• shareIcon

बिजी लाइफ में बच्चों के लिए इस तरह निकालें समय

परवरिश के तरीके By मिताली जैन , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 30, 2018
बिजी लाइफ में बच्चों के लिए इस तरह निकालें समय

चूंकि आज के समय में जब माता व पिता दोनों ही वर्किंग होते हैं तो ऐसे में बच्चों के लिए उनके पास समय ही नहीं होता। समय का अभाव कहीं न कहीं बच्चे व माता-पिता के आपसी रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।

बच्चों से बढ़कर माता-पिता के लिए दुनिया में दूसरा कोई और हो ही नहीं सकता। उनकी खुशी व ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए वह जी-तोड़ मेहनत करते हैं। हर मां-बाप की यह हसरत होती है कि वह हर सुख-सुविधा बच्चों को दें। लेकिन मात्र भौतिक सुविधाएं देने से ही अभिभावक अपनी जिम्मेदारियों की इतिश्री नहीं कर सकते। बचपन में बच्चों को जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत होती है वह है माता-पिता का अमूल्य समय। चूंकि आज के समय में जब माता व पिता दोनों ही वर्किंग होते हैं तो ऐसे में बच्चों के लिए उनके पास समय ही नहीं होता। समय का अभाव कहीं न कहीं बच्चे व माता-पिता के आपसी रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। अगर आप भी इसी समस्या से हर दिन जूझते हैं तो चलिए जानते हैं कि बिजी लाइफ में बच्चों के लिए समय ऐसे निकालें-

यूं बांटे समय

हरदम समय का रोना रोने से आप बच्चों को कभी भी वक्त नहीं दे पाएंगे। इसके लिए जरूरी है कि आप समय को सही तरह से बांटना सीखें। मसलन, अगर आप एक साथ बच्चे को एक घंटा नहीं दे सकते तो समय को स्मार्ट तरीके से मैनेज करें। आप सुबह के समय बच्चे के स्कूल जाने से पहले दस-पंद्रह मिनट, रात को सोने से पहले पंद्रह बीस मिनट बिताएं। इस तरह आप उनके लिए समय भी निकाल लेंगे और आपको पता भी नहीं चलेगा। वहीं दूसरी ओर, बच्चे को भी आपकी कमी नहीं खलेगी। लेकिन इस समय बच्चे के साथ पढ़ाई की बातें करने से परहेज करें, बल्कि जहां तक हो, उसके साथ खेलने की कोशिश करें। वहीं अगर आप बच्चे को स्कूल लेने, छोड़ने या फिर कहीं पर जा रहे हैं, तो उस समय पर भी आप बच्चे से ढेर सारी बातें करें।

इसे भी पढ़ें:- आपका बच्‍चा बार-बार पड़ता है बीमार तो ध्‍यान से पढ़ें ये 10 एक्‍सपर्ट टिप्‍स

बिताएं क्वालिटी टाइम

बच्चे के लिए यह मायने नहीं रखता कि आप उसके साथ कितना समय बिताते हैं, बल्कि यह जरूरी है कि आप बच्चे के साथ समय किस तरह बिताते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर आप बच्चे के साथ एक घंटा हैं, लेकिन अगर उस दौरान आप सिर्फ और सिर्फ उसके स्कूल और पढ़ाई की बातें या फिर उसकी गलतियां गिनाते हैं तो वह आपसे दूर-दूर भागेगा। वहीं अगर आप अपने बिजी शेड्यूल के चलते उनके साथ कम समय बिता पाते हैं लेकिन कम समय में भी बच्चों के साथ गेम खेलते हैं या फिर खुद भी बच्चे बनकर खूब मस्ती करते हैं तो आपके बीच एक बेहतरीन बॉन्डिंग क्रिएट होती है। इसलिए क्वांटिटी टाइम की जगह क्वालिटी टाइम पर फोकस करें।

साथ में लें मील

बच्चों के साथ समय बिताने के लिए आप अपना रूटीन कुछ इस तरह सेट करें कि आप पूरे दिन का एक मील उनके साथ अवश्य लें, फिर चाहें वह ब्रेकफास्ट हो या डिनर। साथ ही डाइनिंग टेबल पर पूरे दिन के काम की चर्चा या पढ़ाई की चर्चा करने के स्थान पर कुछ ऐसी बातें करें, जिसे बच्चा इंजॉय कर सके। खाने की टेबल पर अगर आप चाहें तो बच्चे के साथ एक बेहतर बॉन्डिंग क्रिएट कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:- जिद्दी बच्चों को समझाते वक्त पेरेंट्स ध्यान रखें ये 5 बातें, नहीं होगी कोई परेशानी

वीकेंड पर रहें फ्री

पूरा सप्ताह माता-पिता के पास भले ही समय न हो, लेकिन वीकेंड एक ऐसा समय होता है, जब माता-पिता और बच्चे दोनों की ही छुट्टी होती है। इस दौरान आप बच्चे के साथ एक बेहद अच्छा समय बिता सकते हैं। वीकेंड पर आप उनके साथ कुकिंग करें, गेम खेलें, कोई एक्टिविटी करें या फिर कहीं बाहर घूमने जाएं। ऐसे में आप खुद को दोबारा रिचार्ज तो करते हैं ही, साथ ही बच्चों के साथ बिताया गया आपका समय उनके लिए भी बेहद मायने रखता है।

गैजेट्स को कहें नो

आजकल देखने में आता है कि भले ही परिवार के सदस्य एक साथ हों लेकिन साथ होने के बावजूद भी वह अपने-अपने गैजेट्स में ही लगे होते हैं। आप यह गलती न करें। बच्चों के साथ आप भले ही कम समय बिताएं लेकिन उस दौरान अपने मोबाइल, टैब व अन्य गैजेट्स को एक तरफ रख दें और पूरा समय सिर्फ और सिर्फ बच्चों के साथ ही बिताएं। फिर देखिए कि थोड़ा सा समय भी आपको कम नहीं लगेगा।
लाइफ एंड पैरेंटिंग कोच सलोनी सिंह से बातचीत पर आधारित

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Parenting Tips in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK