• shareIcon

गर्भावस्‍था के दौरान खमीर के कारण होने वाले संक्रमण के लक्षण और उपचार

गर्भावस्‍था By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 10, 2013
गर्भावस्‍था के दौरान खमीर के कारण होने वाले संक्रमण के लक्षण और उपचार

गर्भावस्‍था के दौरान योनि में संक्रमण होना सामान्‍य है, इसके लक्षण और उपचार के बारे में जानिए इस लेख में।

गर्भावस्‍था के नौ महीने जटिलताओं से भरे होते हैं। इस दौरान इंफेक्‍शन होना बहुत आम बात है। इनमें ही एक है योनि में संक्रमण। जो सूक्ष्‍म कवक या खमीर के कारण होता है, जिसे कैंडिला एल्‍बीकस कहते हैं। पुरुषों से ज्‍यादा कवक महिलाओं में होते हैं जो गर्भावस्‍था के दौरान संक्रमण का कारण बनते हैं।

गर्भवती महिलागर्भावस्‍था के दौरान योनि में ग्‍लाइकोजन नामक ग्‍लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है, इसके कारण कैंडिला एल्‍बीकस नामक कवक का विकास होता है। महिला को गर्भावस्‍था के दौरान यह संक्रमण दस बार से भी ज्‍यादा हो सकता है। गर्भावस्‍था में एस्‍ट्रोजन के स्‍तर में वृद्धि के कारण ग्‍लाइकोजन का स्‍तर बढ़ता है और यह संक्रमण होता है। आइये हम इसके लक्षण और इसके उपचार के बारे में बात करें।

 

 

संक्रमण के लक्षण

प्रेग्‍नेंसी में रक्‍त स्राव होना सामान्‍य है, लेकिन रक्‍त स्राव के दौरान यह पतला और दुधिया रंग का हो तो आप स्‍वस्‍थ हैं लेकिन यदि योनि में संक्रमण है तो इसके लक्षण हो सकते हैं -

  • रक्‍तस्राव मोटा, सफेद और मलाईदार होगा।
  • योनि के आस-पास लालिमा, दर्द और खुजली हो सकता है।
  • योनि के आस-पास सूजन होना।
  • संभोग के दौरान दर्द होना।
  • मूत्र त्‍याग के दौरान दर्द और जलन होना।


योनि के इस इंफेक्‍शन को सुनिश्चित करने के लिए इसका निदान किया जाता है, इसके लिए आपका चिकित्‍सक कुछ टेस्‍ट करेगा, उसके अनुसार ही आपकी चिकित्‍सा की जायेगी।

संक्रमण का उपचार 

योनि में संक्रमण के लिए कई प्रकार के विकल्‍प मौजूद हैं जिसके द्वारा आसानी से इस संक्रमण से छुटकारा पाया जा सकता है। इसका उपचार करने के लिए मात्र सात दिनों के कोर्स की जरूरत पड़ती है। इसमें चिकित्‍सक पेसरीज (यह एक प्रकार की डिवाइस होती है जिसे योनि का संक्रमण रोकने के लिए प्रयोग किया जाता है) का प्रयोग करते हैं। हालांकि इस दौरान महिलाओं को यह सलाह दी जाती है कि वे पेसरीज का प्रयोग करते समय ग्रीवा पर दबाव बिलकुल न बनायें।

 

 

घर पर उपचार

प्रेग्‍नेंसी के दौरान योनि में संक्रमण को रोकने के लिए चिकित्‍सक की सलाह के अलावा आप खुद से इसका उपचार कर सकती हैं, यदि थोड़ी सी सावधानी बरती जाये तो इस संक्रमण के प्रकोप को कम किया जा सकता है, इसके लिए आप इन तरीकों को आजमा सकती हैं -

  • योनि के आसपास दही का थपका दीजिए, इससे संक्रमण कम फैलेगा।
  • कॉटन के इनरवीयर का प्रयोग कीजिए, जो ढीले और आरामदायक हों।
  • गर्म पानी से स्‍नान बिलकुल मत कीजिए।
  • बबल बॉथ को आजमा सकते हैं, इससे संक्रमण नही फैलेगा।
  • योनि के आस-पास साबुन और परफ्यूम आदि का प्रयोग बिलकुल न करें।



हालांकि गर्भावस्‍था के दौरान योनि में संक्रमण होने से बच्‍चे को कोई नुकसान नही होता है, लेकिन प्रसव के दौरान यदि बच्‍चा इसके संपर्क में आ जाये तो उसके मुंह पर सफेद धब्‍बे पड़ सकते हैं, जो उपचार से ठीक हो जाते हैं। लेकिन यदि आपको संक्रमण की शिकायत हो तो चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क कीजिए।

 

 

Read More Articles on Pregnancy Care in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK