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हार्ट अटैक या मायोकार्डियल इंफार्कशन में जानलेवा हो सकती हैं आपकी ये आदतें

हृदयाघात By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 05, 2018
हार्ट अटैक या मायोकार्डियल इंफार्कशन में जानलेवा हो सकती हैं आपकी ये आदतें

आजकल कम उम्र में ही लोग दिल की गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। दिल की सबसे आम बीमारी है हार्ट अटैक जिसे मायोकार्डियल इंफार्कशन भी कहते हैं।

Quick Bites
  • मानव हृदय के किसी भाग को रक्‍त नहीं पहुंचता।
  • जीवनशैली में जरूरी बदलाव करने की जरूरत है।
  • व्‍यायाम सेहत को दुरुस्‍त रखने में मदद करता है।

बदली हुई अनियमित जीवनशैली के कारण और गलत खान-पान के कारण आजकल लोगों में दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। आजकल कम उम्र में ही लोग दिल की गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। दिल की सबसे आम बीमारी है हार्ट अटैक जिसे मायोकार्डियल इंफार्कशन भी कहते हैं। मायोकार्डियल इंफार्कशन (एमआई) उस स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति को कहते हैं जब मानव हृदय के किसी भाग को रक्‍त नहीं पहुंचता। इसका मुख्‍य कारण धमनियों में रक्‍त का थक्‍का जम जाना है। अगर इस समस्‍या का सही प्रकार से सामना नहीं किया जाए तो इससे हृदय का वह हिस्‍सा काम करना बंद कर सकता है। अगर आपने एमआई कराया है तो बेहतर सेहत पाने के लिए आपको अपनी जीवनशैली में जरूरी बदलाव करने की जरूरत है। कुछ समय की मेहनत के बाद आप उस जीवनशैली में ढल जाएंगे।

रेगुलर एक्सरसाइज करें

स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनाने में कभी देर नहीं होती। और खासतौर पर जब आप एमआई की स्थिति से गुजरे हों तो आपके लिए अपनी जीवनशैली में उचित सुधार करना और भी आवश्‍यक हो जाता है। व्‍यायाम करना आपकी सेहत को दुरुस्‍त रखने में मदद करता है। तो अगर आप अभी तक व्‍यायाम से जी चुराते रहे हैं तो आपके लिए अच्‍छा रहेगा कि आप अभी कसरत करनी शुरू कर दें। बेहतर रहेगा कि आप हल्‍का व्‍यायाम शुरू करें। और जैसे-जैसे आपकी और आपके दिल की सेहत में सुधार आता रहे आप व्‍यायाम जरा कड़ा कर सकते हैं। आप तैराकी, जॉगिंग और साइक्लिंग आदि कर सकते हैं। इनकी मदद से आपका रक्‍तचाप भी कम रहेगा साथ ही कोलेस्‍ट्रोल का स्‍तर भी नियंत्रित रहेगा।

सैचुरेटेड फैट से बचें

एमआई के बाद आपको अपने आहार को लेकर भी काफी सजगता बरतनी पड़ती है। अच्‍छा और पौष्टिक आहार बीमारी से रिकवर करने में काफी मदद करता है। अपने आहार को लेकर आप कुछ इस तरह के बदलाव कर सकते हैं। अपने कोलस्‍ट्रोल स्‍तर को कम करने के लिए आपको सेचुरेटेड फैट (संतृप्त वसा) का सेवन कम करना होता है। फुल क्रीम दूध और उससे बने उत्‍पाद, केक और कुकीज, मीट के साथ ही आपको नारियल और पाम ऑयल में यह बडी मात्रा में पाया जाता है। तो, आपकी सेहत के लिए अच्‍छा रहेगा कि आप इन पदार्थों से दूर रहें।

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नमक कम, सेहत दुरुस्‍त

सोडियम शरीर में पानी प्रतिधारण की क्षमता को कम करता है, जिसकी वजह से रक्‍तचाप बढ़ जाता है। तो, अधिक मात्रा में सोडियम का सेवन भी आपकी सेहत के लिए अच्‍छा नहीं। नमक सोडियम का सबसे बड़ा स्रोत है। यानी आपको ऐसा भोजन खाने से बचना चाहिए जिसमें अधिक मात्रा में नमक हो।

वजन पर रखें काबू

अगर आपका वजन अधिक है तो आप अपनी समस्‍याओं में बढ़ोत्तरी कर रहे हैं। यही नहीं आपके भविष्‍य में एमआई की समस्‍या का दोबारा सामना करने की आशंका भी बढ़ जाती है। तो, इसलिए अगर आपका वजन अधिक है या फिर आप मोटापे के शिकार हैं तो आपको इससे छुटकारा पाना ही होगा। सही आहार और व्‍यायामआपको इसमें काफी मदद कर सकते हैं।

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धूम्रपान से करें तौबा

धूम्रपान आपके हृदय के लिए बेहद नुकसानदेह होता है। इससे एमआई होने का खतरा दोगुना तक बढ़ जाता है। अगर आपको सिगरेट पीने की लत है तो जनाब जल्‍द से जल्‍द इससे निजात पाएं। तंबाकू आपकी दिल की सेहत के लिए किस हद तक घातक है इसका अंदाजा लगा पाना भी आपके लिए मुश्किल है। यह आपके शरीर में ऑक्‍सीजन की मूवमेंट पर भी नकारात्‍मक प्रभाव डालता है। साथ ही यह आपकी धमनियों में कोलेस्‍ट्रोल की मात्रा भी बढ़ाता है।

संयम रखें और स्‍वस्‍थ रहें

एमआई का निदान और इलाज आप पर मानसिक और शारीरिक दबाव डालती है। इस परिस्थिति में आपको शांत और संयमित रहने की जरूरत होती है। अपनी जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव लाकर आप एक सामान्‍य जीवन जी सकते हैं।

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Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागApr 05, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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