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स्लिम ट्रिम रहने के 22 टिप्स

एक्सरसाइज और फिटनेस By अन्‍य , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 04, 2011
स्लिम ट्रिम रहने के 22 टिप्स

आपका वज़न बढ़ रहा है और आप सारे काम छोड़ इंटरनेट पर बैठे अच्‍छे जिम ढूंढ रहे हैं। ऐसे समय मे आपकी इच्‍छा सिर्फ यही होती है कि आपको फिट रहने के सुरक्षित उपाय मिल जायें। ऐसे ही कुछ टिप्‍स हमारे पास भी हैं जिन्‍हें अपनाने के लिए आपको

Quick Bites
  • स्लिम बॉडी पाने के लिए सही व्‍यायाम करना जरूरी है।
  • बहुत जरूरी है कि आप अपनी आहार योजना का चार्ट बनायें।
  • कभी भी भरपेट न खायें, पेट में हमेशा कुछ जगह खाली छोड़ें।
  • तनाव और चिंता से दूर रहें और मानसिक व्‍यायाम भी करते रहें।

 

 

सेहतमंद जिंदगी हर किसी की चाह होती है, लेकिन उस जिंदगी को हासिल करने के लिए जिस मेहनत की जरूरत होती है, हममें से कितने लोग उस मेहनत को करते हैं। याद रखिए एक छरहरा बदन पाने के लिए आपको अपने आहार और व्‍यवहार में संयम बरतने की जरूरत होती है।

weight reducing tipsएक सुंदर व स्वस्थ शरीर पाने के लिए भी उतनी ही मेहनत, सब्र और धैर्य की जरूरत होती है, जितनीं किसी और काम के लिए। स्लिम-ट्रिम बनने के लिए अपनाएं ये टिप्स। 

 

  1. अपने शरीर की इज्‍जत करें और अनप्रॉसेस्ड खाद्य पदार्थो को जितना कम खा सकें खाएं। साथ ही रासायनिक तत्वों रहित भोजन करें। मैदा, तेल, मिर्च-मसालों, ड्रिंक्स आदि का सेवन बहुत ही कम करें। 
  2. यदि स्वास्थ्यप्रद भोजन खाने का बीड़ा उठाया है तो एक फूड डायरी बनाएं। आपने क्या खाया और उसका क्या असर हुआ, इसका एक चार्ट बनाएं। अच्छा प्रभाव पड़ने पर आप ज्यादा दिनों तक यही भोजन करना चाहेंगी। 
  3. एक विशेष प्रकार के भोजन को वजन कम करने के लिए बिल्कुल बंद कर देना ठीक नहीं। जैसे वजन घटाने के लिए स्‍त्रियां प्राय: चावल, आलू व मीठा खाना बिल्कुल बंद कर देती हैं। डॉ. मीना धामा डायटीशियन के अनुसार, 'हर प्रकार के भोजन में कुछ खास विटामिन व खनिज पदार्थ होते हैं जो अन्य चीजों में नहीं मिलते।'  इसलिए सभी प्रकार का भोजन करें पर मात्रा सीमित रखें। 
  4. बहुत बार सुनने व पढ़ने के बाद अब अमल भी करें- आठ गिलास पानी हर रोज पीएं। 
  5. भोजन पकाने में भी बुद्धिमानी दिखाएं। तलने के बजाय ग्रिल, माइक्रोवेव या बेक करें। नॉनस्टिक बर्तनों के इस्तेमाल से तेल कम लगेगा और कम कैलोरीज भीतर जाएंगी। 
  6. पेट भर जाने के बाद भी प्लेट में बचे भोजन को जबरदस्ती खाते रहने की आदत से जल्द से जल्द छुटकारा पाने की कोशिश करें। एक बार पेट भरने के बाद जो भोजन पेट में जाता है वह अतिरिक्त कैलोरी में बदल जाता है अत: या तो भोजन कम लें या फिर बचे हुए खाने को बाद में खाएं।  
  7. अपने स्वाद में कुछ परिवर्तन करें। चीज, तेल, मक्खन व सॉसयुक्त भोजन से हटकर कुछ दिन फलों व कच्ची सब्जियों का भी सेवन करके देखें। उबले भोजन में चाट मसाला या सिर्फ नमक, नीबू डालकर खाएं। फुल क्रीम दूध की जगह टोन्ड या डबल टोन्ड दूध का प्रयोग करें। 
  8. सुबह का नाश्ता हर रोज करें। यदि टोस्ट, सीरियल या परांठा न खाना चाहें तो एक गिलास फलों का या गाजर व टमाटर का जूस लें और साथ में हलका स्नैक्स। ब्रेकफास्ट न करना सेहत के लिए हानिकारक होता है। 
  9. बिजली के आधुनिक उपकरणों ने शरीर को निकम्मा बना दिया है। आप इनके कम इस्तेमाल से शरीर को वापस काम पर लगाकर अपनी मांसपेशियों को फिर से एक्टिव कर सकती हैं। ग्राइन्डर की जगह सिल पर पीसें, रोटीमेकर की जगह परम्परागत चकले-बेलन का प्रयोग करें, वॉशिंग मशीन हफ्ते में एक बार भारी कपड़े धोने के लिए चलाएं, रोजाना के कपड़े हाथ से धोएं। जिस दिन कामवाली न आए, पोंछा खुद लगाएं। 
  10. व्यायाम को एक काम या बोझ की तरह न लें। समझें कि यह उतना ही जरूरी है जितना भोजन। यदि जिम न जा सकें तो घर में ही हलका-फुलका व्यायाम करें या फिर एरोबिक्स ज्वाइन करें।   
  11. व्यायाम चाहे जैसा भी हो, उसके प्रभाव का लेखा-जोखा एक चार्ट पर लिखें। आपने एक विशेष व्यायाम कब शुरू किया, वजन कितना बढ़ा या घटा, एक विशेष दूरी आपने कितनी देर में नापी और शारीरिक क्या परिवर्तन हुए आदि का हिसाब रखने से आपको निर्णय लेने में सुविधा होगी।  
  12. विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें। गलत व्यायाम करने से अथवा गलत ढंग से करने पर व्यायाम का असर बुरा हो सकता है। कभी-कभी बात गंभीर भी हो सकती है। इसलिए व्यायाम शुरू करने से पूर्व फिटनेस एक्सपर्ट, ट्रेनर की सलाह लें या कोई क्लास ज्वाइन करें। 
  13. शरीर का सही पोस्चर आपको लंबी व पतली दिखने में मदद करेगा। कमर सीधी रखें और ज्यादा झुककर न बैठें। पेट की मांसपेशियों को भीतर खींचें और गहरी सांसें लेने की आदत डालें। शरीर का संतुलन मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।' कहती हैं योग प्रशिक्षिका शिखा मित्तल। 
  14. अपनी मेहनत के नतीजे को बार-बार देखने की इच्छा पर कंट्रोल करें। वजन तौलने की मशीन पर बार-बार अपना वजन देखने की इच्छा होना स्वाभाविक है, पर इससे बेहतर होगा कि आप अपने ढीले या कसते हुए कपड़ों से बढ़ते व घटते वजन का अनुमान लगाएं या फिर इस बात का एहसास करें कि आप कैसा अनुभव कर रही हैं-ज्यादा फुर्तीलापन या फिर आलस्य या थकान। 
  15. अपनी छोटी-छोटी जीतों का जश्न मनाएं-चाहे फ्रूट क्रीम को दोबारा खाने की इच्छा पर कंट्रोल हो या फिर जिम में 10 मिनट ज्यादा मेहनत करने का काम। स्वयं को ऐसे ईनाम दें जो खाने से न जुड़े हों। शॉपिंग करें या फिर आराम से लेटकर मनपसंद संगीत सुनें या किताब पढ़ें। 
  16. इस योजना, मेहनत या लक्ष्य के रास्ते में यदि आपसे कोई एक गलती हो जाए तो निराश न हों। सोचें कि हम सब इंसान है और गलती किसी से भी हो सकती है। अपनी भूल को आगे बढ़ने में रुकावट न बनाएं। भूल को सुधारें या भूल जाएं और फिर से आगे बढ़ने की दिशा में चल पड़ें।  
  17. यदि कोई आपको कॉम्पलीमेंट दें तो हंसकर स्वीकार करें न कि किसी नेगेटिव कमेंट से उसे नकार दें। मुस्कुरा कर, धन्यवाद दें और उससे मिली खुशी का मजा लें।  
  18. व्यस्त रहना भी स्लिम होने की दिशा में बढ़ा एक कदम है। आखिर काम करते-करते ज्यादा खाना तो नहीं खाया जा सकता। हां, खाली बैठे भोजन का खयाल जरूर दिमाग में बार-बार आ सकता है।  
  19. वजन घटाने तक उस काम को करने का इंतजार न करें जो आप बहुत दिनों से करना चाहती थीं। नया हेयर स्टाइल या नए ढंग के कपड़े पहनने का वजन घटाने से कोई सीधा संबंध नहीं है।
  20. सब्र जैसे गुण का विकास वजन घटाने के विचार से पहले करें। कोई भी जादू की छड़ी रातोंरात आपका वजन कम नहीं कर सकती। सब्र से काम लें और अपनी मेहनत का फल पाने का इंतजार करें। यदि आपने सचमुच लगन से काम किया है तो आपके सब्र का फल भी मीठा होगा। 
  21. दूसरों की देखा-देखी या बिना सोचे-समझे खुद को रैम्प या फैशन शो की मॉडल बनाने पर उतारू न हों। जो दूसरों के लिए कारगर है जरूरी नहीं वह फार्मूला आप पर भी असर करे। सही व संतुलित भोजन व व्यायाम के साथ-साथ वही रुटीन अपनाएं जो आपकी स्थिति, पसंद व आवश्यकताओं पर आधारित हो। 
  22. इच्छाशक्ति वह शक्ति है जो हम सब में पैदाइशी नहीं होती, बल्कि उसका विकास हमें अपने अंदर करना पड़ता है। जैसे जिम में वजन उठाने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, वैसे ही अनुशासन से हमारी इच्छाशक्ति बढ़ती है। हम जब भी किसी इच्छा या लालच पर नियंत्रण करते हैं या किसी खास अनुशासन को चुनते हैं तो अपनी इच्छाशक्ति को और मजबूत बनाते हैं। यही अनुशासन और इच्छाशक्ति हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचाने में सहायक होती है।

 

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सौजन्‍य: सखी

Written by
अन्‍य
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागFeb 04, 2011

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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