Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

इन कारणों से होता है आपका "मूड ऑफ", ऐसे करें सुधार

तन मन By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 13, 2017
इन कारणों से होता है आपका "मूड ऑफ", ऐसे करें सुधार

डिपार्टमेंट ऑफ साइकायट्री, एम्स, दिल्ली के एडिशनल प्रोफेसर डॉक्‍टर नंद कुमार से जानिए कि आपका मन क्‍यों बीमार होता है और इससे कैसे निजात पाया जा सकता है।

Quick Bites
  • तनाव में हों तो डॉक्‍टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
  • मन का बीमार होना गंभीर समस्‍या हो सकती है।
  • आपका मन क्‍यों बीमार होता है जानिए कारण।

बुखार, सिरदर्द या अन्‍य बीमारियों में तो आप तुरंत डॉक्‍टर की सलाह लेने पहुंच जाते हैं। लेकिन कभी-कभी जब हमारा मन बीमार होता है तो हम डॉक्‍टर के पास नहीं जाते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। जब भी आप बहुत तनाव में हों या कोई बात आपको परेशान कर रही हो तो डॉक्‍टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। डिपार्टमेंट ऑफ साइकायट्री, एम्स, दिल्ली के एडिशनल प्रोफेसर डॉक्‍टर नंद कुमार से जानिए कि आपका मन क्‍यों बीमार होता है और इससे कैसे निजात पाया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: दिनभर AC में रहने से आपको भी हो सकती है ये गंभीर बीमारी

खतरनाक है शक की सूई

आपने अपने आसपास कुछ ऐसे लोगों को ज़रूर देखा होगा, जिन्हें अकसर शक्की या सिरफिरा समझा जाता है। ऐसे लोगों के मन में कुछ बातों को लेकर इतना गहरा भ्रम होता है कि वे उसे ही सच मानने लगते हैं। मसलन कुछ लोगों को ऐसा भ्रम होता है कि कोई उनका पीछा कर रहा है या उनके खिलाफ साजि़श रच रहा है, कुछ लोगों को अपने पार्टनर के चरित्र पर शक होता है, कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि मेरी अनुपस्थिति में लोग हमेशा मेरी बुराई करते हैं। अगर किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण बहुत ज्य़ादा दिखाई दें तो आगे चलकर उसे स्क्रिज़ोफेनिया भी हो सकता है।

 

क्या करें : अगर परिवार के किसी सदस्य में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो अन्य सदस्यों की यह जि़म्मेदारी बनती है कि वे जल्द से जल्द किसी मनोचिकित्सक की सलाह लें। अगर शुरुआती दौर में ही उपचार शुरू हो जाए तो व्यक्ति शीघ्र ही स्वस्थ हो जाता है।

 

उदासी में छिपा है डिप्रेशन

किसी भी इंसान के जीवन में थोड़ी उदासी स्वाभाविक है, लेकिन जब ऐसी मनोदशा दिनों के बजाय महीनों तक कायम रहे और इससे व्यक्ति की दिनचर्या प्रभावित होने लगे तो यह डिप्रेशन का लक्षण हो सकता है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि परिवार के सदस्य और दोस्त ऐसे मरीज़ों को बोरिंग और आलसी कह कर उनका मज़ाक उड़ाते हैं। डिप्रेशन बढऩे की स्थिति में मरीज़ आत्महत्या तक कर लेते हैं।

 

क्या करें : अगर परिवार का कोई सदस्य लगातार कुछ दिनों तक उदास दिखाई दे तो पहले उससे बात करके उसकी उदासी का कारण जानने और उसे दूर करने की कोशिश करें। अगर पंद्रह दिनों तक कोई सुधार नज़र न आए तो उसे विशेषज्ञ के पास ले जाएं। अगर शुरुआत में मरीज़ को हलका डिप्रेशन हो तो यह समस्या केवल काउंसलिंग से दूर हो जाती है पर ज्य़ादा गंभीर स्थिति में दवाओं की भी ज़रूरत होती है।

 

भुलक्कड़पन है खतरनाक

कभी-कभी कुछ बातें भूल जाना तो सामान्य है, लेकिन अगर 50 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति लोगों के नाम, पते और चेहरे भूलने लगे या घर में अकसर अपनी चीज़ें रखकर उनका निश्चित स्थान भूल जाए तो यह $खतरे का संकेत है। उम्र बढऩे के साथ मस्तिष्क की कोशिकाएं सिकुड़कर छोटी होने लगती हैं। इससे उसकी कार्यक्षमता कम हो जाती है और व्यक्ति को शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या होने लगती है। ऐसे में व्यक्ति को अपने स्कूल के दिनों के सभी दोस्तों के नाम सही ढंग से याद रहते हैं पर वे आधे घंटे पहले मिलने वाले व्यक्ति का नाम भूल जाते हैं। यह मस्तिष्क से जुड़े गंभीर मनोरोग डिमेंशिया का लक्षण हो सकता है। अगर सही समय पर इसका उपचार न करवाया गया तो यह आगे चल कर अल्ज़ाइमर्स में तब्दील हो सकता है।

 

क्या करें : अगर आपके परिवार का कोई सदस्य अकसर भूलने लगे तो इसे बुढ़ापे के आगमन का संकेत समझकर अनदेखा न करें, बल्कि जितनी जल्द हो सके उसे किसी कुशल न्यूरोसर्जन को दिखाएं। दवाओं के प्रभाव से ब्रेन के डिजेनरेशन की प्रक्रिया को लंबे समय तक टाला जा सकता है।

 

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Mind & Body In Hindi

Written by
Atul Modi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJun 13, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK