ये 5 आसान टिप्स आपके बच्चों की 'स्ट्रेंथ पॉवर' को बनाएगी बेहतर, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर

Updated at: Jul 21, 2020
ये 5 आसान टिप्स आपके बच्चों की 'स्ट्रेंथ पॉवर' को बनाएगी बेहतर, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर

अगर आप भी अपने बच्चों की स्ट्रेंथ पॉवर को बढ़ाना चाहते हैं तो इस तरह बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का रखें ख्याल।

Vishal Singh
परवरिश के तरीकेWritten by: Vishal SinghPublished at: Jul 20, 2020

बच्चे बहुत कोमल होते हैं उन्हें खानपान और कुछ फिजिकल एक्टिविटी की मदद से मजबूत बनाने की कोशिश की जाती है। बच्चों में बड़ों के मुकाबले काफी कम क्षमता होती है, जिसको पूरा करने के लिए जरूरी होता है कि बच्चों को मजबूत और सक्षम बनाया जा सके। बहुत कम उम्र में ताकत विकसित की जा सकती है और माता-पिता मदद इस काम को आसान बना। अब आप सोचेंगे कि किन तरीकों की मदद से बच्चों की स्ट्रेंथ को बढ़ाया जाए और उन्हें मजबूत बनाया जाए। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है हम आपको बताएंगे कि आप कैसे अपने बच्चों के अंदर स्ट्रेंथ पॉवर को बढ़ा सकते हैं। 

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बच्चों की गतिविधियों को देखें

बच्चों की स्ट्रेंथ को बढ़ाने और उसे समझने के लिए माता-पिता को बच्चों पर पहले ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी को देखें और आप उनके बारे में बहुत कुछ सीखेंगे कि वे क्या पसंद करते हैं, कैसे उनका दूसरों से बात करने का तरीका है और कैसे वो खुद को दूसरे बच्चों से अलग बनते हैं। खेल में रुची बढ़ाना उनके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है जो उनको शारीरिक रूप के साथ मानसिक रूप से स्वस्थ और मजबूत रखने का काम करता है। 

अपनी कहानियां बच्चों को बताएं

अगर आपके बच्चे का स्कूल पास में ही है और वो पैदल जाने के लिए नहीं मानता तो आप उन्हें अपनी कहानियां सुना सकते हैं। अगर आप 10 मील पैदल चलकर स्कूल जाते हैं और आपका बच्चा ऐसा नहीं कर पाता तो आपको अपने बच्चे को ये बताना चाहिए कि आप अपने समय में कितनी दूर पैदल यात्रा करके स्कूल पहुंचते थे। बच्चों को अनूठे अनुभव को जानने में अच्छा लगता है और वो उसे आसानी से सीख सकते हैं। इसके साथ ही आप अपने बच्चे के साथ रोजाना उसके साथ पैदल चलकर स्कूल जाएं, जिससे कि बच्चे ये समझ सके कि उनके साथ आप भी काफी मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में वो शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं।

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बड़े भाई-बहनों से तुलना न करें 

आमतौर पर देखा जाए तो हर बच्चे अलग-अलग होते हैं उनकी क्षमताएं अलग-अलग होती है। अगर आप अपने बच्चों को कुछ बताना या डांटना चाहते हैं तो उनकी तुलना उनके बड़े भाई बहन से न करें। इससे उनपर गलत प्रभाव भी पड़ सकता है। आप अपने बच्चों में उनके जीवन के शुरुआती अंतर देख सकते हैं। आप उनके साथ के बच्चों या भाई-बहन का उदहारण उन्हें दे सकते हैं जिससे वो रोजाना उन्हें देख अच्छी आदतें सीख सकें। 

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पारिवारिक परंपराएं बनाएं

बच्चों में अपने परिवार की परंपराओं को समझने और रिश्तों के बीच का महत्व समझना बहुत जरूरी होता है। जिसे रिलेशनशिप स्ट्रेंथ भी कहा जाता है, रिलेशनशिप स्ट्रेंथ वे चीजें हैं जो आप करते हैं और अन्य लोगों के साथ जो आपको गर्व महसूस कराते हैं। बच्चों को यह पता लगाने के लिए, उन्हें दूसरों के साथ अपनी बातचीत को करने और उन लोगों को याद करने की कितना जरूरत है। जहां उन्होंने सबसे अधिक सकारात्मक और अच्छा महसूस किया। पारिवारिक परंपराएं और बेहतर रिश्तें बच्चों को सकारात्मक यादें देती हैं। आप अपने बच्चे में जितनी ज्यादा परंपराएं विकसित करते हैं, उतना ही बच्चों में दूसरों के लिए सक्रिय भूमिका पैदा होती है।

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हमेशा बच्चों के लिए उत्सुक रहें

बच्चों की हर छोटी से बड़ी चीजों को लेकर आप उन्हें नजरअंदाज न करें बल्कि उनकी चीजों और बच्चों के लिए हमेशा उत्सुक रहने की कोशिश करें। ये आपके बच्चे की मानसिक और शारीरिक स्ट्रेंथ पर सकारात्मक प्रभाव डालने का काम करता है। आप उनकी अच्छी और बुरी बातों को सुनें और उन्हें बताएं कि क्या गलत है और क्या सही है। उनकी गलतियों पर उन्हें डांटना ही सही नहीं बल्कि आप उन्हें प्यार से भी समझा सकते हैं। अगर वो कोई अच्छा काम करते हैं तो आपको उनकी तारीफ करनी चाहिए। 

पढ़ाई के अलावा बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से विकसित करना बहुत जरूरी होता है जिसके लिए आप बच्चों का आसानी से ख्याल रख सकते हैं। 

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