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Kidney Stones: किडनी की पथरी से पाना है छुटकारा तो जीवनशैली में करें ये 5 बदलाव, गुर्दे रहेंगे स्वस्थ

अन्य़ बीमारियां By धीरज सिंह राणा , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 14, 2019
Kidney Stones: किडनी की पथरी से पाना है छुटकारा तो जीवनशैली में करें ये 5 बदलाव, गुर्दे रहेंगे स्वस्थ

गुर्दे में पथरी एक क्रिस्टलीय और हार्ड मिनरल सामग्री है, जो किडनी के अंदर या हमारे मूत्र पथ में बनती है। किडनी स्टोन हेमेटुरिया (पेशाब में खून) का एक आम कारण हैं और जिस वजह से अक्सर पेट, कमर और पीठ में गंभीर दर्द होता

किडनी में स्‍टोन की समस्‍या से आजकल बहुत लोग पीड़ित हो रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह आपके खान-पान की गलत आदतें हो सकती हैं। किडनी में पथरी यूरीन सिस्टम का एक रोग है जिसमें किडनी के अन्दर या आपके मूत्र पथ में छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं। आमतौर पर ये पथरियां यूरीन के रास्ते शरीर से बाहर निकाल जाती है। जब गुर्दे की पथरी मूत्रवाहिनी को ब्लॉक करती है, तो इससे गुर्दे में पेशाब जमा हो सकता है। इसके कारण आपको पेट, कमर और पीठ में गंभीर दर्द की समस्या भी हो सकती है। गुर्दे में पेशाव के रुकावट से कई संक्रमण भी पैदा हो सकती है, जिसके वजह से बुखार, ठंड लगना, मतली, उल्टी, बदबूदार मूत्र और मूत्र में रक्त संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकते हैंं। आइए जानते हैं किडनी की पथरी से छुटकारा पाने के लिए आपको अपने जीवनशैली में क्या-क्या बदलाव करनी चाहिए।

खूब पानी पिएं

ज्यादा से ज्यादा पानी पीने से आपका शरीर हाइड्रेटेड रहता है और पेशाब को पतला करता है। ये ऐसे लवण और खनिज के विकास को रोकने में आपकी मदद करता है जो गुर्दे में पथरी का कारण बनता है। आपको एक दिन में लगभग 8 कप मूत्र त्‍याग करना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आप पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीएं। इसके लिए रोजाना कम से 8 से 10 ग्‍लास पानी पीना चाहिए, इसके अलावा नींबू पानी या संतरे के रस को भी पी सकते हैं। इसमें सिट्रस होता है जो पथरी को बनने से रोकता है।

पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लें

आहार में कैल्शियम की मात्रा कम हाने से ऑक्सलेट का स्तर बढ़ सकता है जो गुर्दे में पथरी पैदा होने का कारण बनता है। इसे रोकने के लिए अपनी आयु के अनुसार उचित मात्रा में कैल्शियम का सेवन अवश्य करें। 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रतिदिन 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता है और इसे पूर्ण रूप से अवशोषित करने के लिए 800 से 1000 आईयू विटामिन डी की आवश्यकता होती है।

सोडियम का सेवन कम करें

उच्च सोडियम वाले आहार गुर्दे की पथरी को पैदा कर सकता है क्योंकि यह आपके मूत्र में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाता है। इसलिए पथरी से बचने के लिए कम सोडियम वाले आहार सेवन करने की सलाह दी जाती है। लोगों को प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा 2,300 मिलीग्राम सोडियम ही लेना चाहिए। यह आपके रक्तचाप और हृदय के लिए भी फायदेमंद रहता है।

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पशु आधारित प्रोटीन का सेवन कम करें

पशु आधारित प्रोटीन जैसे रेड मीट, पोल्ट्री, अंडे और समुद्री भोजन खाने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है और गुर्दे मेें पथरी होने की संभवना भी बढ़ जाता है। उच्च प्रोटीन आहार साइट्रेट के स्तर को कम करता है, यह मूत्र में पाए जाने वाला रासायन है जो गुर्दे में पत्थरों के विकास को रोकने में मदद करता है।

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पथरी बनने वाले खाद्य पदार्थों से बचें

चुकंदर, चॉकलेट, पालक, रूबर्ब, चाय, और अधिकांश नट्स में ऑक्सालेट और फॉस्फेट भरपूर होते हैं। ये दोनों ही गुर्दे में पथरी को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। यदि आपको किडनी में स्‍टोन है, तो डॉक्टर भी इन खाद्य पदार्थों से बचने या इनका सेवन कम मात्रा में करने की सलाह देते हैं।

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