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पार्टनर के बीच प्‍यार और आपसी समझ को बरकरार रखने के ये हैं 7 टिप्‍स

मैरिज By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 20, 2019
पार्टनर के बीच प्‍यार और आपसी समझ को बरकरार रखने के ये हैं 7 टिप्‍स

क्या समान सोच रिश्ते को बेहतर बनाती है? क्या 'मेड फॉर ईच अदर या 'परफेक्ट मैच जैसे खिताब वास्तविक केमिस्ट्री की पहचान हैं? क्या है स्वस्थ और खुशहाल रिश्तों की बुनियाद, जानें यहां।

अभी हाल ही में कुछ सेलेब्रिटी कपल जैसे: विराट-अनुष्‍का, रणवीर-दिपिका, प्रियंका-निक और रणबीर-अलिया की केमिस्‍ट्री की चर्चा अक्‍सर मीडिया में रहती है। ऐसा माना जाता है कि इन कपल्‍स के बीच प्‍यार और आपसी समझ काफी है। हालांकि, दो व्यक्तियों की सोच एक सी नहीं हो सकती। वैचारिक-मानसिक असमानता के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान और स्वीकार्य हो, यही हेल्दी रिश्ते की पहचान है। जानें कुछ ऐसी बुनियादी बातों के बारे में जिससे आपके भी रिश्‍ते में प्‍यार और मिठास जोड़ सकते हैं। 

 

दिल-दिमाग का मेल

स्वस्थ रिश्ता वह है, जहां दिल-दिमाग दोनों का इस्तेमाल हो, स्वतंत्र विचार व्यक्त किए जा सकें, जहां अपनी बात के गलत अर्थ निकालने जैसा भय न हो। निरंतर संवाद दांपत्य में जरूरी है।

रेड अलर्ट

कौन सी बात कितनी छिपानी है या कितनी बतानी है, यह सोचना पड़े तो रिश्ते में समस्या हो सकती है।

पर्सनल स्पेस

प्यार का अर्थ यह नहीं है कि हर पल साथ रहें। रुचियों के लिए वक्त निकालने, लोगों से मिलने और अपना विकास करने से रिश्ते अच्छे रहते हैं।

रेड अलर्ट

हर बात में पार्टनर से पूछने की जरूरत हो या निजी जिंदगी के बारे में सोच न पा रहे हों तो सतर्क हो जाएं।

स्वस्थ बहस

रिश्ते में बहस-झगड़े की गुंजाइश होनी चाहिए। मतभेद स्वाभाविक हैं लेकिन ब्लेम-गेम न खेलें, आलोचना सकारात्मक हो। गलत को गलत कहने और गलती होने पर सॉरी कहने का साहस हो। 

रेड अलर्ट

पार्टनर की कोई आदत पसंद नहीं मगर उसे बता नहीं पाते तो शिकायतें मन में रखेंगे। यह $खतरनाक लक्षण है।

इंकार का स्वीकार

रिश्ता वही बेहतर है, जहां न कहने की आजादी हो और न सुनने की क्षमता। जहां न कहते हुए यह भय न हो कि पार्टनर बुरा मान जाएगा।

रेड अलर्ट

हर बात चाहे-अनचाहे स्वीकारना भले ही तुरंत सही लगे लेकिन रिश्ते पर इसका दूरगामी प्रभाव ठीक नहीं होता। 

संयुक्त फैसले

लोन लेना, घर बनाना, बच्चों को पढ़ाना, रिश्तेदार को बुलाना या कहीं जाना...दंपती का हर फैसला जॉइंट हो, तभी गृहस्थी की गाड़ी संतुलित चलेगी। कोई परफेक्ट नहीं होता लेकिन दो व्यक्ति मिल कर एक-दूसरे को करेक्ट कर सकते हैं।

रेड अलर्ट

एक सारे फैसले लेगा तो दूसरा आहत होगा, भले ही वह अच्छा फैसला हो। हर फैसला जॉइंट होना चाहिए। 

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साथ एंजॉय करना

हेल्दी रिलेशनशिप दोनों को खुश रखती है। ऐसा नहीं है कि कभी-कभी उदासी के क्षण न आएं। फिर भी दोनों साथ खाना खाएं, हंसें, शॉपिंग करें या मूवी देखें तो रिश्ता जीवंत बना रहता है।  

रेड अलर्ट

साथ होने के बावजूद अपने में ही डूबे रहें, संवाद का सिरा खोजते रहें तो इसका अर्थ है कि रिश्ते में कहीं गड़बड़ी है। इसे समय रहते समझें और सुधारें। 

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इंटीमेसी

इसका अर्थ केवल सेक्स संबंधों से नहीं है। बेडरूम से बाहर भी एक-दूसरे से कनेक्ट हैं तो इसका अर्थ है कि रिश्ता हेल्दी है। इंटीमेसी का अर्थ है एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता, केयर, देने की भावना और सिचुएशन को समझना। 

रेड अलर्ट

दांपत्य में दोस्ती और सम्मान की वैल्यू नहीं समझेंगे तो रिश्ता ज्य़ादा दिन नहीं निभाया जा सकेगा।

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