देर से सोने वाले किशोरों में ज्यादा है अस्थमा और एलर्जी का खतरा, अध्ययन में हुआ खुलासा

Updated at: Jul 08, 2020
देर से सोने वाले किशोरों में ज्यादा है अस्थमा और एलर्जी का खतरा, अध्ययन में हुआ खुलासा

देर से सोने और जागने वाले किशोरों में अस्थमा और एलर्जी का खतरा देखा गया ज्यादा, अध्ययन में हुआ खुलासा। जानें क्या है इसके लक्षण और बचाव के तरीके।

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Jul 08, 2020

खुद को हमेशा स्वस्थ रखने के लिए हम अक्सर कई जरूरी चीजें करते हैं, लेकिन इसके अलावा नींद भी एक गतिविधि है जिस पर हमे ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। वैसे तो सभी लोग रात में सोते हैं और कम से कम 7 घंटे की नींद लेते हैं और डॉक्टर भी उन्हें 7 घंटे की पूरी नींद लेने की सलाह देते हैं। लेकिन हाल में एक अध्ययन में पाया गया है कि जो किशोर रात में देर तक जागते हैं और सुबह देर तक सोते हैं, उनमें एलर्जी और अस्थमा (Asthma And Allergies) का खतरा काफी बढ़ जाता है वो भी उन लोगों की तुलना में जो लोग समय पर सोते और जागते हैं।

ईआरजे ओपन रिसर्च नामक एक पत्रिका में प्रकाशित हुए इस अध्ययन का नेतृत्व और नेतृत्व अलबर्टा विश्वविद्यालय, डॉ. सुभब्रता मोइत्रा की ओर से किया गया था, जो कि कैनेडा के विश्वविद्यालय में फुफ्फुसीय चिकित्सा विभाग से है। डॉ. मोइत्रा ने बार्सिलोना इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ, स्पेन में किया था। । शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस अध्ययन में नींद की अहमियत को देखते हुए भारत के पश्चिम बंगाल में 13 और 14 साल की उम्र के 1684 किशोरों ने इसमें हिस्सा लिया था। 

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खतरनाक हो सकती है देर से सोना की आदत

अध्ययन के दौरान सभी किशोरों से सवाल किया गया कि वे सुबह किस समय उठना पसंद करते हैं, वे किस समय थके हुए महसूस करते हैं या कब नींद लेते हैं आदि के बारे में पूछा गया। इसके साथ ही इन सभी सवालों से जुड़ा हुआ एक सवाल पूछा गया कि क्या वे अस्थमा, एलर्जी (Asthma And Allergies) जैसे नाक बहना और छींकना महसूस करते हैं। इसके बाद शोधकर्ताओं ने सभी किशोरों के लक्षणों की तुलना उनकी नींद से की और दूसरे सभी कारकों पर भी ध्यान डाला, जो अस्थमा के लक्षण और परिवार में धूम्रपान किया जाता है। ऐसे में शोधकर्ताओं को पाया गया कि किशोरों में देर से सोने और देर से उठने वाले किशोरों में अस्थमा और एलर्जी का खतरा ज्यादा है। 

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'सोने के समय और अस्थमा के बीच संबंध'

शोधकर्ताओं का इस अध्ययन में खुलासे के बाद कहना है कि 'हमारे परिणामों का सुझाव ये है कि सोने का समय और किशोरों में अस्थमा और एलर्जी (Asthma And Allergies) के बीच में एक गहरा संबंध है। हालांकि हम इस बात को लेकर काफी निश्चित नहीं हो सकते कि देर से सोने के कारण अस्थमा हो सकता है, लेकिन हम जानते हैं कि स्लीीप हार्मोन्स मेलाटोनिन अक्सर देर से सोने वालों में सिंक से बाहर हो जाते हैं और इससे एलर्जी और अस्थमा की प्रतिक्रिया प्रभावित हो सकती है।' 

अस्थमा के लक्षण क्या है

  • खांसी।
  • ज्यादा हंसते हुए या अचानक व्यायाम के दौरान खांसी आना।
  • घबराहट।
  • थकान।
  • सीने में जकड़न महसूस करना।
  • सांस लेने में परेशानी होना।
  • बात करने में कठिनाई।

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बचाव 

  • हमेशा एक स्वस्थ आहार लें जो सभी न्यूट्रीएंट्स या पोषण को पूरा करता हो। 
  • वजन या मोटापा बढ़ने न दें। ज्यादा वजन वाले लोग और मोटापे से पीड़ित लोगों में अस्थमा का खतरा ज्यादा होता है। 
  • धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करें या बिलकुल बंद कर दें ये आपके सीने में जलन और अस्थमा को बढ़ाने का काम करता है। 
  • नियमित रूप से व्यायाम करें। व्यायाम करने से आप अस्थमा के लक्षणों को कम कर स्वस्थ रह सकते हैं। 

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