तो इसलिए बढ़ रहे हैं पथरी के मामले

Updated at: Dec 26, 2012
तो इसलिए बढ़ रहे हैं पथरी के मामले

पथरी की समस्या से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीने के साथ पोषक तत्वों का सेवन करें।

 ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
लेटेस्टWritten by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Nov 29, 2012

toh isliye badh rahe hain pathri ke mamle

आजकल व्यस्त जीवनशैली व खान-पान में लापरवाही बरतने से ज्यादातर लोग बीमार पड़ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं आपकी यह आदतें आपकी सेहत के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक बहुत देर तक टीवी, कंप्यूटर पर काम करने से और असंतुलित भोजन करने से पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही मोटापा और कम मात्रा में पानी पीना भी इसकी बड़ी वजह है।

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जानकार मानते हैं कि पथरी बनने के कारण कैल्शियम की जमावट, मूत्रशय नलिका में बाधा आदि हैं। इसका संबंध हाइपर पैराथायरॉइडिजम से भी होता है। यह अंत:स्त्रवी ग्रंथियों से जुडी एक विकृति है। इसी की वजह से पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ जाती है। अगर यह कैल्शियम पेशाब के साथ बाहर निकल जाए तो बेहतर है वर्ना यह गुर्दे की कोशिकाओं में जमा होकर पथरी का रुप ले लेता है।

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पेशाब में कैल्शियम की अधिकता हाइपरकैल्सियूरिया कहलाती है। अधिक कैल्शियम वाला भोजन इसकी बड़ी वजह होता है। कैल्शियम ऑग्जेलेट या फॉस्फेट के कण अत्यधिक मात्रा में हों तो वह पेशाब के जरिये पूरी तरह नहीं निकल पाते। यह सब शरीर में एक जगह जमा होते रहते हैं और बाद में यही कण पथरी का रुप ले लेते हैं।

ऐसा नहीं है कि सिर्फ बड़े ही पथरी का शिकार होते हैं, यह समस्‍या बच्‍चों में भी होती है। पथरी के 60 फीसदी मामलों का कारण अनुवांशिकी होती है। अगर परिवार में किसी को सिस्टीन्यूरिया या प्रायमरी हाइपरोक्सैल्यूरिया हो तो पथरी होने की आशंका बढ जाती है। ऐसे बच्चों को पेशाब में अमीनो अम्ल, सिस्टीन या ऑग्जेलेट की अधिकता के कारण पथरी हो सकती है।’

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