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पीरियड्स में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं ये 5 आदतें, आज ही बदल लें इन्हें

महिला स्‍वास्थ्‍य By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 14, 2019
पीरियड्स में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं ये 5 आदतें, आज ही बदल लें इन्हें

पीरियड्यस यानि कि महावारी यानि कि मासिक धर्म चक्र में गड़बड़ी की समस्या की शिकायत अक्सर महिलाओं को होती है। हॉर्मोन्स में जरा सी गड़बड़ी या फिर तनाव के कारण पीरियड्स में अनियमितता आ जाती है। इसके अलावा भी कई बार देखा जाता है कि जो लोग बैलेन्सिंग ल

पीरियड्यस यानि कि महावारी यानि कि मासिक धर्म चक्र में गड़बड़ी की समस्या की शिकायत अक्सर महिलाओं को होती है। हॉर्मोन्स में जरा सी गड़बड़ी या फिर तनाव के कारण पीरियड्स में अनियमितता आ जाती है। इसके अलावा भी कई बार देखा जाता है कि जो लोग बैलेन्सिंग लाइफस्टाइल अपनाते हैं उन्हें भी इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए आज हम आपको पीरियड्स में गड़बड़ी के कुछ ऐसे कारण बता रहे हैं जो आपकी गलती या अनदेखी की वजह से होते हैं।

अगर आप एक मां हैं और आपकी बेटी है तो आपको उसे भी पीरियड्स के बारे में जानकारी देनी चाहिए। अपने बच्ची को हार्मोस से जुड़ी जानकारी देना बहुत जरूरी है। पीरियड्स के दौरान शरीर में कई हार्मोंन परिवर्तन के कारण कई तरह के बदलाव आते है। इस दौरान होने वाले हॉर्मोंल बदलाव के कारण मूड में बार-बार बदलाव हो सकता हैं। ऐसे में उसे समझाएं कि ये बदलाव सामान्य हैं और इनसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। 

ये हैं पीरियड्स में गड़बड़ी के कारण

  • ज्‍यादा शराब पीने या धूम्रपान करने से भी ये समस्या होती है। हमारा लीवर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को मेंटेन करता है और इन्हें मेटाबॉलाइज करके महिलाओं के मासिक धर्म को नियमित करने का काम करता है। ऐसे में अल्कोहल का सेवन लीवर को नुकसान पहुंचाता है और इससे पीरियड पर बुरा असर पड़ता है।
  • ज्यादा एक्सरसाइज भी पीरियड्स को अनीयमित कर सकती है। क्योंकि माहावारी करवाने के लिये शरीर को शक्‍ति चाहिये होती है और जब इस शक्‍ति क जिम में लगा दिया जाता है, तो म‍हीने के इन दिनों में परेशानी होती है। वहीं अचानक वजन कम होना या बढ़ना भी हार्मोन में परिवर्तन कर देता है।
  • ओवरी में सिस्‍ट और उसके कारण सही समय पर पीरियड्स का न आने को पीसीओएस (PCOS) कहा जाता है। हार्मोन में थोड़ा सा भी बदलाव मासिक धर्म चक्र पर तुरंत असर डालता है और उसे अव्यवस्थित कर सकता है। 
  • यदि आपको जल्द में ही दवाइयां लेनी पड़ी थीं तो इससे भी आपके पीरियड्स कुछ दिनों के लिये टल सकते हैं। क्‍योंकि कुछ दवाइयां एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के लेवर पर असर डालती हैं। कई बार मेनोपॉज शुरू होने के 1 से 2 साल पहले से भी अनियमित पीरियड शुरू हो जाते हैं।
  • वजन का भी पीरियड पर गहरा असर पड़ता है। अगर ज्यादा मोटी या ज्यादा पचली हों (एक्ट्रा या ओवर वेट) तो भी अनीयमित परियड्स की समस्या होती है। सही पोषण न लेने पर या फिर वजन ज्यादा होने पर कुछ हारमोन के स्राव की मात्रा बदल जाती है। वहीं अगर आप मोटी हैं और ऐसी डाइट खा रही हैं जो कार्बोहाइड्रेट या वजन बढ़ाने वाली है तो, शरीर में कुछ तरह के हार्मोनों से स्तर में बदलाव आ सकता है। 
  • ज्यादा तनाव होने से स्‍ट्रेस हार्मोन पर सीधा असर पड़ता है जोकि एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन (सेक्‍स हार्मोन) के उत्पादन के साथ हस्तक्षेप करता है। अगर रक्त धारा में स्‍ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है तो आपकी साइकिल पर भी असर पडता है।
  • अनियमित पीरियड कई शारीरिक व मानसिक समस्याओं का कारण बन सकती है। सामान्य स्थिति में इनका एक चक्र 3 से 7 दिन के लिए रहता है। टीनएज लड़कियों में इस तरह की समस्या हार्मोंस में गड़बड़ी के कारण भी हो सकती है, लेकिन पीरियड्स के साथ गड़बड़ होने के कई कारण हो सकते हैं। चलिये जानें क्या हैं वे कारण जिनकी वजह से पीरियड अनियमित हो जाता है।

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