महिलाओं के हार्मोन्स संतुलित रखने के लिए फायदेमंद है ये बीज, डॉ. स्वाती बाथवाल से जानें सेवन करने का तरीका

Updated at: Sep 11, 2020
महिलाओं के हार्मोन्स संतुलित रखने के लिए फायदेमंद है ये बीज, डॉ. स्वाती बाथवाल से जानें सेवन करने का तरीका

महिला और हार्मोन के उतार-चढ़ाव में पीसीओएस, बीज चक्र हार्मोन संतुलन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण फायदे दिखाता है।

Vishal Singh
महिला स्‍वास्थ्‍यReviewed by: स्वाती बाथवाल, इंटरनैशनल स्पोर्ट्स डायटीशियनPublished at: Sep 11, 2020Written by: Vishal Singh

पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम (PCOS) के मामलों के साथ महिलाओं के हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव चलता रहता है, इस उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए कद्दू के बीज और सूरजमुखी के बीज का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण हो सकता है। मशहूर डायटिशियन डॉ. स्वाति बाथवाल बताती हैं कि महिलाओं में हार्मोन्स को नियंत्रण में रखने के लिए आप कद्दू के बीज या सूरजमुखी के बीज का इस्तेमाल कर सकते हैं जो आपके हार्मोन्स को नियंत्रित रखेंगे। आपको बता दें कि इस तरह के कद्दू के बीज या सूरजमुखी के बीज और हार्मोन्स को नियंत्रित रखने को लेकर कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि यह पीसीओएस को उलट देता है, लेकिन हा ये कुछ हद तक इसके लक्षणों को कम करता है। 

इस चक्र से पहले करीब 14 दिनों में कद्दू के बीज आपके इस हार्मोन्स वाली समस्या को कम कर सकते हैं। इससे बचने के लिए आपको रोजाना 1 बड़ा चम्मच भुना या पिसा हुआ कद्दू के बीजों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही आप इस दौरान अलसी के बीज के पाउडर अपने स्मूदी में जोड़ सकते हैं। जैसे: मिल्कशेक, आटा, चावल पर छिड़का हुआ, बेकिंग में जोड़ा जाता है और पहले 14 दिनों के दौरान दिन के किसी भी समय सेवन किया जा सकता है, जो आपके हार्मोन्स में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होने देता।

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ऐसे करें हार्मोन को संतुलित

कद्दू के बीज का सेवन करने या इस्तेमाल करने के लिए आप इस चक्र के दौरान सलाद, पकी हुई सब्जियों, दाल या किसी अन्य सूप के साथ भी ले सकते हैं जो आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इस तरह इन बीजों का सेवन आपको करीब दिन में 2 बार करना जरूरी हो जाता है तभी ये आपके हार्मोन्स को संतुलित किए जाते हैं। 

एस्ट्रोजेन चरण के लिए सूप पकाने का तरीका

  • 150 ग्राम लाल कद्दू।
  • 2 बड़े प्याज, जो बहुत पतले तरीके से कटा हुआ हो।
  • 1 लहसुन की कली के साथ लौंग।
  • काफिर के पत्ते।
  • 1 चम्मच गाढ़ा नारियल का दूध या सामान्य दूध।
  • थोड़ा पानी।
  • 1 बड़ा चम्मच कद्दू के बीज।
  • 1 बड़ा चम्मच भरकर अलसी के बीज का पाउडर।
  • अपने स्वाद अनुसार इसमें नमक और काली मिर्च डालें।

विधि

कद्दू के सूप को बनाने के लिए आप सबसे पहले कद्दू को बड़े टुकड़ों में काट लें। इस सूप के लिए आपको प्याज पतला काटना है। अब आप कड़ाही में आप नमक के साथ लाल कद्दू के टुकड़े डालें। कुछ देर इसे पकाने के लिए आप इसमें थोड़ा सा पानी डाल लें। इसके बाद आप अगर चाहे तो लेमन ग्रास या काफिर चूने के पत्तों को जोड़ सकते हैं। फिर आप इस सब्जी को एक चिकने पेस्ट के रूप में ब्लेंड करें। 

इसको परोसने से पहले आप सूप को हीट से हटा दें और अब आप इसमें नारियल का दूध डालें या सामान्य दूध डालें। दूध डालने के बाद ध्यान रहे ये मिश्रण ज्यादा न उबले और कुछ मिनट बाद आप इसमें काली मिर्च पिसकर डाल दें।

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अजमोद, अलसी पाउडर और भुना हुआ कद्दू के बीज के साथ गार्निश करें। कद्दू के बीज को मिलाएं और फिर इसे बेक करने के लिए ओवन रख दें, इसे आप तब तक बेक करें जबतक ये कुरकुरा और टोस्ट न हो जाएं। 

सूरजमुखी और तिल के बीज है फायदेमंद

आपको बता दें कि ओव्यूलेशन के बाद ल्यूटल चरण शुरू होता है। यह करीब 14 दिनों तक रहता है और मासिक धर्म से ठीक पहले खत्म भी हो जाता है। इस स्थिति में कोरपस ल्यूटियम नामक एक संरचना बनाता है जो प्रोजेस्टेरोन को पैदा करने का काम करता है। इस चक्र के दौरान, आपको रोजाना 1 बड़ा चम्मच सूरजमुखी और तिल के बीज का सेवन करना चाहिए।

प्रोजेस्टेरोन चरण / लुटियल चरण के लिए नुस्खा:

मेवा लड्डू रेसिपी

  • 1 कप अखरोट।
  • 8-10 बादाम।
  • 1/4 कप चॉकलेट पाउडर।
  • 1 कप ताजा पिसा हुआ खजूर।
  • एक कप सूरजमुखी के बीज।
  • ½ कप तिल के बीज।

विधि:

  • मेवा के लड्डू बनाने के लिए आपको अखरोट, सूरजमुखी के बीज, तिल के बीज और कोको पाउडर को एक साथ मिलाना होगा। 
  • अच्छी तरह से इसका मिश्रण तैयार होने के बाद आप इसमें हल्का पानी डालें। जिससे कि लड्डू को आसानी से जोड़ा जा सके। 
  • मिश्रण को गोल कर और फिर नारियल में रोल करें। 
  • इसको 15 मिनट के लिए ठंडा करें। 

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जरूरी बात

  • अगर आपको इस तरह के लड्डू नहीं खाने तो आप आप इसका इस्तेमाल अपने सलाद और सब्जी या दाल में कर सकते हैं। सूरजमुखी के बीज आप दाल या सब्जियों पर छिड़क कर खा सकते हैं। आपको बता दें कि अगर आप इसे कच्चा भी खाना चाहते हैं तो आप इसे कच्चा भी खा सकते हैं। 
  • इस तरीकों को कम से कम 2 महीने तक पालन करना होगा तभी आप स्वास्थ्य में अंतर देख सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको लगता है कि आपको इन चीजों से समस्या हो सकती है तो पहले आप अपने डॉक्टर से इस बारे में संपर्क कर सकते हैं। 

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