• shareIcon

बच्चों को है इंटरनेट की लत तो इन तरीकों से छुड़ाएं उनकी ये आदत

परवरिश के तरीके By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 02, 2018
बच्चों को है इंटरनेट की लत तो इन तरीकों से छुड़ाएं उनकी ये आदत

इंटरनेट पर दुनियाभर की जानकारी एक क्लिक की दूरी पर ही मौजूद है लेकिन इसमें कई गलत चीजें भी मौजूद हैं जिनसे बच्चों को दूर रहना चाहिए।

आजकल इंटरनेट ज्यादातर लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन गया है क्योंकि पिछले कुछ सालों में स्मार्ट फोन की पहुंच बहुत बड़े वर्ग तक हुई है। इसी कारण अब छोटे-छोटे बच्चे भी स्मार्टफोन पर गेमिंग, म्यूजिक, मूवी आदि का आनंद लेना आसानी से सीख जाते हैं। कुछ बड़ा होने पर बच्चे इंटरनेट से भी वाकिफ हो जाते हैं और ज्यादातर बच्चे इंटरनेट के आदी बन जाते हैं। इंटरनेट पर दुनियाभर की जानकारी एक क्लिक की दूरी पर ही मौजूद है लेकिन इसमें कई गलत चीजें भी मौजूद हैं जिनसे बच्चों को दूर रहना चाहिए। ऐसे में अगर आपके बच्चे को भी इंटरनेट की लत लग गई है, तो इन आसान टिप्स से उसकी इस लत को कम किया जा सकता है।

सर्च हिस्ट्री और एप्स की रखें जानकारी

अगर आपका बच्चा लैपटॉप या मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल करता है, तो आपको उनके द्वारा सर्च की गई हिस्ट्री पर नजर रखनी चाहिए। इसके साथ ही अगर आपने अपने बच्चे को पर्सनल यूज के लिए मोबाइल दिया है, तो आपको उसके मोबाइल के एप्स पर नजर रखनी चाहिए। अगर आपका बच्चा गेम्स का शौकीन है तो भी उसके गेम्स पर नजर रखिये। हाल-फिलहाल में कई ऐसे गेम्स आए हैं जो बच्चों को आत्महत्या के लिए उकसाते हैं।

इसे भी पढ़ें:- बच्चों में है फिजूलखर्ची की आदत, तो इन तरीकों से समझाएं उन्हें

फिल्म और गेम्स की लेकर चर्चा करें

बच्चे जो भी फिल्म देखते हैं या गेम खेलते हैं आप उस पर उनसे चर्चा कीजिए। जैसे आप पूछ सकते हैं कि फिल्म उन्हें कैसी लगी? गेम में उन्हें कितने एक्स्ट्रा प्वाइंट्स मिले? फिल्म का कौन सा किरदार उन्हें पसंद आया और क्यों? अगर आप इन बातों की बच्चों से चर्चा करते हैं तो इसके दो फायदे हैं- पहला तो ये कि चर्चा करने से बच्चों की जानकारी बढ़ेगी और दूसरा ये कि इससे बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर आपकी जानकारी बढ़ेगी।

आउट डोर गेम्स को बढ़ावा दें

बच्चे को अगर इंटरनेट की लत है तो उसे आउट डोर गेम्स के लिए प्रोत्साहित करें। कुछ माता पिता आउट डोर गेम्स को गलत मानते हैं और बच्चों को खेलने का बिल्कुल समय नहीं देना चाहते हैं। लेकिन बच्चों के लिए जितनी जरूरी पढ़ाई है उतना ही जरूरी खेल और खासकर आउटडोर खेल हैं। खेल-खेल में बच्चों के शरीर की कसरत हो जाती है और उनकी हड्डियों और मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है।

इसे भी पढ़ें:- बच्चे हों पियर प्रेशर का शिकार, तो इस तरह समझाएं उन्हें

टीवी और मोबाइल से रखें दूर

बच्चों के सोने के कमरे में कभी भी टीवी न लगाएं और सोने से पहले उनसे मोबाइल आदि डिवाइसेज ले लें। टीवी हमेशा कॉमन रूम में लगाएं ताकि जब आप टीवी बंद करके बच्चों को सोने को कहें, तो टीवी उनकी नजर के सामने न रहे। इसी तरह मोबाइल के इस्तेमाल के बाद रात में सोने से पहले उनसे डिवाइस वापस ले लीजिए या उसे स्विच ऑफ करके बच्चों की पहुंच से दूर रख दीजिए।

इंटरनेट इस्तेमाल का समय निश्चित करें

बच्चों को इंटरनेट के इस्तेमाल की आजादी देना ठीक है लेकिन इसके लिए एक निर्धारित समय रख दें। पहले-पहल बच्चे इसमें नाराजगी जाहिर करेंगे लेकिन बाद में खुद को इसके मुताबिक ढाल लेंगे। बच्चों को कुछ ऐसे काम करने को कह सकते हैं जिनमें उन्हें आमतौर पर मजा आता है जैसे नए पेड़ लगाना, पौधों को पानी देना आदि

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Parenting Tips In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK