हार्ट में इंफेक्शन के इन लक्षणों को नजरअंदाज करना है खतरनाक, डॉक्टर से जानें इससे बचाव के तरीके

हार्ट इंफेक्शन (हृदय संक्रमण) का सबसे ज्यादा खतरा दिल की बीमारियों से ग्रसित लोगों को होता है, डॉक्टर से जानें इसके बचाव के तरीके।

 
Prins Bahadur Singh
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jul 26, 2021
Updated at: Aug 23, 2021
हार्ट में इंफेक्शन के इन लक्षणों को नजरअंदाज करना है खतरनाक, डॉक्टर से जानें इससे बचाव के तरीके

दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और यह लगातार 24 घंटे काम करता है। स्वस्थ शरीर के लिए दिल का स्वस्थ होना बहुत जरूरी होता है। दिल से जुड़ी बीमारियों में इंसान का खानपान और उसकी जीवनशैली का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। आज के समय में जानकारी के अभाव में लाखों लोग दिल की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर से जुड़ी बीमारियों के साथ-साथ दिल में होने वाली गंभीर समस्या हार्ट इंफेक्शन (दिल का संक्रमण) ही है। हार्ट इंफेक्शन (Heart Infection) की समस्या बेहद गंभीर होती है। अगर समय पर इस समस्या का इलाज नहीं हुआ तो इसकी वजह से जीवन का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है। दिल में होने वाले इंफेक्शन की समस्या में मरीज को दिल का दौरा और दिल से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों में हार्ट इंफेक्शन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इस समस्या को हृदय संक्रमण, हार्ट वाल्व इंफेक्शन आदि नामों से जाना जाता है। हृदय संक्रमण (हार्ट इंफेक्शन) की समस्या को लेकर हमने बातचीत की दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ के के कपूर और फोर्टिस हार्ट एंड वस्कुलर इंस्टीट्यूट, गुरूग्राम के चेयरमैन डॉ. टी.एस. क्लेयर से। आइये जानते हैं कैसे फैलता है यह संक्रमण और हार्ट इंफेक्शन के बचाव (Tips to Prevent Heart Infection) के बारे में।

हार्ट इन्फेक्शन या हार्ट वाल्व इंफेक्शन? (Heart Infection)

हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों में तरह-तरह के बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इनमें से कुछ बैक्टीरिया सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं और कुछ सेहत को गंभीर नुकसान भी पहुंचाते हैं। दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों में खून के सर्कुलेशन के जरिये बैक्टीरिया उतकों के संपर्क में आ जाते हैं जिसकी वजह से मरीज को हार्ट इंफेक्शन की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से दिल की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हार्ट की अंदरूनी परत और उसके वाल्वों की सतह को एंडोकार्डियम कहा जाता है, जब आपके शरीर के अन्य भागों जैसे कि आपके मुंह से रोगाणु या बैक्टीरिया आपके रक्त में फैलते हैं तो यह एंडोकार्टिटिस (हार्ट इंफेक्शन का एक प्रकार) का कारण बनते हैं।

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हार्ट इन्फेक्शन के प्रकार (Types of Heart Infection)

हार्ट या दिल में संक्रमण ऐसी स्थिति में होता है जब कोई बैक्टीरिया, वायरस या अन्य परजीवी आदि आपके हृदय की मांसपेशियों के संपर्क में आते हैं। इस संक्रमण में दिल की अंदरूनी परत, वाल्व और बाहरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है जिसकी वजह से हृदय की मांसपेशियों में सूजन आदि की समस्या भी होती है। डॉ. टी.एस. क्लेयर बताते हैं कि हार्ट इंफेक्शन के मुख्यतः तीन प्रकार होते हैं।

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1. एंडोकार्टिटिस (Endocarditis)

एंडोकार्डिटिस दिल के वाल्व की अंदरूनी परतों पर होने वाले संक्रमण को कहा जाता है। इस समस्या में एंडोकार्डियम (दिल की अंदरूनी परत) में सूजन और संक्रमण हो जाता है। यह समस्या शरीर के किसी अंग से बैक्टीरिया, कवक और परजीवी आदि के हृदय तक पहुंचने की वजह से होती है। एंडोकार्डियम हार्ट चैम्बर और हृदय वाल्वों के अंदर स्थित होता है। एंडोकार्डिटिस हृदय संक्रमण का सबसे आम प्रकार है। यह अक्सर पहले से वाल्व रोग और दिल से जुड़ी अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों में होता है। इस इंफेक्शन का समय पर इलाज न होने की स्थिति में मरीज को गंभीर समस्याएं होती हैं।

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2. मायोकार्डिटिस (Myocarditis)

मायोकर्डिटिस दिल के संक्रमण से जुड़ी एक दुर्लभ समस्या है जो वायरल संक्रमण और ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया की वजह से होती है। इस समस्या में हृदय की मांसपेशियों में सूजन होती है। मायोकार्डिटिस इंफेक्शन हृदय की बीच की मांसपेशियों को अपना शिकार बनाता है। हालांकि यह एक दुर्लभ संक्रमण है जो कि बहुत कम लोगों में देखने को मिलता है लेकिन इससे संक्रमित होने वाले व्यक्ति को हार्ट फेलियर और जान गंवाने की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। यह संक्रमण किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। 

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3. पेरिकार्डिटिस (Pericarditis)

पेरीकार्डिटिस संक्रमण, पेरीकार्डियम झिल्ली में होता है। पेरीकार्डियम दिल को ढकने वाली बाहरी परत को कहते हैं। यह संक्रमण सबसे ज्यादा 20 से 50 साल की उम्र वाले लोगों में होता है। पेरिकार्डिटिस दिल में होने वाला सबसे आम वायरल संक्रमण है। हालांकि इसकी वजह से दिल को विशेष नुकसान नहीं पहुंचता है। समय पर इसका इलाज किये जाने पर मरीज जल्द ही स्वस्थ हो जाता है। पेरीकार्डिटिस के कुछ गंभीर मामलों में मरीज को सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है। 

हार्ट इन्फेक्शन के लक्षण (Common Symptoms of a Heart Infection)

हार्ट इंफेक्शन की समस्या में मरीज को सामान्य से गंभीर लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है। इंफेक्शन के प्रकार के अनुसार इसके लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। एंडोकार्टिटिस की समस्या में लक्षण बहुत स्पष्ट और तेजी से विकसित होते हैं और वहीं मायोकार्डिटिस इंफेक्शन बिना लक्षण के भी हो सकता है। हालांकि हृदय संक्रमण या हार्ट इंफेक्शन की समस्या में सामान्यतः सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और दर्द व बुखार जैसे आम लक्षण देखने को मिलते हैं। डॉ. टी.एस. क्लेयर के अनुसार हार्ट इंफेक्शन की समस्या में दिखने वाले प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • सीने में दर्द की समस्या।
  • सांस लेने में दिक्कत।
  • थकान।
  • चक्कर आना और बेहोशी।
  • दिल की धड़कन तेज होना।
  • तेज बुखार।
  • पेट और पैर में सूजन।
  • जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द होना।
  • पेशाब में खून आना।
  • नाखूनों के नीचे लाल, कोमल धब्बे।
  • त्वचा पर छोटे बैंगनी या लाल धब्बे।
  • आंखों का सफेद भाग या मुंह के अंदर दाग-धब्बे।

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हार्ट इंफेक्शन के कारण (What Causes Heart Infection?)

हार्ट इंफेक्शन मुख्यतः हानिकारक बैक्टीरिया की वजह से फैलता है। शरीर के तमाम अंगों के जरिये या खून के सर्कुलेशन के साथ ये बैक्टीरिया हृदय की मांसपेशियों तक पहुंचते हैं। जिसके बाद धीरे-धीरे ये फैलना शुरू करते हैं। हार्ट इंफेक्शन के प्रकार के आधार पर इंफेक्शन इन कारणों से फैलता है। 

1. पेरिकार्डिटिस एक वायरल संक्रमण या दिल के दौरे या दिल की सर्जरी के बाद हो सकता है। यह गठिया जैसे ऑटोइम्यून विकारों की वजह से भी हो सकता है।

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2. एंडोकार्डिटिस आमतौर पर तब होता है जब रोगाणु आपके रक्तप्रवाह के जरिये हृदय की मांसपेशियों तक पहुंचते हैं। ये बैक्टीरिया अस्वस्थ दांतों और मसूड़ों, त्वचा में दर्द, यौन संचारित संक्रमण या कैथेटर या सुई के जरिये भी फैल सकते हैं।

3. मायोकार्डिटिस आमतौर पर एक वायरल संक्रमण या ऑटोइम्यून बीमारी के कारण होता है। चूंकि यह एक दुर्लभ संक्रमण है, इसके कारणों पर अभी भी शोध किया जा रहा है।

हार्ट इंफेक्शन से ऐसे करें अपना बचाव (Tips to Prevent Heart Infection)

डॉ के के कपूर ने हमें जानकारी देते हुए बताया कि हार्ट इंफेक्शन का सबसे ज्यादा खतरा पहले से दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को होता है। ऐसे लोगों को डॉक्टर द्वारा बताई गयीए खानपान और जीवनशैली में बदलाव से जुड़ी सलाह को जरूर मानना चाहिए। हार्ट इंफेक्शन की समस्या से बचाव के लिए जरूरी टिप्स।

  • हार्ट इंफेक्शन के लक्षणों को पहचानें और समय पर इसकी जांच कराएं।
  • अपनी ओरल हेल्थ का विशेष ख्याल रखें।
  • दांत और मसूढ़ों को इंफेक्शन से बचाएं।
  • समय-समय पर डेंटल चेकअप जरूर कराएं।
  • गंदे और संक्रमित इंजेक्शन के इस्तेमाल से बचें।
  • खुद से किसी भी प्रकार की दवाओं का सेवन न करें।
  • शेड्यूल IV की दवाओं के इस्तेमाल से बचें।
  • त्वचा के संक्रमण से बचें और कट और घावों को साफ रखें।
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इस समस्या से बचाव के लिए दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अपने ओरल हेल्थ पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसे लोग जो पहले से दिल की बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें इस संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में इसके लक्षणों को पहचानकर समय से जांच के बाद इलाज करना चाहिए अन्यथा संक्रमण बढ़ने से दिल को गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

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