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दिमागी बुखार से बचने के उपाय

लेटेस्ट By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 16, 2011
दिमागी बुखार से बचने के उपाय

जापानी इंसेफ्लाइटिस सुअरों में पाए जाने वाले आरबो वायरस से फैलता है।

Dimagi bukhar se bachne ke upaay

दिमागी बुखार यानी जापानी इंसेफ्लाइटिस की चर्चा आजकल जोरो पर हैं। दरअसल, इस बुखार के फैलने का मुख्य कारण हैं सुअर। सुअरों में पाए जाने वाला आरबो वायरस इस बुखार का कारण है। जब किसी सुअर को क्यूलेक्स मच्छर काटता है तो वह सुअर आरबो वायरस के कारण इस बुखार से पीडि़त हो जाता है। जब क्यूलेक्स मच्छर में आरबो नामक वायरस जाता है और ये मच्छर जब किसी को काटते हैं तो वह जेई नामक बीमारी से पीडि़त हो जाता है। गौरतलब है कि ये बीमारी ब्रेन के थैलसम को प्रभावित करती है जिसके कारण इसे दिमागी बुखार भी कहा जाता है। दिमागी बुखार के दौरान, याददाश्त तक जाने का डर रहता है। इसके अलावा कोमा में जाना, आवाज चली जाना, लकवा मारना, शरीर के एक हिस्से में कंपन शुरू हो जाना इत्यादि होने लगता है। इतना ही नहीं दिमागी बुखार से जान तक जा सकती है।

  • यदि आप दिमागी बुखार से बचना चाहते हैं तो उसके लिए आपको जरूरत है साफ-सफाई रखने की। इतना ही नहीं आपको सुअरों को ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां दूर-दूर तक मच्छर ना पनप पाएं। इसके लिए आप मच्छर निरोधी मच्छरदानी या कीटनाशक दवा का उपयोग भी कर सकते हैं। जिससे सुअरों के आसपास मच्छरों को पनपने से बचाया जा सकता है।
  • यदि आप दिमागी बुखार से पीडि़त व्यक्ति के आसपास ही हैं तो कोशिश करें कि जब भी कुछ खाएं तो अच्छी तरह से हाथ धोकर खाएं।
  • दिमागी बुखार पीडि़त व्यक्ति से दूरी बनाए रखें तो अच्‍छा है।
  • दिमागी बुखार से बचने के लिए पहले से ही हिमोफिलीस इन्फ्लूएंजा टाइप बी (एचआईबी) वैक्सीन लगवा लें जिससे आपका इम्युन सिस्टम इस वायरस से लड़ सकें।
  • जंकफूड ना खाएं और पौष्टिक खाने को प्राथमिकता दें खासकर विटामिन युक्ति खाघ पदार्थों को।
  • अगर आपको फ्लू हो या फिर हल्का बुखार भी हो तो इसे हल्के में ना लें बल्कि बिना देर किए अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
  • बदलते मौसम खासकर सर्दियों में अपने इम्युन सिस्टम को मजबूत बनाएं। इसके लिए आप नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • यदि आपके क्षेत्र में दिमागी बुखार फैला हुआ है तो मास्क का प्रयोग करने में ना शरमाएं।
  • यदि आपको कानों की कोई समस्या है तो उसका तुरंत इलाज करवाएं। कानों में दर्द या कोई समस्या से भी आप दिमागी बुखार के वायरस की चपेट में आ सकते हैं।
  • सामान्य से ज्यादा एल्कोहल का सेवन ना करें, इससे आपमें दिमागी बुखार होने की आशंका सामान्य से दुगुनी बढ़ जाती है।
  • खुद तो दिमागी बुखार से बचने के लिए वैक्सीन लें ही साथ ही अपने परिवार के सदस्यों को भी वैक्सीन दिलवाएं और डॉक्टर से वैक्सीन के बारे में सभी जानकारी लें।
  • धूम्रपान लेने से और इसके धुएं से बचें।


    दिमागी बुखार के दौरान अचानक मिर्गी के दौरे की तरह झटका लगता हैं और अचानक बुखार बहुत बढ़ जाता है। दिमागी बुखार के लिए हालांकि कोई ठोस इलाज मौजूद नहीं है लेकिन उसका निदान संभव है और थोड़ी सी देखभाल और साफ-सफाई से दिमागी बुखार से बचाव संभव है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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