Tears: आंसुओं को रोके नहीं बहने दें! आंसुओं को रोकने से शरीर पर पड़ते हैं ये प्रभाव,जानें होने वाली परेशानियां

Updated at: Aug 24, 2020
Tears: आंसुओं को रोके नहीं बहने दें! आंसुओं को रोकने से शरीर पर पड़ते हैं ये प्रभाव,जानें होने वाली परेशानियां

क्या आप जानते हैं आंसुओं को बहने से रोकना आपके शरीर के लिए कैसा हो सकता है। अगर नहीं तो जानें आंसुओं को रोकने के नुकसान।

 

Jitendra Gupta
विविधWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Aug 24, 2020

क्या आपने कभी सोचा है कि क्या लोग सिर्फ दुखी होने पर ही रोते हैं ? अगर नहीं तो जान लीजिए कि कोई भी व्यक्ति कभी-कभी चिंतित होने, बहुत ज्यादा खुशी या बेचैनी में भी रोता है। रोना तब शुरू होता है जब हमारा मस्तिष्क हमारे शरीर की तनाव प्रतिक्रिया को सक्रिय करता है। हालांकि मस्तिष्क द्वारा रोने वाली प्रक्रिया पर बहुत ज्यादा अध्ययन नहीं हुए हैं लेकिन हम सभी उस अनुभूति से वाकिफ हैं जिसे हम महसूस करते हैं या फिर जब हम अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश करते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि जब हम अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश करते हैं तो इससे हमारे शरीर पर क्या प्रबाव पड़ता है। 

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तनाव को नियंत्रित करता है आपका मस्तिष्क 

हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग के अनुसार, जब भी रोते हैं या फिर आपकी आंख से आंसू निकलने वाली प्रक्रिया शुरू होती है तो हमारी तनाव प्रतिक्रिया एमीगडाला (amygdala)के लिए काम करना शुरू कर देती है। ये एक प्रकार की भावना का अहसास है, जो हमारे मस्तिष्क के अंदर का ग्रे पदार्थ होता है। एमिगडाला, हाइपोथैलेमस (hypothalamus) को एक संकेत भेजता है, जो शरीर के बाकी हिस्सों को उसके अनुसार कार्य करने के लिए कहता है। यह हमारी पिट्यूटरी ग्लैंड को बताता है कि कुछ खतरा (तनाव) है, जो ग्रंथि को एड्रेनोकोर्टिकोट्रोपिक हार्मोन रिलीज करने के लिए ट्रिगर करता है। 

उसके बाद ये हार्मोन फिर एड्रीनल ग्लैंड की यात्रा करते हैं, जो किडनी के ठीक ऊपर स्थित होता है और यह कॉर्टिसोल, तनाव हार्मोन को छोड़ने का कारण बनता है। हाइपोथैलेमस भी सहानुभूति तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है। ये सिस्टम का एक हिस्सा है, जो शरीर के कार्यों को नियंत्रित करता है और लड़ाई से लेकर उत्साह रिस्पॉन्स में ट्रिगर हो जाते हैं।

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बढ़ जाती है आपके दिल की धड़कन 

जब आप रोने ही वाले होते हैं लेकिन आप अपने आंसू को रोकने की कोशिश करते हैं, तो आपका सहानुभूति तंत्रिका तंत्र आपके हृदय गति और आपके हृदय की मांसपेशियों के संकुचन को गति देता है। जब आपकी बड़ी  रक्त वाहिका पतली हो जाती है, तो यह रक्त की मात्रा को बढ़ा देता है, जो शरीर के इन भागों में पंप हो जाता है और इस प्रकार आपका रक्त प्रवाह बढ़ जाता है।

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आपका सांस लेना का तरीका बदल सकता है

जब आप इंटेंस भावनाओं का अनुभव करते हैं और आप अपने शरीर को इसे रिलीज करते हैं तो आपको सांस की तकलीफ और तेजी से सांस लेने का अनुभव हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आप तनावग्रस्त होते हैं, तो नाक और फेफड़ों के बीच का वायुमार्ग तंग हो जाता है।

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तनाव होने पर कैसे प्रतिक्रिया करती हैं मांसपेशियां 

हार्मोन के तेजी से रिलीज होने पर शरीर की सभी मांसपेशियों को अतिरिक्त रक्त पहुंचता है। यह तब और अधिक होता है जब कोई शारीरिक तनाव होता है, जैसे कोई कार आपके रास्ते में आ रही हो। आप जल्दी से साइड में हो जाते हैं, इससे पहले कि आप होशपूर्वक अपने रास्ते में आने वाली कार को पहचान सकें।

क्यों आंसुओं को रोकते हैं लोग 

बहुत से लोग विभिन्न कारणों से रोने की इच्छा महसूस करते हैं। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी महिलाएं हर महीने 3.5 बार रोती हैं, जबकि अमेरिकी पुरुष 2010 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार हर महीने लगभग 1.9 बार रोते हैं। चीन में महिलाएं अमेरिका में महिलाओं की तुलना में भी अधिक रोती हैं। 

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