अंजाने और खतरनाक लोगों से बच्चों को रखना है सावधान, तो जरूर सिखाएं ये 5 बातें

Updated at: Dec 09, 2018
अंजाने और खतरनाक लोगों से बच्चों को रखना है सावधान, तो जरूर सिखाएं ये 5 बातें

अगर आप बच्चों को इन अंजान और खतरनाक लोगों से सावधान रहने के लिए सतर्क करें, तो खतरों से बचा जा सकता है। इसलिए अपने बच्चों को सुरक्षा संबंधी कुछ बातें जरूर बताएं।

Anurag Anubhav
परवरिश के तरीकेWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Dec 09, 2018

छोटे बच्चों से अपराध के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। इन मामलों में अपराधी कई बार अंजाने लोग होते हैं और कई बार बच्चों के आस-पास मौजूद लोग ही होते हैं। अगर आप बच्चों को इन अंजान और खतरनाक लोगों से सावधान रहने के लिए सतर्क करें, तो खतरों से बचा जा सकता है। इसलिए अपने बच्चों को सुरक्षा संबंधी कुछ बातें जरूर बताएं।

खाने-पीने का लालच न करें

बच्चों को सही-गलत की समझ नहीं होती है और लालच उनका प्राकृतिक स्वभाव होता है इसलिए कोई अंजान अगर उन्हें खाने-पीने की चीजें देता है, तो वो आसानी से ले लेते हैं और खा लेते हैं। इसलिए बच्चों को ये बात जरूर समझाएं कि हर चॉकलेट देने वाले अंकल आंटी अच्छे नहीं होते हैं और उनकी बातों में भी नहीं आना चाहिए।

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अंजान लोगों से सतर्क करें

बच्चों को बेहद आसान शब्दों में समझाएं - हर वो अजनबी आपको नुकसान पहुंचा सकता है, जिसे आप नहीं जानते, जिसे आपने नहीं देखा या कभी बात नहीं की। वैसे सारे अजनबी बुरे होते हैं। इसलिए कोशिश करें कि अपनी देखरेख में ही बाहर वालों से मिलवायें, वरना बच्चा आगे जाकर लोगों से मिलने से कतरायेगा। पड़ोस की आंटी से पहचान करायें, पुलिसवालों की पहचान कराएं। ताकि जरूरत पर ऐसे लोगो से वो मदद मांग सके।

बच्चे बच्चों के साथ ही खेलें

कोशिश करें की बच्चे बच्चों के साथ खेलना ज्यादा पंसद करें। उनका सर्किल बड़ा होगा तो भी अजनबियों के साथ उनके जाने का खतरा कम होगा। ऐसे में वो अजनबियों की तरफ आकर्षित भी कम होगें। उनके फ्रेंड्स से दोस्ती रखें, ताकि वो सारे बच्चें एक दूसरे के दोस्त ही नहीं जिम्मेदार भी हो। उन्हें पता हो कि उनका दोस्त कहां जा रहा है, क्या कर रहा है। बच्चे को आप अजनबियों से खतरे बताएंगे, तो वे हर किसी से बात करने से भी घबराएंगे।

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बच्चों को बताएं गुड टच-बैड टच

बच्चों को सही गलत टच की जानकारी देना बहुत जरूरी होता है। ऐसा सिर्फ लड़कियों ही नहीं लड़को के लिए भी जरूरी होता है। बच्चों को समझायें कि मां-बाप के अलावा किसी की भी गोद में जाकर ना बैठें। ये बातें एक बार में या आसानी से नहीं समझायी जा सकती। इसके लिए आपको बच्चों से लगातार बात करनी पड़ेगी। दिनभर क्या हुआ, ये जानना होगा। उनकी बातों को थोड़ा गंभीरता से सुने।बच्चों को मैनर्स, एटिकेट्स के साथ कुछ बातों में ना करना सिखाना चाहिए।  आपको टच करके समझा सकते है कि ऐसे में उनको ना कहना चाहिए।

सुनसान जगह पर न जाने दें

बच्चों को ये बताना भी जरूरी है कि अकेले सुनसान जगह पर जाना उनके लिए परेशानी का कारण हो सकता है। उन्हें खेलने या घूमने के लिए सुनसान मकान, पार्किंग लॉट, अंधेरी गलियां और रास्ते आदि जगहों पर नहीं जाना चाहिए। बच्चों को उन रास्तों और जगहों की जानकारी भी दे, जहां वो मदद के लिए जा सकें। जैसे पुलिस स्टेशन, स्कूल या किसी जानने वाले का घर आदि। कोशिश करें कि बच्चों उसका, अपने मां-बाप औऱ घर का पता जितनी जल्दी हो याद करा दें। ये उसके लिए अच्छा रहेगा।

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