• shareIcon

बच्चों के लिए कितना फायदेमंद है ध्यान करना? इस तरह बच्चों को सिखाएं ध्यान

बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍य By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 13, 2019
बच्चों के लिए कितना फायदेमंद है ध्यान करना? इस तरह बच्चों को सिखाएं ध्यान

ध्यान यानी मेडिटेशन करना सभी के लिए फायदेमंद होता है। मेडिटेशन करने से मन को शांति मिलती है और शरीर और मस्तिष्क दोनों को लाभ मिलता है। अगर आप बचपन से ही बच्चों में मेडिटेशन की आदत डालें, तो बच्चे पढ़ाई, खेलकूद हर क्षेत्र में आगे रहेंगे। मेडिटेशन स

ध्यान यानी मेडिटेशन करना सभी के लिए फायदेमंद होता है। मेडिटेशन करने से मन को शांति मिलती है और शरीर और मस्तिष्क दोनों को लाभ मिलता है। अगर आप बचपन से ही बच्चों में मेडिटेशन की आदत डालें, तो बच्चे पढ़ाई, खेलकूद हर क्षेत्र में आगे रहेंगे। मेडिटेशन से बच्चों की याददाश्त और एकाग्रता दोनों तेज होती हैं। आमतौर पर लोग समझते हैं कि ध्यान करना कठिन काम है मगर ऐसा नहीं है। 4-5 साल की उम्र से बड़े बच्चे भी आसानी से ध्यान कर सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि बच्चों कि किस तरह ध्यान करवाएं और ध्यान से उन्हें क्या लाभ मिलते हैं।

बच्चों को कैसे करवाएं ध्यान

बच्चों को ध्यान की आदत डलवाने के लिए आपको खुद भी थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। बच्चा जब 2.5-3 साल का हो जाए और अच्छी तरह चलने लगे, तो उसे अपने साथ सुबह-सुबह पार्क में ले जाएं और पैदल चलवाएं। इससे बच्चे के फेफड़ों में शुद्ध ऑक्सीजन का संचार बढ़ेगा और प्रकृति के प्रति उसका लगाव बढ़ेगा। धीरे-धीरे जब बच्चा पार्क जाने का अभ्यस्त हो जाए और थोड़ा बड़ा हो जाए, तो पार्क में किसी साफ जगह पर उसके साथ चौकड़ी मारकर बैठ जाएं। इसके बाद बच्चे को आंखे बंद करने का निर्देश दें, साथ ही बच्चे को बताए की वह रिलैक्स होकर कमर सीधी करके बैठे और किसी भी चीज के बारे में कुछ ना सोचे। साथ ही बच्चों को धीरे-धीरे लंबी सांसे लेने के लिए कहें। आप चाहें तो शुरूआत में रिलैक्सेशन म्यूजिक भी लगा सकते हैं ताकि बच्चों का इधर उधर ध्या‍न ना भटके।

इसे भी पढ़ें:- प्रदूषण के कारण बच्चों में अस्थमा के खतरों को कम करता है विटामिन डी

बच्चों को बताएं ध्यान के फायदे

बच्चों को समझाएं कि उनके दिमाग में लगातार जो विचार आ-जा रहे हैं उन्हें भूलने की कोशिश करें और अपना ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें ताकि वे मेडीटेशन का फायदा उठा सकें। उन्हें समझाएं कि ध्यान करने से उनका मस्तिष्क विकसित होगा और याद करने की क्षमता बढ़ेगी। ध्यान करने के बाद बच्चे से पूछें कि उसे कैसा लग रहा है। इन आदतों को डलवाने के बाद बच्चा स्वयं ही अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होने लगेगा और उसका विकास बेहतर होगा।

ध्यान करने पर दबाव न डालें

ध्यान मस्तिष्क को शांत करने की प्रक्रिया है इसलिए किसी दबाव में ध्यान नहीं किया जा सकता है। बच्चों को ध्यान करने की आदत डालें, न कि उनपर किसी तरह का दबाव बनाएं। शुरुआत में बच्चा किसी दिन मेडिटेशन करेगा और किसी दिन नहीं भी करेगा। ध्यान रखें अगर बच्चा सप्ताह में 2-3 दिन भी ध्यान कर लेता है, तो उसके लिए पर्याप्त है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होगा, वो रोजाना ध्यान करने की आदत खुद बना लेगा।

इसे भी पढ़ें:- क्या है बच्चों में मोटापा बढ़ने की बड़ी वजह, जानें एक्सपर्ट की राय

सिर्फ ध्यान नहीं, सही माहौल तैयार करें

बच्चों को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ ध्यान करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए आपको बच्चों को सही माहौल भी देना चाहिए। सही माहौल तैयार करना बच्चों के पालन-पोषण में एक बड़ी भूमिका निभाता है। बच्चे के लिए घर में ऐसा प्यार भरा माहौल बनाएं कि वो हमेशा खुश रहे और उसकी बुद्धि का बेहतर विकास हो सके। इसके लिए जरूरी है कि मां-बाप बच्चों बच्चों के मामले में दुनिया को उनकी ही नजर से देखें। बच्चों के लिए हर चीज नई और अनोखी होती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Children Health In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK