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अधपका मांस खाने से होती है टोक्सोप्लाज्मोसिस रोग, जानें इसके लक्षण और अन्‍य कारण

अन्य़ बीमारियां By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 28, 2018
अधपका मांस खाने से होती है टोक्सोप्लाज्मोसिस रोग, जानें इसके लक्षण और अन्‍य कारण

टोक्सोप्लाज्मोसिस एक परजीवी के कारण होने वाला संक्रमण है। इस परजीवी को टोक्सोप्लाज्मा गोंडी कहा जाता है। यह जीव दुनिया के आम परजीवियों में से एक है। यह बिल्ली के मल और अधपके मांस, विशेष रूप से हिरण, भेड़ के बच्चे

टोक्सोप्लाज्मोसिस एक परजीवी के कारण होने वाला संक्रमण है। इस परजीवी को टोक्सोप्लाज्मा गोंडी कहा जाता है। यह जीव दुनिया के आम परजीवियों में से एक है। यह बिल्ली के मल और अधपके मांस, विशेष रूप से हिरण, भेड़ के बच्चे और सूअर का मांस में पाया जा सकता है। यह दूषित पानी के माध्यम से भी प्रेषित किया जा सकता है। टोक्सोप्लाज़मोसिज़ घातक हो सकता है, अगर माँ संक्रमित हो जाती है तो ये भ्रूण के लिए गंभीर जन्म दोष पैदा कर सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर गर्भवती महिला को बिल्‍ली से दूर रहने की सलाह देते हैं। इस लेख में हम आपको दे रहें हैं टोक्सोप्लाज्मोसिस के बारे में विस्‍तार से जानकारी।

 

टोक्‍सोप्‍लाज्‍मोसिस के लक्षण

अधिकांश लोग जो परजीवी से संक्रमित होते हैं, जो टॉक्सोप्लाज्मोसिस का कारण बनते हैं, उनमें कोई खास संकेत दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि यहां कुछ लक्षण हैं जो इस परजीवी के होने का संकेत देते हैं। 

  • बुखार
  • लिम्फ नोड्स में सूजन, विशेष रूप से गर्दन में
  • सरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द 
  • गले में खराश

क्‍या कहते हैं वैज्ञानिक

यूनाइटेड स्टेट्स के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेन्शन (सीडीसी) के एक आंकलन के अनुसार संयुक्‍त राज्य अमेरिका में 60 लाख से अधिक लोगों में टोक्सोप्लाज्‍मा परजीवी हो सकते हैं। जानकारी के अभाव में बहुत ही कम लोगों को इसके लक्षण मालूम पड़ते हैं। स्वस्थ प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में आमतौर पर इस परजीवी के होने के लक्षण पता नहीं चल पाते। गर्भावस्था के ठीक पहले या गर्भावस्था के दौरान टोक्सो होने पर यह भयावह परिणामों के साथ यह परेशानी बच्‍चे में भी हो सकती है। प्रतिरक्षा प्रणाली में कमी वाले लोगों में टोक्सो के गंभीर संकेत और लक्षण के विकास का जोखिम ज्‍यादा होता है। 

टोक्सोप्लाज्मोसिस कुछ लोगों में फ्लू जैसे लक्षण भी पैदा कर सकता है। इससे प्रभावित अधिकतर लोगों में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। संक्रमित माताओं से जन्में शिशुओं के लिए और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए टोक्सोप्लाज्मोसिस गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है। 

यदि आप स्वस्थ हैं तो आपको टोक्सोप्लाज्मोसिस के लिए किसी भी उपचार की जरूरत नहीं होती। यदि आप गर्भवती हैं या आपकी प्रतिरोधक क्षमता कम है तो दवाओं के माध्यम से संक्रमण को कम किया जा सकता है। टोक्सोप्लाज्मोसिस से बचने का सबसे अच्छा तरीका है इसकी शुरूआत में ही रोकथाम। 

जिन परिवारों में बिल्लियां पाली जाती हैं उन परिवारों में यह संक्रमण होने की ज्‍यादा आशंका रहती हैं। संक्रमित मांस खाने से यह परेशनी पहले बिल्‍ली को होती है फिर यह परिवार में फैल जाती है। बिल्लियों में टोक्सोप्लाज्मोसिस परजीवी के अंडे दूषित भोजन या पानी आदि से भी हो सकते हैं। टोक्सोप्लाज्मोसिस परजीवी बिल्ली में अपना जीवन चक्र पूरा करता है और उसके मल के द्वारा टोक्सोप्लाज्मोसिस के लाखों अंडों का उत्पादन करता है। 

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स्वस्थ वयस्कों में आमतौर पर संक्रमण का बहुत कम या कोई संकेत नहीं होता। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण के 5 से 20 दिन के भीतर लक्षण विकसित होते हुए देखे जा सकते हैं। इसके लक्षणों के रूप में मांसपेशियों में दर्द, बुखार, सांस लेने में तकलीफ और मस्तिष्क में सूजन जैसी समस्याएं होती हैं। किसी गर्भवती महिला को गर्भकाल या उसके ठीक पहले यह संक्रमण होने पर यह उसके भ्रूण पर बुरा असर डाल सकता है। ऐसा होने पर बच्चा अंधेपन या मिर्गी की समस्या के साथ पैदा हो सकता है।

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टोक्सोप्लाज्मोसिस के उपचार का सबसे अच्‍छा तरीका टोक्सोप्लाज्‍मा के लिए एंटीबॉडी का रक्‍त परीक्षण है। स्वस्थ लोगों का आम तौर पर जब तक इलाज नहीं किया जाता तब तक इसके लक्षण लंबी अवधि के लिए न दिखाई दें। गर्भवती महिलाओं या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वालों के टोक्सोप्लाज्मोसिस के इलाज के लिए दवाएं उपलब्ध हैं।

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