टेस्टोस्टेरॉन के कम स्तर से हो सकता है मधुमेह

Updated at: May 16, 2015
टेस्टोस्टेरॉन के कम स्तर से हो सकता है मधुमेह

इस हार्मोन का स्तर कम होने से आदमी के अंदर अल्जाइमर्स, दिल के दौरे और स्ट्रोक की संभावना बढ जाती है।

Aditi Singh
डायबिटीज़Written by: Aditi Singh Published at: Apr 28, 2015

जिन पुरूषों में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होता है, उनको मधुमेह होने का ज्यादा खतरा होता है। उम्र बढने के साथ ही आदमी के शरीर से टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होता जाता है। हालांकि, मोटापा और खान-पान मधुमेह का प्रमुख कारण होता है लेकिन, अगर किसी व्यक्ति में‍ टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होता है तो, उसमें डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी होने का खतरा बढ जाता है। नियमित दिनचर्या और पोषणयुक्त आहार का सेवन करने के बावजूद अगर टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होता है तो मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा टेस्टोस्टेरॉन के कम स्तर से दिल की बीमारियां होने का भी खतरा होता है।

क्या कहते हैं शोध

एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में हुए एक शोध के अनुसार जिन पुरूषों में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम रहता है, उन्हें डायबिटीज होने का अधिक खतरा होता है। इस अध्ययन में इस विषय पर शोध किया गया कि, आखिर क्यूं उम्र बढने के कारण मधुमेह का जोखिम बढ जाता है। उम्र बढने के साथ पुरूषों में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम हो जाता है इसलिए डायबिटीज होने का खतरा बढ जाता है।

testosterone

 

 

क्या है टेस्टोस्टेरॉन

टेस्टोस्टेटरॉन ऐसा हार्मोन है जो कि पुरूषों के अंडकोष (टेस्टिकल्स) में पाया जाता है। टेस्टोस्टेरॉन पुरूषों में यौन इच्छाओं को बढाता है और इसका संबंध यौन क्रियाओं, रक्त संचार, मांसपेशियों की मजबूती, एकाग्रता और स्मृ्ति से होता है। जब कोई पुरूष चिडचिडा या गुस्सैल हो जाता है तो लोग उसे उम्र की कमी मानते हैं जबकि यह टेस्टोस्टेरॉन की कमी से होता है। टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की कमी से टाइप-2 डायबिटीज भी हो सकता है।

टेस्टोस्टेरॉन कब कम होता है

 

उम्र बढने के साथ ही शरीर में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की मात्रा कम होती जाती है। 40 की उम्र के बाद शरीर से हर साल एक प्रतिशत टेस्टोटस्टेरॉन का स्‍तर कम होने लगता है।70 की उम्र तक होते-होते आदमी के शरीर से टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा लगभग आधी हो जाती है। कभी-कभी लोगों के शरीर में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर 35 से कम उम्र में भी हो जाता है।आदमी में टेस्टोस्टेरॉन के स्तर का पता खून की जांच से लगाया जा सकता है। ब्लड टेस्ट द्वारा टेस्टोस्टेरॉन के लेवेल का पता चलता है।

testosterone

टेस्टोस्टेरॉन के कम होने के लक्षण

टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की कमी से पुरूषों में सेक्स की इच्छा कम हो जाती है। सेक्स प्रति उसकी रूचि समाप्त होने लगती है। शरीर कमजोर होने लगता है। मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर होकर टूटने लगती हैं।हर समय दिमाग में तनाव रहता है, बिना किसी कारण के चिडचिडा़पन बढता है। ज्यादा गुस्सा आता है। हमेशा थकान बनी रहती है। जिम और योगा का भी असर शरीर पर नहीं पडता है। इस हार्मोन का स्तर कम होने से आदमी के अंदर अल्जाइमर्स, दिल के दौरे और स्ट्रोक की संभावना बढ जाती है।

अगर शरीर में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होता है, तो चिकित्सक की सलाह से इस हार्मोन के लेवल को बढाया जा सकता है।

 

ImageCourtesy@gettyimages

Read More Article on Diabeties in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK