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बच्चों के दांत निकलें तो इन बातों का रखें खयाल, नहीं तो होगी परेशानी

नवजात की देखभाल By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 11, 2018
बच्चों के दांत निकलें तो इन बातों का रखें खयाल, नहीं तो होगी परेशानी

छोटे बच्चों के पहली बार दांत निकलते हैं तो माता-पिता को खुशी होती है लेकिन बच्चों को इस समय काफी दर्द होता है। इसीलिए दांत निकलते समय बच्चे ज्यादा रोने लगते हैं और चिड़चिड़े हो जाते हैं।

छोटे बच्चों के पहली बार दांत निकलते हैं तो माता-पिता को खुशी होती है लेकिन बच्चों को इस समय काफी दर्द होता है। इसीलिए दांत निकलते समय बच्चे ज्यादा रोने लगते हैं और चिड़चिड़े हो जाते हैं। पहली बार के दांतों को कुछ लोग 'दूध के दांत' भी कहते हैं। आमतौर पर दांत निकलने की प्रक्रिया 6-8 महीने में शुरू हो जाती है। इस समय बच्चों में दर्द के अलावा लार ज्यादा निकलना, बुखार और दस्त के भी लक्षण देखे जाते हैं। इसलिए इस समय बच्चों का विशेष खयाल रखने की जरूरत होती है।

साफ-सफाई का ध्यान रखें

दांत निकलते समय बच्चे बेचैन हो जाते हैं इसलिए वे अपने आसपास पड़ी किसी भी चीज को उठाकर मुंह में भरने लगते हैं। इसलिए इस दौरान बच्चों के आसपास के सामानों पर नजर रखें। उनके पास कोई ऐसी चीज नहीं रखनी चाहिए जो जहरीली हो, हानिकारक हो या दूषित हो। इस बेचैनी को दूर करने के लिए बच्चों को टीथर दिया जाता है।

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नैचुरल टीथर दें

टीथर हम उस चीज को कहते हैं जो बच्चों को मुंह में भरने के लिए दिया जाता है। दांत को दबा कर रखने से इसका दर्द कम होता है इसलिए बच्चे बार-बार चीजों को मुंह में भरते रहते हैं। ऐसे में बच्चों को हार्ड फल और सब्जियां टीथर के तौर पर दी जा सकती हैं। लेकिन ध्यान रखें कि इन्हें अच्छे से साफ कर लिया गया हो और इसका छिलका उतार दिया गया हो क्योंकि बच्चों का पेट छिलका नहीं पचा सकता है। इसके अलावा बहुत नर्म फल या सब्जी भी बच्चों को नहीं देनी चाहिए क्योंकि इसे वे मसूढ़ों से काट लेंगे और फिर वो गले में फंस सकती है।

प्लास्टिक के टीथर खतरनाक हैं

दांत निकलते समय बच्चों को मुंह में भरने के लिए बाजार में कई तरह के रंग-बिरंगे और फ्लेवर्ड टीथर उपलब्ध हैं। मगर प्लास्टिक के ये टीथर बच्चों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इससे उनके मसूढ़े जख्मी हो सकते हैं। इसके अलावा प्लास्टिक के टीथर को मुंह में भरने से उनका केमिकल और रंग बच्चों के मुंह में जाता रहता है, जिसके कई दुष्परिणाम हो सकते हैं। इससे बच्चों की ग्रोथ पर प्रभाव पड़ता है। अगर टीथर का इस्तेमाल करें ही तो बी.पी.ए. फ्री टीथर का इस्तेमाल करें।

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नुकीली चीजें दूर रखें

कई बार हम अंजाने में ही बच्चों के आसपास कुछ ऐसा सामान छोड़ देते हैं जो हमें खतरनाक नहीं लगते मगर बच्चों के नर्म मसूढ़ों को जख्मी कर सकते हैं जैसे चम्मच, चाभी, पेन या मोबाइल आदि। इस तरह की चीजें मुंह में भरकर जब बच्चें उसे काटने का प्रयास करते हैं तो उनके मसूढ़े कट जाते हैं और कई बार उनमें से खून निकलने लगता है।

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