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    ये है अंगदान करने वाली ब्रिटेन की सबसे छोटी लड़की

    मेडिकल मिरेकल By Gayatree Verma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 18, 2016
    ये है अंगदान करने वाली ब्रिटेन की सबसे छोटी लड़की

    बेबी गर्ल ‘होप’ ने केवल 74 मिनट सांस ली और उसके बाद लोगों को नई आशा देकर आंखें मूंद लीं। इस बच्‍ची के बारे में इस लेख में विस्‍तार से जानते हैं।

    अंगदान को महादान माना जाता है। यह दुनिया का सबसे महान काम है फिर भी लोग इससे बचते हैं। कई लोग आपनी धार्मिक मान्यता के कारण तो कई किसी गलतफहमी के कारण अंगदान नहीं करते। इन सब लोगों के डर और धार्मिक मान्यता को पीछे छोड़ ब्रिटेन की इस बच्ची ने 74 मिनट जीने के बाद अंगदान किया है। ब्रिटेन की ये बच्ची केवल 74 मिनट जिंदा रही। इस बच्ची के मरने के बाद इसके मां-बाप ने इसके अंगदान कर दिए। जिससे ये नन्ही बच्ची तो दुनिया छोड़ गई लेकिन कई सारे लोगों को जिंदगी दे गई।

    यंगेस्ट ऑर्गन डोनर


    ये मामला लंदन का है। लंदन के कार्डिफ निवासी 32 वर्षीय एम्‍मा के गर्भ में जुड़वा बच्चे थे जिसमें से बच्चे को ब्रेन से संबंधित कोई बीमारी थी। चिकित्सकों ने एम्मा को इस बच्ची की बीमारी के बारे में पहले ही बता दिया था और अबॉर्शन करने की हिदायत दी थी। चिकित्सकों ने एम्मा और उसके पति को बताया था कि उनकी पैदा होने वाली बेटी को एनिन्सेफ्ली (जन्म से ही ब्रेन का विकसित नहीं हो पाना) बीमारी से पीड़ित है, जिस कारण वो जन्म के बाद ही मर जाएगी। इसके बावजूद एम्मा और पति एन्ड्रयू ने बच्ची को जन्म देने का निर्णय लिया।

     

    केवल 74 मिनट रही जिंदा

    एम्मा ने छोटी सी ‘होप’ को जन्म दिया। बच्ची ने आंख खोली लेकिन केवल 74 मिनट के लिए। लेकिन जाते-जाते कई जिंदगियों को जिंदगी देते गई। शायद ‘होप’ का जन्म दूसरों को जिंदगी देने के लिए ही हुआ था। बच्ची ‘होप’ का जन्म कैंब्रिज में उसके जुड़वे भाई जोस से दो मिनट पहले हुआ था। जिसके 74 मिनट बाद ही ‘होप’ ने आंखें मूंद ली।


    क्या कहती हैं ‘होप’ की मां?

    ‘होप’ के माता-पिता ने उसकी किडनी और लिवर सेल्स हॉस्पिटल को जरूरतमंद के लिए दान कर दिए हैं। एम्मा और एन्ड्रयू को अपनी बेटी पर गर्व है। वो कहती हैं ‘प्रेग्नेंट होने से पहले मैंने बच्चे टेडी के बारे में समाचार पत्र में पढ़ा था, जिसने अपने अंगदान कर दिए थे। मैं सोच रही थी कि उसके माता-पिता कितने बहादुर हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं भी इसी स्थिति का सामना करूंगी। जब हमे पता चला कि होप हमारे साथ ज्यादा वक्त नहीं रह पाएगी तो विश्वास हुआ कि डॉक्टर्स टेडी के जैसा ही कर सकते हैं। आज होप किसी किसी रूप में किसी के अंदर है और यह सोचकर हमारा दर्द कम होता है।’


    कौन है टेडी?

    एम्मा को प्रेरित करने वाले टेडी हैं जिन्होंने केवल 100 मिनट ही जीवन जिया था। जिसके बाद टेडी के माता-पिता ने उसके हार्ट और किडनी दान कर दिए थे। टेडी भी एनिन्सेफ्ली बीमारी से पीड़ित था।

     

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    Disclaimer:

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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