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महिलाओं में टाइप वन डायबिटीज के लक्षण

डायबिटीज़ By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 05, 2011
महिलाओं में टाइप वन डायबिटीज के लक्षण

महिलाओं में टाइप वन डायबिटीज के लक्षण : डायबिटीज के खतरे के संकेतों को आसानी से पहचाना जा सकता है। आइए जानें महिलाओं में टाइप 1 डायबिटीज के लक्षणों के बारे में।

आज डायबिटीज जैसी बीमारी होना आम बात हो गई है। महानगरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी डायबिटीज का खतरा पनपने लगा है। डायबिटीज महिलाओं और बच्चों में खासतौर से पनप रही है। डायबिटीज के कई रूप होते हैं उनमें से एक हैं टाइप 1 डायबिटीज टाइप।

mahilao me type 1 diabetes

 

डायबिटीज़ में शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है, इसमें पेंक्रियाज़ ग्रंथी सुचारू रूप से काम करना बंद कर देती है। इस ग्रंथि में इंसुलिन के अलावा कई तरह के हार्मोंस निकलते हैं। डायबिटीज के खतरे के संकेतों को आसानी से पहचाना जा सकता है। आइए जानें महिलाओं में टाइप 1 डायबिटीज के लक्षणों के बारे में।

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  • टाइप 1 डायबिटीज -टाइप 1 डायबिटीज में इंसुलिन हॉर्मोन बनना बंद हो जाता है। ऐसे में शरीर में ग्लूकोज की बढ़ी हुई मात्रा को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन की जरूरत होती है। यदि इंसुलिन की मात्रा शरीर में पूर्ण नहीं होती, तो डायबिटीज रोगी कई अन्य भयंकर बीमारियों का शिकार हो सकता है या फिर कोमा में भी जा सकता है।
  • महिलाओं में टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण-महिलाओं में टाइप 1 डायबिटीज के लक्षणों में सबसे मुख्य लक्षण है शरीर में कमजोरी महसूस करना। इसके अलावा भी कई लक्षण है।

 

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  • बेहोशी होना-डायबिटीज़ 1 में, इंसुलिन की कमी हो जाती है। इससे शरीर में मौजूद सेल्स को शुगर मिलना बंद हो जाता है, जिसके कारण शरीर की ऊर्जा कम हो जाती है और शरीर में कमजोरी होने लगती है जिससे चक्कर आना और बेहोशी होने लगती है। इन लक्षणों के अलावा कई बार बहुत पसीना आने लगता है और धड़कन तेज हो जाती है।
  • बार-बार पेशाब आना और प्यास लगना-महिलाओं में डायबिटीज के खतरों के संकेत में से अधिक पेशाब आना भी एक है और डायबिटीज़ 1 में प्यास भी बहुत लगती है। दरअसल, रक्त में अत्यधिक शुगर के जमा होने से पेशाब के माध्यम से शुगर बाहर निकलती है। बार-बार पेशाब जाने से व्यक्ति को बार-बार प्यास भी लगने लगती है।
  • सिर दर्द की शिकायत-इंसुलिन बनना बंद होने से शरीर में ऊर्जा की कमी के कारण सिर दर्द होने लगता है जिससे दिमाग संबंधी बीमारियां होने का भी खतरा बढ़ जाता है। इंसुलिन की कमी से हर समय थकान की शिकायत होने लगती है।

 

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  • भूख लगना-टाइप 1 डायबिटीज में बहुत ज्या़दा भूख लगती है जिससे वजन बढ़ने का खतरा बना रहता हैं। हालांकि कुछ महिलाओं में इसके विपरीत वजन घटने भी लगता है।
  • दृष्टि में धुंधलापन आना-डायबिटीज़ अपने साथ कई अन्य समस्याएं भी लेकर आता है। टाइप 1 डायबिटीज में महिलाओं को कई बार कम दिखने लगता है और कभी घुंधला दिखाई पड़ता है। कई बार कुछ संक्रमित बीमारियां जैसे स्किन प्रॉब्लम्स  इत्यादि भी होने लगती है।

डायबिटीज  में शरीर में खुजली भी होने लगती है ,इसमें शरीर में चुभन के साथ सनसनाहट  भी होती है , चोट लगने पर घाव देर से भरता है , छोटी सी चोट पर जख्म भी हो सकता है। अगर इन्सुलिन का इंजेक्शन सही समय पर न दिया जाए या डायबिटीज टाइप 1 का सही समय पर इलाज न कराया जाए तो डायबिटिक मरीज कोमा में जा सकता है जिसे कीटोएसीडोसिस कहते है ।

 

 

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