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रात को नींद खुलने से बढ़ता है इन 5 रोगों का खतरा, आज ही जानें बचाव के तरीके

अन्य़ बीमारियां By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 14, 2019
रात को नींद खुलने से बढ़ता है इन 5 रोगों का खतरा, आज ही जानें बचाव के तरीके

आज के समय में हर तीसरा आदमी नींद की समस्या से परेशान हैं। आप चाहे किसी भी उम्र के हो अगर आपके साथ यह समस्या हो रही है इसके पीछे कई कारण हैं। नींद की कमी होना तनाव का सबसे बड़ा संकेत है। अगर आपकी जिंदगी काफी भागदौड़ भरी हुई है या आपको हमेशा किसी ची

आज के समय में हर तीसरा आदमी नींद की समस्या से परेशान हैं। आप चाहे किसी भी उम्र के हो अगर आपके साथ यह समस्या हो रही है इसके पीछे कई कारण हैं। नींद की कमी होना तनाव का सबसे बड़ा संकेत है। अगर आपकी जिंदगी काफी भागदौड़ भरी हुई है या आपको हमेशा किसी चीज का स्ट्रेस रहता है तो नींद की कमी होना जाहिर सी बात है। नींद की कमी होने से शरीर को कई तरह के नुकसान होते हैं। ब्लड प्रेशर का बढ़ना और घटना, दिल के रोगों का खतरा, डिप्रेशन, पाचन तंत्र में खराबी आना और आंखों का कमजोर होना आम चीजे हैं।

जानें, क्या कहती है रिसर्च

कुछ लोग अच्छी सेहत के लिए खानपान और एक्सरसाइज़ पर तो पूरा ध्यान देते हैं लेकिन व्यस्तता की वजह से अकसर अपनी नींद में कटौती करते हैं। दरअसल ऐसा करने वाले लोग अच्छी नींद की अहमियत नहीं समझ पाते। तन-मन को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार की तरह पर्याप्त नींद भी बहुत ज़रूरी है। लोगों को यह मालूम नहीं होता कि नींद की कमी से व्यक्ति को हाई ब्लडप्रेशर और डायबिटीज़ जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। हाल ही में अमेरिका स्थित ड्यूक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार जो लोग नियमित रूप से सात घंटे की नींद नहीं लेते, उनका ब्लडप्रेशर और शुगर लेवल बढ़ जाता है। अत: प्रतिदिन आठ घंटे की नींद अवश्य लें। नाइट शिफ्ट करने वाले लोगों को अपनी दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसे लोग अगले दिन अधूरी नींद की भरपाई ज़रूर करें।   

क्या कहते हैं डॉक्टर्स

यह रिसर्च बिलकुल सही है। नींद के दौरान शरीर में कुछ ऐसे हॉर्मोंस का सिक्रीशन होता है, जो ब्लडप्रेशर और शुगर लेवल को नियंत्रित करते हैं। अत: अनिद्रा के कारण शरीर में हॉर्मोंस का संतुलन बिगड़ जाता है और इससे व्यक्ति को हाई ब्लडप्रेशर और डायबिटीज़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।  

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दूर रहें मीठे पेय पदार्थों से

आज के दौर में डायबिटीज़ एक ऐसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो बहुत तेज़ी से पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रही है। केनेडा स्थित सेंट माइकल हॉस्पिटल और टोरंटो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता अब तक किए गए 155 अध्ययनों का विश्लेषण करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि फलों और सब्जि़यों में मौज़ूद कुदरती शर्करा शरीर में जाते ही आसानी से एनर्जी में बदल जाती है। इसलिए फलों के सेवन से डायबिटीज़ का खतरा नहीं होता लेकिन बाज़ार में बिकने  वाले डिब्बाबंद जूस, मिल्क शेक और सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौज़ूद कृत्रिम मिठास डायबिटीज़ टाइप-ढ्ढढ्ढ का कारण बन सकती है। अत: इस समस्या से बचने के लिए मीठे पेय पदार्थों से दूर रहने की कोशिश करें। अगर कुछ मीठा खाने की इच्छा हो तो केक, पेस्ट्री, चॉकलेट, मिठाई, डिब्बाबंद जूस और सॉफ्ट ड्रिंक्स लेने के बजाय ताज़े फलों का सेवन करें।

डिब्बाबंद से दूर रहें और फल खाएं

कृत्रिम मिठास में मौज़ूद केमिकल्स सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह होते हैं। अत: डायबिटीज़ टाइप-ढ्ढढ्ढ से बचाव के लिए डिब्बाबंद जूस, सॉफ्ट ड्रिंक्स, चॉकलेट, पेस्ट्री अैर मिठाइयों से यथासंभव दूर रहना चाहिए। इसलिए बेहतर यही होगा कि इन चीज़ों के बजाय ताज़े फलों का सेवन किया जाए। 

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