Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

संक्रामक होता है टायफायड बुखार, जरूरी हैं ये सावधानियां वर्ना फैलता है वायरस

संक्रामक होता है टायफायड बुखार, जरूरी हैं ये सावधानियां वर्ना फैलता है वायरस
Quick Bites
  • टायफाइड सेलमोनेला टायफाई बैक्टीरिया द्वारा फैलता है।
  • इस बीमारी में लापरवाही अन्य बीमारियों को देती है न्योता।
  • आमतौर पर ये बुखार एक से दो हफ्तों तक रहता है।

टायफायड एक तरह का बुखार है, जो संक्रामक होता है। इसी कारण घर में किसी एक सदस्य को टायफायड होने पर अन्य सदस्यों को भी इसके होने का खतरा होता है। मौसम में बदलाव और कुछ गलत आदतों के कारण इस बुखार के वायरस आपको परेशान कर सकते हैं। टायफायड होने पर आमतौर पर जुकाम, खांसी, सिर-दर्द, बदन दर्द, बुखार जैसे समस्याओं की शिकायत रहती है| टायफाइड तेज़ बुखार से जुड़ा रोग है जो सेलमोनेला टायफाई बैक्टीरिया द्वारा फैलता है| यह बैक्टीरिया खाने या पानी से, मनुष्य द्वारा एक जगह से दूसरी जगह अन्य लोगों तक पहुंचता है| सेलमोनेला पेराटायफाई इसी प्रकार का एक बेकटीरिया है जो आम तौर पर कम गंभीर बीमारी का कारण बनता है| कई बार लापरवाही कि वजह से टायफाइड बुखार बिगड़ जाता है, जिससे कई और बीमारियां आपको घेर सकती हैं|


टायफाइड बुखार कैसे होता है?

जो पहले से ही बुखार या टायफाइड के मरीज़ हैं, वे अपने मल(stool) द्वारा आस-पास के पानी को दूषित कर देतें हैं, जिसमें अधिक मात्रा में बैक्टीरिया शामिल होता है| इस कारण से खाद्य पदार्थों का दूषित होना और भी आसान हो जाता है, जो टायफाइड के फैलने का एक प्रमुख कारण है|

कई मरीज़ों को बहुत ही हल्के से बुखार की शिकायत रहती है, जिसे वे गंभीरता से नहीं लेते, ये लोग जीवाणुओं की लंबी अवधि के वाहक बन जाते हैं| ये बैक्टीरिया गाल्ब्लैडर और लिवर में बढ़ता जाता है जो कई साल बाद टाइफाइड बुखार के नए प्रकोपों का स्रोत हो सकता है|

इसे भी पढ़ें:- टाइफाइड बुखार से बचाव के लिए घरेलू इलाज

टायफाइड बुखार के लक्षण

आमतौर पर ये बुखार एक से दो हफ्तों तक चलता है| टायफाइड के मरीज़ों को 103 से 104 डिग्री बुखार की शिकायत निरंतर रह्ती है| कई मरीज़ों में चेस्ट कंजेशन भी विकसित हो जाता है| इसके अलावा पेट दर्द की परेशानी आम है| पूरी तरह मरीज़ को ठीक होने में 4 से 6 हफ्ते लग जातें हैं| टायफाइड के दौरान मरीज़ को कईं तरह की समस्याओं का अनुभव होता है

  • भूख न लगना
  • सर दर्द
  • शरीर और जोड़ों में दर्द
  • बुखार
  • सुस्ती
  • डाईरिया

टायफाइड बुखार का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं द्वारा किया जाता है| एक सही एंटीबायोटिक थेरेपी से टायफाइड के मरीज़ को एक या दो दिन में ही आराम मिल जाता है और 7-10 दिनों में पूरी तरह से स्वस्थ होने की सम्भावना भी रेह्ती है| अगर आपका चिकित्सक आपको किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया इनफेक्शन की जानकारी देता है केवल तभी एंटीबायोटिक दवाएँ अपने चिकित्सक की सलह पर लेनी चाहियें। डाक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं को सही समय पर लें| ज़रा सी भी लापरवाही आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है|

इसे भी पढ़ें:- जापानी इन्सेफेलाइटिस और इसका भारत में बढ़ता प्रकोप

ध्यान रखें ये बातें

  • एंटीबायोटिक दवाओं का सही समय पर सेवन करें
  • अधिक पेय लें
  • स्वस्थ आहार लें

टाइफाइड बुखार की रोकथाम

किसी भी बीमारी से बचने का सबसे आसान तरीका है पहले से ही कुछ चीज़ों का परहेज़ करना| कुछ आसान दिशा-निर्देशों का ध्यान रखने से आप टाइफाइड बुखार की रोकथाम कर सकते हैं|

ध्यान रखें ये बातें

  • अपने हाथ थोड़ी-थोड़ी देर में धोते रहें| ऐसा करने से आप इंफेक्शन से दूर रह सकते हैं| खास तौर पर खाना बनाते समय, खाना खाते समय और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अपने हाथ धोयें|
  • अनुपचारित पानी पीने से बचें|
  • कच्चे फल और सब्ज़ियाँ खाने से बचें|
  • ज़्यादातर गर्म खाद्य-पदार्थों का सेवन करें| संग्रहित खाद्य-पदार्थों से बचें|
  • घर की चीज़ों को नियमित रूप से साफ करें| दिन में एक बार टोएलेटस, दरवाज़े के हैंडल, टेलीफोन और नलों को साफ करें|
  • टाइफाइड के टीके भी टाइफाइड की रोकथाम में अच्छे साबित हुए हैं|

दालें, ताज़ा फल और हरी सब्ज़ियो के सेवन से आपकी प्रतिरक्षा के स्तर में सुधार आता है। इसलिये टायफाइड बुखार के समय इनको अपने आहार का हिस्सा बनायें। आपका स्वास्थ्य, आपके और आपके परिवार के लिये बहुत महत्वपूर्ण है|

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप
Read More Articles On Fever In Hindi

 

 

Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागApr 05, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK