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टी.बी के निवारण का तरीका

ट्यूबरकुलोसिस By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 12, 2012
टी.बी के निवारण का तरीका

टी.बी एक संक्रामक रोग है और इसमें फेफड़ो में इनफेक्शन हो जाता है।

Chest infectionटी.बी एक संक्रामक रोग है।इसमें फेफड़ो में इनफेक्शन हो जाता है।कमजोरी आना, दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होना और बुखार आना इस बिमारी के लक्षण हैं। टी.बी शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। एब्डॉमन, किडनी, स्पाइन, ब्रेन या शरीर के किसी भी अंग की हड्डी में टी.बी हो सकता है।

कारण

  • साफ-सफाई नहीं रखना या मदिरापान, धूम्रपान करना टी.बी इन्फेक्शन का कारण हो सकता है।
  • शरीर में पोषण की कमी व लंबे समय तक जंक फूड के इस्तेमाल से टी.बी के बैक्टेरिया अटैक कर सकते हैं।
  • मीजल्स,न्यूमोनिया और एचआईवी पॉजिटिव होना भी टी.बी का कारण हो सकता है।
  • गाय का कच्चा दूध पीने से टी.बी होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • रोगी के सम्पर्क में रहने या उसकी वस्तुओं का उपयोग करने से भी रोग होता है।
  • गलती से रोगी का खून अन्य किसी रोगी के शरीर में चढ़ाने से वह व्यक्ति रोगग्रस्त हो जाता है।
  • कपड़ा मिल में काम करने वाले श्रमिकों को यो रोग होने की ज्यादा संभवाना होती है, क्योंकि कपड़ो के रेशे-रोएं सांस लेते वक्त उनके अंदर प्रवेश कर जाते हैं।


उपचार

सीने के एक्स- रे तथा थूक व बलगम की जांच से रोग का पता लग जाता है। रोग का निदान हो जाने पर एंटीबायोटिक्स व एंटीबैक्टीयल दवाओं द्वारा उपचार किया जाता है। रोगी को लगातार 6 से 9 महीने तक उपचार लेना पड़ता है। दवाओं के सेवन में अनियमितता बरतने पर इस रोग के बैक्टीरिया फिर से शरीर पर अटैक कर देते हैं। और उन पर दवाओं का भी असर नहीं होता है। यह स्थिति रोगी के लिए काफी खतरनाक होती है।

बचाव

  • दो हफ्तों से अधिक समय तक खांसी रहती है, तो चिकित्सक को दिखायें।
  • आपके आस-पास कोई बहुत देर तक खांस रहा है, तो उससे दूर रहें।
  • अगर आप किसी बीमार व्याक्ति से मिलकर आ रहे हैं तो अपने हाथों को ज़रूर धो लें।
  • पौष्टिक आहार लें जिसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन्स, मिनेरल्स, कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर हों क्योंकि पौष्टिक आहार हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।
  • अगर आपको अधिक समय से खांसी है,तो बलगम की जांच ज़रूर करा लें।
  • खांसी या जुकाम होने पर अपनी ही रुमाल का इस्तेमाल करें।
  • कहीं भी बाहर से आने के बाद हाथ व पैरों को अच्छे से धोना नहीं भूलें
  • बच्चों को बीसीजी का टीका जरुर लगवाएं इससे भविष्य में उसे टी.बी होने की संभावना नहीं रहेगी।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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