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वर्किंग मॉम हैं तो इस तरह निकालें बच्चों की देखभाल के लिए समय

परवरिश के तरीके By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 01, 2018
वर्किंग मॉम हैं तो इस तरह निकालें बच्चों की देखभाल के लिए समय

ऐसे में अगर मां-बाप बच्चों को पर्याप्त समय नहीं देते हैं, तो बच्चों से उनकी बॉन्डिंग प्रभावित होती है और कई बार बच्चे बिगड़ जाते हैं। कामकाजी महिलाओं को बच्चों के लिए तब तक समय निकलना बहुत जरूरी है, जब तक कि वे समझदार नहीं हो जाते हैं।

अगर आप नौकरी में हैं और मां भी हैं, तो कई बार घर और ऑफिस के कामों में बच्चों के लिए आपको समय नहीं मिलता है। बच्चों का बचपन ही उनके भविष्य का आधार बनता है। ऐसे में अगर मां-बाप बच्चों को पर्याप्त समय नहीं देते हैं, तो बच्चों से उनकी बॉन्डिंग प्रभावित होती है और कई बार बच्चे बिगड़ जाते हैं। कामकाजी महिलाओं को बच्चों के लिए तब तक समय निकलना बहुत जरूरी है, जब तक कि वे समझदार नहीं हो जाते हैं। आइए आपको बताते हैं कि किस तरह नौकरी और घर के काम के साथ आप बच्चों के लिए थोड़ा मगर क्वालिटी टाइम निकाल सकती हैं।

घर के काम में पार्टनर का सहयोग लें

महिलाएं हमेशा यही चाहती हैं कि वे हर काम को परफेक्ट तरीके से पूरा करें। इसमें कोई बुराई नहीं है। ज्यादातर वर्किंग महिलाएं घर को सजाने, संवारने और रिश्तेदारों को फोन करने में अपना समय खराब करती हैं। लेकिन जब आपके बच्चे छोटे हों या टीनएज में हों, तो घर की सजावट और दोस्तों से बातचीत से ज्यादा आपकी जरूरत आपके बच्चों को होती है। इसलिए कामकाजी मांओं को चाहिए कि घर के कामकाज में कुछ हद तक समझौता करें लेकिन बच्चों के साथ रोज थोड़ा समय जरूर बिताएं। अपने हसबैंड या घर के अन्य सदस्यों से काम बांटें और यदि ये संभव नहीं है, तो बड़े कामों के लिए मेड रख सकती हैं। अगर आपके बच्चे थोड़ा बड़े हो गए हैं, तो काम में उनकी भी मदद ले सकती हैं।

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स्मार्ट फोन से बनाएं दूरी

जब आप अपने बच्चों के साथ हैं, उस दौरान अपने स्मार्ट फोन को खुद से दूर रखें। इस बीच अपने बच्चों को सौ फीसदी अटेंशन दें। उनकी हर बात सुनें। उनकी हर बात पर प्रतिक्रिया करें। इस तरह स्मार्ट फोन को खुद से दूर करके आप अपने बच्चों को क्वालिटी टाइम दे सकती हैं। इससे आपकी और आपके बच्चों के बीच बेहतर बॉन्डिंग भी स्थापित होती है।

वीडियो और कॉलिंग द्वारा कम करें दूरी

माडर्न टेक्नोलाजी ने हमें कई तरह की सहुलियतें दी हैं। इसलिए इसका पूरा लाभ उठाना ही समझदारी है। कहने का मतलब यह कि अगर ऑफिस से घर लौटने में देर हो रही है, तो बच्चों के साथ व्हाट्सएप, स्काइप जैसे एप्स के जरिए जुड़ें और उनसे बातचीत करें। साथ ही उनके साथ वीडियो चैट भी करें ताकि बच्चों से दूर होने का एहसास आपको ज्यादा परेशान न करे। हालांकि ऑफिस में बिजी होते हुए ये सब मुश्किल हो सकता है। लेकिन आप अपने बच्चों को कह सकती हैं कि वे स्काइप या व्हाट्सएप के जरिए सभी जरूरी मैसेज आपको बताएं ताकि उन्हें कोई समस्या हो तो आप उसे जान व समझ सकें।

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शॉपिंग में न करें वक्त बर्बाद

महिलाओं को शॉपिंग करना बहुत ज्यादा पसंद होता है। हालांकि तमाम रिसर्च इस बात का भी दावा करते हैं कि शापिंग करने से तनाव का स्तर कम होता है और फील गुड हारमोन रिलीज होते हैं, जिससे हमें खुशी का अहसास होता है। लेकिन जब बात बच्चों को समय देने की हो तो आपको समझना होगा कि शापिंग से ज्यादा जरूरी आपके बच्चे हैं। अगर शापिंग के लिए जाना जरूरी है तो बच्चों को साथ ले जाएं। यदि उन्हें साथ ले जाना संभव नहीं है, तो आनलाइन शापिंग करें और होम डिलीवरी के विकल्प को चुनें। इससे आपका समय बचेगा और बचे हुए समय को बच्चों को देना ज्यादा लाभकारी होगा।

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