Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

अल्‍सर के दौरान होने वाली परेशानी

अल्‍सर के दौरान होने वाली परेशानी
Quick Bites
  • आमाशय की दीवार को नुकसान पहुंचाता है।
  • अल्‍सर होने पर सांस लेने में दिक्‍कत होती है।
  • पेट के ऊपरी हिस्‍से पर असहनीय दर्द होता है।
  • अल्‍सर होने पर भूख समाप्‍त हो जाती है।

अल्‍सर उस समय बनते हैं जब खाने को पचाने वाला अम्ल आमाशय की दीवार को नुकसान पहुंचाता है। आमाशय का अल्‍सर, पेप्टिक अल्‍सर या गैस्ट्रिक अल्‍सर इसके प्रमुख प्रकार हैं। अल्सर के लिए हेलिकोबैक्टर पायलोरी या एच. पायलोरी नामक जीवाणु जिम्‍मेदार होता है। 

ulcer in hindi

अल्‍सर की समस्‍या का इलाज समय पर नही किया गया तो यह गंभीर समस्‍या बन जाती है। अल्‍सर होने पर मितली आना, उल्टी आना, गैस बनना, पेट फूलना, भूख न लगना और वजन कम होने जैसी समस्‍यायें होने लगती हैं। आइए हम आपको इसके बारे में विस्‍तार से जानकारी देते हैं।

अल्‍सर में होने वाली परेशानी

  • सांस लेने में दिक्‍कत : अल्‍सर होने पर सांस लेने में दिक्‍कत होती है। जब हम खाते हैं तो आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनता है, जिससे भोजन का पाचन होता है। बदहजमी की वजह से कभी-कभी एसिड ऊपर की ओर आहार नली में चला जाता है, इससे जलन महसूस होती है। इसका असर गले, दांत, सांस आदि पर पड़ने लगता है। आवाज भारी हो जाती है और मुंह में छाले पड़ जाते हैं। इस तरह की स्थितियों को एसिड रिफ्लक्स डिजीज कहा जाता है।
  • पेट में दर्द : अल्‍सर होने पर पेट के ऊपरी हिस्‍से पर असहनीय दर्द होता है। खासकर खाने के बाद पेट में दर्द शुरू हो जाता है। खाली पेट रहने से भी दर्द होता है। इस स्थिति को गैस्ट्रिक अल्‍सर कहते हैं। आहार नली के निचले हिस्से में छाले पड़ जाते हैं, कुछ मामलों में तो आहार नली में छिद्र भी हो जाता है। इससे आहार नली में तेज जलन होती है।
  • छाती के पास दर्द : अल्‍सर होने पर छाती के पास दर्द होता है। अगर दर्द छाती के पास हो तो इसे एसिडिटी रिफ्लेक्शन का असर समझना चाहिए। इससे दिल के दर्द का शक होता है। दिल का दर्द छाती के ऊपरी हिस्से में होता है और कभी-कभी एसिडिटी की वजह से भी उसी जगह दर्द होता है, इसलिए इन दोनों स्थिति के बीच में बिना जांच के अंतर समझ पाना आसान नहीं है।
  • उलटी आना : उलटी होना या उलटी जैसा महसूस होना अल्सर का लक्षण माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में अक्‍सर मरीज को लगता है कि उलटी होने वाली है। लेकिन जब अल्‍सर बढ़ जाता है तो हालत और भी खराब हो सकती है। अल्‍सर बढ़ने पर तो खून की उलटी हो सकती है। ऐसे में स्टूल (मल) का रंग काला हो जाता है।
  • भूख न लगना : अल्‍सर होने पर आदमी की भूख समाप्‍त हो जाती है। खासकर पेप्टिक अल्‍सर होने पर बिलकुल भूख नही लगती है। सामने खाना होने पर भी खाने की इच्छा नहीं होती।
  • वजन कम होना : अल्‍सर के मरीजों का वजन बहुत तेजी से घटने लगता है। अल्‍सर होने पर मरीज खाने के प्रति उदासीन हो जाता है, जिसके कारण वजन कम होता है। खाना भी अच्‍छे से नही पच पाता जो वजन घटने का कारण है।  

अल्‍सर के रोगियों को मसालेदार खाने से परहेज करना चाहिए। अल्सर के रोगी को ऐसा आहार देना चाहिये जिससे पित्त न बने, कब्ज और अजीर्ण न होने पाये। अल्‍सर के मरीज को अत्यधिक रेशेदार ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए, जिससे अल्‍सर को जल्‍दी ठीक किया जा सके।


इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते हैं।

Image Source : Getty

Read More Articles on Peptic Ulcer in Hindi

Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 08, 2013

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK