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हेल्दी रहना है तो दांतों की भी फिक्र करें

स्वस्थ आहार By जया शुक्‍ला , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 06, 2013
हेल्दी रहना है तो दांतों की भी फिक्र करें

दांतों की सफाई और अच्‍छी सेहत के बिना संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य की धारणा अधूरी है। जब तक आपके दांत स्‍वस्‍थ नहीं होंगे, आप खुद को पूरी तरह स्‍वस्‍थ नहीं कह सकते।

अच्‍छी सेहत के लिए हम क्‍या नहीं करते। अपने आहार से लेकर व्‍यायाम तक सभी पहलुओं का ध्‍यान रखते हैं। क्‍या खाना है, कितना खाना है, कब खाना है, कब व्‍यायाम करना है, कब सोना है और कब उठना है, इन सब बातों पर हमारी पूरी तवज्‍जो होती है। लेकिन, सेहत के इन सभी पहलुओं में हमारे दांत अकसर अनदेखे रह जाते हैं। हम यह तो याद रखते हैं कि सर्दी होने पर हमें कौन सी दवा खानी है और कौन सी नहीं, लेकिन ब्रश करने और मुंह स्‍वास्‍थ्‍य की अन्‍य जरूरी बातों को हमारा पूरा ध्‍यान नहीं मिलता।

oral care


डॅाक्टर अपर्णा शर्मा इस बारे में अपनी राय रखते हुए कहती हैं कि दांतों और मसूड़ों की समस्यायें तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी बड़ी वजह है कि अकसर लोग इन समस्‍याओं को गंभीरता से नहीं लेते। लोगों की नजर में ये बड़ी बातें नहीं हैं।

डॉक्‍टर कहते हैं कि दांतों की सामान्‍य समस्‍याओं से बचने के लिए केवल ब्रशिंग ही काफी नहीं। इन समस्‍याओं से बचने के लिए ब्रशिंग और फ्लॅासिंग के साथ नियमित रूप से डॉक्‍टरी जांच भी जरूरी है। इसके साथ ही दिन में एक बार फ्लासिंग करें और सोने से पहले ब्रश ज़रूर करें। 

दांतों की सामान्य् समस्यायें

दांतों में छेद

अधिक मीठा खाने पर या कई अन्य कारणों से मुंह में मौजूद बैक्टीरिया एसिड पैदा करने लगते हैं। हससे हमारे दांतों में कई प्रकार की समस्‍यायें हो सकती हैं। इससे दांतों में कैविटी सबसे सामान्‍य समस्‍या है।


प्‍लॉक और टारटर

प्लॉक लगभग हर किसी के दांतों में होता है। दांतों की सफाई करने के तुरंत बाद, प्लॅा क  का बनना शुरू हो जाता है। अगर इसे रोजाना अच्छी तरह से साफ  नहीं किया गया तो इसे कठोर टारटर में तब्दील होने में ज्यादा देर नहीं लगेगी।


जिंजिवाइटिस

यह मसूड़ों की बीमारी है, जिसमें मसूडें सूज जाते हैं या इनसे खून रिस सकता  है।

 

पेरिओडोन्टाल रोग

यह मसूड़ों का गंभीर रोग है, जो दांतों से जुड़ी हड्डी तथा उसके आस-पास के उत्तको को भी नष्ट कर देता है। 

 

tooth cleaning

क्या आप जानते हैं

•    इनेमल शरीर का सबसे कठोर भाग होता है। 
•    हमारी जीभ जहां व्यंकजनों का स्वा्द लेने में हमारी मदद करती है वहीं यह चिकित्सगकों को हमारी बीमारी का भी पता देती है।
•    हमारा मुंह किसी भी बीमारी को सबसे पहले दर्शाता है।
•    मुंह के अंदर की रेखा को ‘ओरल म्यूरकोसा’ कहते हैं और इसका लाल या गुलाबी रंग का होना स्व स्थ  शरीर का संकेत देता है।
 
दांतों का स्‍वास्‍थ्‍य  हमारे संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित कर सकता है और गंभीर बीमारियों को भी जन्मक दे सकता है, तो आज से ही सजग हो जायें।

 

Image Courtesy- Getty Images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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