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खराब दांतों के कारण भी हो सकता है जीभ का कैंसर, जानें इसके मुख्य लक्षण

कैंसर By शीतल बिष्ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 24, 2019
खराब दांतों के कारण भी हो सकता है जीभ का कैंसर, जानें इसके मुख्य लक्षण

आपके दांतो की सफाई बहुत ही महत्‍वपूर्ण है। क्‍योंकि इसका सीधा-सीधा असर आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। दांतों व मुंह की सफाई में लापरवाही बरतना आपके जींभ के कैंसर का कारण बन सकता है। 

कैंसर एक घातक बीमारी है। जिसका नाम सुनते ही अक्‍सर लोग घबरा जाते हैं। दुनियाभर में हर वर्ष कैंसर के कारण कई लोगों की मृत्‍यु होती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि कैंसर का मतलब सीधा मौत है। समय पर कैंसर का पता चलने पर इसका इलाज संभव है। आज लगभग कैंसर के सौ से भी ज्‍यादा प्रकारों को खोजा जा चुका है, उन्‍हीं में से एक है जीभ का कैंसर। जीभ के कैंसर होने के कई कारण हो सकते हैं जिसमें मुंह और दांतों की सफाई प्रमुख है। मुंह और दांतों के सफाई में लापरवाही बरतने के कारण जीभ व मुंह के कैंसर की संख्‍या में लगातार इजाफा हो रहा है। आंकड़ो को देखा जाए, तो देश में लगभग 5 से 10  प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो दांतो की सफाई के प्रति लावरवाही बरतते हैं। जिसके कारण उनमें मुंह व जीभ के कैंसर का खतरा बढ़ता है। आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे दांतों की सफाई को नजरअंदाज करने से जीभ व मुंह के कैंसर का खतरा अधिक बढ़ता है।  

टूटे व खराब दांत 

टूटे व खराब दांत आपके लिए कैंसर का खतरा बन सकते हैं। टूटे व खराब दांतों के बीच अक्‍सर खाना फंस जाता है, जिसके कारण उनकी कई बार सही से सफाई नहीं हो पाती। जिसके  कारण जीभ व मुंह के कैसर के जोखिम बढ़ जाते हैं। इसलिए दांतों की सही व नियमित रूप से सफाई करना बेहद जरूरी है। आंकडों के अनुसार, पिछले 5 से 6 सालों में भारत में मुंह के कैंसर के खतरे ज्‍यादा बढ़ गये हैं। मुंह व जीभ के कैंसर के खतरे को कम करने के लिए दांतों की दैनिक स्‍वच्‍छता जरूरी है। 

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तंबाकू का सेवन 

तंबाकू का सेवन करना मुंह व जीभ के कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। तंबाकू, गुटका, खैनी खाने से आपको मुंह व पाचन ग्रंथि के कैंसर का खतरा बढुता है। अधिकतर मुंह के कैंसर से पीडि़त लोगों में तंबाकू या बीड़ी-सिगरेट ही कैंसर की वजह पाई गई है। क्‍योंकि इन उत्‍पादों से शरीर में कैंसर उत्‍पादक तत्‍व प्रवेश करते हैं और फिर आगे जाकर यह‍ कैंसर का कारण बनते हैं। इसलिए बचाव के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। यदि कोई व्‍यक्ति आपके आस-पास धूम्रपान भी करता है, तो वह आपके लिए खतरा है। क्‍योंकि धूम्रपान करने वाले व्‍यक्ति को जितना खतरा होता है, उतना ही उसके आस-पास रहने वाले व्‍यक्ति को भी होता है। 

धूप की हानिकारक किरणें

एक्‍सपर्ट्स की मानें, तो मुंह का कैंसर या ओरल कैंसर के कई कारण हो सकते हैं, जैसे प्रतिरक्षा प्रणली का कमजोर होना, पारिवारिक इतिहास, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस, धूप की हानिकारक किरणें, मुंह की सफाई न होना और खराब खानपान शामिल हैं। ऐसा नहीं है कि धूप में जाना ही नहीं चाहिए। धूप में सीमित मात्रा में रहना स्‍वास्‍‍थ्‍य के लिए अच्‍छा है लेकिन धूप में ज्‍यादा देर रहने की वजह से आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा असर पड़ता है। धूप में आने वाली अल्‍ट्रावॉयलेट किरणों के कारण यह शरीर के लिए हानिकारक है। इसलिए धूप में सनग्‍लासेस और सनस्‍क्रीन लगाकर निकलना चाहिए यह आपको कुछ हद त‍क हानिकारण किरणो से बचाने में मददगार है। 

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इन बातों का रखें विशेष ध्‍यान 

  • गुटका, तंबाकू व धूम्रपान के सेवन को बंद कर दें। यदि आपको इन सबके सेवन की आदत है, तो आप इस आदत को छोड़ने के लिए मुंह में इलायची, मुलेठी, कैंडी, नट्स या फिर च्‍युइंगम खा सकते हैं।
  • इससे आपको बार-बार तंबाकू या बीड़ी-सिगरेट पीने की जरूरत महसूस नहीं होगी और धीरे-धीरे आपकी यह आदत छूट जाएगी। 
  • जंक फूड्स जैसे चिप्‍स, कोल्‍ड ड्रिंक्‍स व प्रोसेस्‍ड फूड के सेवन को सीमित कर दें। ज्‍यादा जंक व प्रोसेस्‍ड फूड का सेवन आपके लिए घातक हो सकता है। इसलिए अपने आहार में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करें। 
  • लंबे समय के लिए धूप में जाने से पहले सनस्‍क्रीन या एसपीएफ वाले लिप बाम का उपयोग करें। 

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