता है। पूर्ण रूप से घुटनों के बदलाव की सर्जरी की प्रक्रिया से चबनी हड्डी को निकालकर धातु और प्लास्टिक की चबनी हड्डी के आकार की वस्तु डाली जाती है।

 

आंशिक रूप से घुटने के बदलाव की सर्जरी की प्रक्रिया से घुटने के एक ही भाग को बदला जाता है। यह सीमित रूप से घुटनों के आर्थराइटिस से ग्रसित रोगियों के लिए सर्जरी का एक अच्छा विकल्प है।

 

 

Image Source-Getty

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Written by
Aditi Singh
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 20, 2015

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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