भूख और क्रेविंग के बीच का समझें अंतर, Rujuta Diwekar से जानें मीठे की क्रेविंग को दूर करने वाले 3 टिप्स

क्रेविंग और भूख के बीच के अंतर को समझ कर ही आप अपने क्रेविंग्स को आसानी से कंट्रोल कर पाएंगे। तो जानते हैं शुगर क्रेविंग कंट्रोल करने के टिप्स।

Pallavi Kumari
स्वस्थ आहारWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jun 16, 2021
Updated at: Jun 16, 2021
भूख और क्रेविंग के बीच का समझें अंतर, Rujuta Diwekar से जानें मीठे की क्रेविंग को दूर करने वाले 3 टिप्स

मीठे की क्रेविंग, आपको लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों जैसे कि मोटापा और डायबिटीज का शिकार बना सकती है। ऐसा इसलिए कि मीठे की क्रेविंग पर कुछ भी खाना स्ट्रेस या इमोशनल ईटिंग में आता है और इससे हमारे मेटाबोलिज्म पर दबाव पड़ता है। इस स्थिति में हमारा मेटाबोलिज्म सही से काम नहीं कर पाता और ये अनडाइजेस्टेड फूड ही मोटापा बढ़ने और ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी का कारण बनता है। पर परेशानी ये है कि ज्यादातर लोगों से अपनी शुगर क्रेविंग (sugar cravings) कंट्रोल नहीं होती। सेलिब्रिटी डाइटिशियन रुजुता दिवेकर (Rujuta Diwekar) ने हाल ही में शुगर क्रेविंग को कंट्रोल करने का उपाय (how to stop sugar cravings instantly) बताया।  पर उससे पहले रुजुता दिवेकर ने भूख और क्रेविंग के बीच का अंतर बताया जिसे ज्यादातर लोग समझने में गलती कर देते हैं। तो,आइए समझते हैं इन दोनों का फर्क और फिर जानेंगे कि शुगर क्रेविंग को कैसे कम करें। 

Inside2sugarcraving

भूख और क्रेविंग के बीच का अंतर -Hunger and craving difference

सेलिब्रिटी डाइटिशियन रुजुता दिवेकर (Rujuta Diwekar) की मानें, तो भूख लगने पर मीठा खाना कोई नुकसानदेह चीज नहीं है पर अगर आपको अचानक से सिर्फ मीठा खाने का मन करे, तो ये आपके लिए नुकसानदेह है।  दरअसल, अचानक से किसी चीज को खाने का मन या सिर्फ एक ही चीज को खाने की चाहत रखना ही क्रेविंग (craving) है। जबकि भूख (Hunger) एक लंबा और हेल्दी प्रोसेस है। भूख लगने पर आपका पेट खाली लगता है और आपको महसूस होता है कि आपको कुछ खाना है, ये नहीं कि आपको सिर्फ मीठा या सिर्फ तीखा खाना है।

इसके अलावा भूख को ऐसे भी समझ सकते हैं कि भूख आमतौर पर धीरे-धीरे आती है और इसमें पेट में हल्का दर्द जैसे शारीरिक लक्षण भी हो सकते हैं। ऐसे में आपका ध्यान केंद्रित नहीं हो पाता है या थोड़ा चक्कर भी आ सकता है। इसका मतलब ये है आपका शरीर आपको बता रहा है कि उसे एनर्जी की जरूरत है और आपको खाने की जरूरत है। खाने के बाद ये भावनाएं गायब हो जाती हैं और कई घंटों तक नहीं आती हैं। पर क्रेविंग में आपको किसी खास चीज खाने का जुनून चढ़ता है।

 
 
 
View this post on Instagram

A post shared by Rujuta Diwekar (@rujuta.diwekar)

इसे भी पढ़ें : लीची है पसंद तो गर्मियों में जरूर बनाएं ये 'लीची ड्रिंक', स्वाद के साथ सेहत को मिलेंगे ये 9 फायदे

क्रेविंग किस बात का संकेत है?

भूख और क्रेविंग की अगर आपको बार-बार क्रेविंग हो रही है, तो वो इस बात का संकेत है कि आप पूरी तरह से हेल्दी नहीं है या फिर इस स्वास्थ्य से जुड़ी स्थितियों से गुजर रहे हैं। जैसे कि

  • -विटामिन बी 12 की कमी 
  • -आपको ब्लोटिंग है या फिर एसिडिटी हो रही है
  • -शरीर में पानी की कमी है
  • -आप अच्छी नींद नहीं लेते
Inside3pickles

क्रेविंग को दूर करने वाले टिप्स-Tips to beat sugar cravings

1. अचार या मुरब्बा खाएं

अचार और मुरब्बा फर्मेंटेड फूड्स हैं, जो  भूख और चीनी के सेवन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। अचार और मुरब्बा में लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया होते हैं, जो आपके आंत में गुड बैक्टीरिया को विकसित करते हैं। साथ ही ये लैक्टिक एसिड को बढ़ावा देता है, जो कि खाद्य पदार्थों को पचाने में मदद करते हैं। अगर आपका खाना पच जाएगा तो, आपको पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कि ब्लोटिंग और एसिडिटी नहीं होगी और ये सब क्रेविंग को ट्रिगर नहीं करेंगे। 

इसे भी पढ़ें : गर्मियों में पेट को ठंडा रखने, पाचन और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए पिएं ये चटपटा और स्वादिष्ट जलजीरा

2. रागी, ज्वार और बाजरा खाएं

रागी, ज्वार और बाजरा फाइबर से भरपूर होते हैं। ये पाचन तंत्र को सही रखता है और लंबे समय के लिए भरा हुआ महसूस करवाता है। इसके अलावा इन्हें खाने से थायराइड ग्लैंड के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद मिलती है जो हार्मोनल असंतुलन को रोकता है। इसलिए हफ्ते में दो बार कम से कम रागी, ज्वार और बाजरा को बदल-बदल कर खाएं।

Inside1ragi

3. दाल का सेवन करें

हर रोज दाल बदल-बदल कर खाएं। ये शरीर में प्रोटीन की कमी को दूर करता है और हार्मोनल संतुलन को बढ़ावा देता है। इसका प्रोटीन आपको लंबे समय तक भरा-भरा महसूस करवाता है और क्रेविंग को रोकता है। तो, दाल को अपने खाने में जरूर शामिल करें।

क्रेविंग से बचने के लिए जरूरी है कि आप ढ़ेर सारी सब्जियां और फाइबर युक्च चीजों को खाएं। साथ ही खूब पानी पिएं जिससे आप डिहाइड्रेशन के कारण होने वाली क्रेविंग के शिकार न हो। तो, स्ट्रेस फ्री रहें, एक्सरसाइज करें और क्रेविंग होने पर कुछ भी खाने से बचें। 

Read more articles on Healthy-Diet in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK