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थायराइड हॉर्मोंस को कंट्रोल करती हैं ये 5 आसान टिप्स, नामात्र रहता है रोग का खतरा

तन मन By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 03, 2018
थायराइड हॉर्मोंस को कंट्रोल करती हैं ये 5 आसान टिप्स, नामात्र रहता है रोग का खतरा

थायराइड से संबंधित मामले अक्सर सामने आते हैं, लेकिन यह बीमारी अब लाइलाज नहीं है, बशर्ते इसे सही समय पर इसकी जांच कर ली जाए। 

थायराइड से संबंधित मामले अक्सर सामने आते हैं, लेकिन यह बीमारी अब लाइलाज नहीं है, बशर्ते इसे सही समय पर इसकी जांच कर ली जाए। कई बार उपचार के बाद भी यह बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती। इसलिए एक बार इसका उपचार करवाने के बाद भी समय-समय पर इसकी जांच करवानी पड़ती है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में इनका इलाज संभव है। आज हम आपको थायराइड हॉर्मोंस को कंट्रोल करने के लिए कुछ जरूरी इशेंशियल आॅयल बता रहे हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये—

  • एक स्‍वस्‍थ थायराइड के लिए आयोडीन, सेलेनियम, और मैग्नीशियम की जरूरत है। आयोडीन थायरॉयड हार्मोन का एक निर्माण खंड है, और हाइपोथायरायडिज्म से ग्रस्‍त कई लोगों में यह पर्याप्त नहीं होता। इसलिए इसके स्‍वस्‍थ स्‍तर को बनाये रखने के लिए आपको आयोडीन के लिए सुशी, सीफूड और सी सब्जियों को लेना चाहिए। मल्‍टीविटामिन में आमतौर पर सही मात्रा में  सेलेनियम और मैग्नीशियम होता है, जो थायराइड हार्मोन के स्‍तर को बनाये रखने और मेटाबोल्जिम में मदद करता है। लेकिन डॉ शेम्‍स के अनुसार, ध्‍यान रहें कि बहुत ज्यादा आयोडीन भी असामान्य थायराइड के कामों में तेजी लाता है।
  • हायपरथायरॉइड के मरीजों को थायरॉइड हार्मोन्स को ब्लॉक करने के लिए अलग किस्म की दवा दी जाती है। हाइपोथायरॉयडिज्म का इलाज करने के लिए आरंभ में ऐल-थायरॉक्सीन सोडियम का इस्तेमाल किया जाता है, जो थायरॉइड हार्मोन्स के स्त्राव को नियंत्रित करता है। तकरीबन 90 प्रतिशत मामलों में दवा ताउम्र खानी पड़ती है। पहली ही स्टेज पर इस बीमारी का इलाज करा लिया जाए तो रोगी की दिनचर्या आसान हो जाती है।
  • कच्चे सलीबधारी जैसे ब्रोकोली और गोभी, स्वस्थ पोषक तत्वों से भरपूर होता है, लेकिन इसमें ऐसे तत्‍व भी होते है जो थायराइड हार्मोन के उत्पादन के लिए आयोडीन का उपयोग करने के लिए शरीर की क्षमता में हस्तक्षेप करते हैं। शेर्रिल्ल सैल्मन ऑफ हॉर्मोन हरसे के नैचुरोपैथिक डॉक्टर एंड ऑथर शेर्रिल्ल सैल्मन के अनुसार, इसे पकाकर खाने से ज्‍यादातर बुरे यौगिक निष्क्रिय हो जाते हैं।
  • फ्लोराइड टूथपेस्‍ट को निगलने से बचने के लिए ब्रश के बाद अच्‍छे से कुल्‍ला करें, और बहुत अधिक फ्लोराइड युक्त नल का पानी पीने से बचें। अध्‍ययन बताते हैं कि फ्लोराइड शरीर में थायराइड हार्मोन के उत्‍पादन को कम करता है और रक्‍त के माध्‍यम से चलने वाले हार्मोन को बाधित करता है। यह बात हाल ही में राष्ट्रीय अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिक पीएचडी कैथलीन फ्लोराइड मानकों की समीक्षा करके बताई।
  • अधिक नींद या नियमित एक्‍सरसाइज जैसे उपायों को अपनाकर तनाव को कम करने की कोशिश करें। एक्‍सरसाइज सर्कुलेशन को बढ़ाने और आराम देने में मदद करती है। इससे शरीर को हार्मोंन कोर्टिसोल के उत्‍पादन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है, जिससे थायराइड के कार्य में सुधार आता है। सैल्‍मैन कहते हैं कि अगर आप बाहर नहीं जाना चाहते तो रात की अच्‍छी नींद एनर्जी को बढ़ाने में मददगार हो सकती है। 

थायराइड के लिए बेस्ट आहार

  • थाइराइड के मरीजों के लिए मशरूम अच्छे आहारों में से एक है। इसमें सेलेनियम की मात्रा अधिक होती है, जो थाइरॉयड को कंट्रोल करने का काम करता है।
  • मेथी हमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पहुंचाती है। थाइराइड नामक बीमारी के लिए भी मेथी अच्छा आहार है। मेथी में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते है, जो थॉयरॉक्सिन हॉर्मोन को कंट्रोल करने में सहायक होता है।
  • जो लोग थाइराइड नामक बीमारी के शिकार हैं उन्हें अपनी डाइट में अंडे जरूर शामिल करने चाहिए। इसमें सेलेनियम पाया जाता है, जो मरीजों को काफी आरम पहुंचाता है। साथ ही अंडों से कमजोरी भी दूर होती है।
  • वैसे तो नट्स का सेवन सभी के लिए फायदेमंद है। लेकिन थाइराइड के मरीजों को नट्स अपनी डाइट में खासतौर से शामिल करने चाहिए। नट्स थाइराइड से होने वाले हार्ट अटैक के रिस्क को बहुत कम करता है। बादाम और अखरोट इस बीमारी के लिए अच्छे आहार हैं।
  • थाइराइड के रोगियों के लिए दही सबसे बेहतर आहार माना जाता है। दही खाने से शरीर में इम्यूनिटी लेवल बढ़ता है। जिससे थाइरॉयड कंट्रोल में रहता है और काफी हद तक सही भी होता है।

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