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डेयरी उत्पादों के ऐसे नुकसान जिनसे थे आप अनजान

एक्सरसाइज और फिटनेस By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 22, 2014
डेयरी उत्पादों के ऐसे नुकसान जिनसे थे आप अनजान

ज्यादातर लोगों को मानना है कि डेयरी उत्पादों के सेवन से शरीर को जरूरी पोषण और ऊर्जा मिलती हैं लेकिन क्या आप दूध और अन्य डेयरी उत्पादों के नुकसान के बारे में जानते हैं? जानिए फायदेमंद माने जाने वाला दूध किस तरह शरीर को नुकसान पहुंचाता है।

हम में से हर कोई डेयरी उत्पादों को काफी अच्छा और स्वास्थ्यवर्धक मानता है। दशकों से ऐसा माना जाता रहा है कि डेयरी उत्पाद की मदद से शरीर को जरूरी पोषण और ऊर्जा मिलती है। हमारी हड्डियां मजबूत होती है जिससे ऑस्टियोपरोसिस का खतरा कम होता है लेकिन क्या यही सच है?नहीं सच्चाई कुछ और ही है। डेयरी उत्पादों के सेवन से हमारे शरीर को फायदे कम नुकसान ज्यादा होते हैं। इसके कई कारण हैं आइए हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों है।
danger of dairy

शक्तिशाली उत्तेजक

हमारे आहार में शामिल सभी चीजों में डेयरी उत्पाद सबसे उत्तेजक माने जाते हैं जिसकी वजह से पाचन संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं जैसे पेट में सूजन, गैस, कांस्टिपेशन और डायरिया। इसके साथ ही एक्ने की समस्या भी देखने को मिलती है।


डेयरी उत्पादों के उत्तेजक होने की मुख्य वजह क्या है? डेयरी उत्पादों में दो तत्व होते हैं जिसकी वजह से लोगों में यह समस्या होती है पहला शुगर दूसरा प्रोटीन।
जिन लोगों को लैक्टोज संबंधी समस्या होती है उनमें लैक्टेज एंजाइम का निर्माण नहीं हो पाता है जो कि लैक्टोज की समस्या को कम करने के लिए जरूरी होता है। दूध में चीनी के होने से आप जब भी डेयरी उत्पादों का सेवन करते हैं तो पाचन संबंधी समस्याएं पैदा होती है। लैक्टोज दूध में पाया जाने वाला वह शर्करा है जिसकी वजह से दुनिया में बहुत से लोग दूध नहीं पीते हैं। अधिक लैक्टोज युक्त दूध पीने से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है जैसे शरीर पर दाने निकलना, मतली आना और डायरिया होना?


एसिड बनाता है

हमारा शरीर में उदासीन पीएच स्तर सामान्य रहता है। ना ही ज्यादा अम्ल और ना ही ज्यादा क्षार होता है। दूध भी मांसाहारी भोजन की तरह अम्ल का निर्णाण करता है। जब भी आप डेयरी उत्पाद का सेवन करते हैं तो हमारे शरीर को बढ़ी हुइ एसिडिटी की भरपाई करने के लिए उदासीन पीएच बैलेंस को रिस्टोर किया जाता है। इसमें शरीर की हड्डियों में कैल्शियम, मैग्निश्यम और पौटेशियम के रुप में जमा क्षार को निकाल को  निकाल लिया जाता है। इन क्षार के निकलने से हड्डियां  कमजोर होने लगती जिससे फ्रेक्चर और हड्डियों की क्षति होने का खतरा होता है। इसका अर्थ है कि दूध ओस्टियोपरोसिस के खतरे से बचाने में ज्यादा सक्षम नहीं हो सकता है। शोध के मुताबिक जिन देशों में डेयरी उत्पादों का ज्यादा सेवन किया जाता है वहां पर ओस्टियोपरोसिस के रोगियों की दर भी ज्यादा होती है।    
stomach ache

इम्यून सिस्टम पर असर

कई बार ज्यादातर लोगों को मिल्क एलर्जी होती है। यह दूध में मौजूद प्रोटीन का इम्यून सिस्टम में होने वाला रिएक्शन होता है। गाय के दूध में कई तरह के प्रोटीन पाए जाते हैं। कुछ प्रोटीन हमारे शरीर में जाकर उसके इम्यून सिस्टम के साथ रिएक्शन करते हैं। कई बार ये रिएक्शन आंतरिक भी होता है, जिससे पाचन संबंधी  समस्या होती है।


डेयरी उत्पाद से होने वाली बीमारियां

  • अस्थमा प्रोटीन एलर्जी वाले लोगों के अंदर मिल्क एलर्जी से उनका डाईजेशन सिस्टम प्रभावित होता है और डेयरी प्रोडक्ट शरीर में म्यूकस बनाते हैं जो आंत की भीतरी दीवार और रेस्परेट्री ट्रेक में जमा हो जाता है। जिसके रिएक्शन से अस्थमा होने की संभावनाएं बन जाती हैं।
  • एक्जिमा जैसी स्किन प्रॉब्लम मिल्क एलर्जी का एक ओवरसेंस्टीव रिएक्शन है। एक्जिमा और जैसे स्मिटम दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  • गेस्ट्रो इंटेस्टीनल प्रॉब्लम्स में उल्टी और डायरिया की समस्या होने लगती है।

 

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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