लंबे समय तक खांसी और गले में खराश हो सकती है आपके लिए नुकसानदायक, इन घरेलू उपाय से करें दूर

Updated at: Apr 22, 2020
लंबे समय तक खांसी और गले में खराश हो सकती है आपके लिए नुकसानदायक, इन घरेलू उपाय से करें दूर

गले में खराश होने पर कई बार व्‍यक्ति को खाने-पीने में भी परेशानी होने लगती है। इसके लक्षणों को पहचानकर समय से उपचार कराना अच्‍छा रहता है। खराश के लक्ष

Vishal Singh
घरेलू नुस्‍खWritten by: Vishal SinghPublished at: Dec 12, 2013

अक्सर मौसम बदलने के कारण सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी चीजें देखने को मिलती है, लेकिन अगर ये समय पर खत्म हो जाए तो ये आम होती है और ये लगातार कई दिनों तक रहे तो ये सामान्य नहीं होती। बदलते मौसम के कारण कई लोग सर्दी, खांसी को नजरअंदाज करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है आम सर्दी-खांसी लगातार होने पर ये गले में जख्म का संकेत भी हो सकता है। बैक्टीरियल इन्फेक्शन के असर से खराश, आवाज का बैठना, खाना निगलने में परेशानी आदि समस्या पैदा होती है। वहीं, गले के दर्द और सूजन का एक कारण टॉन्सिल का बढ़ना भी हो सकता है। 

आमतौर पर लोग सर्दी, खांसी या गले की खराश को लेकर गंभीर नहीं रहते, जबकि कई गंभीर बीमारियों की शुरुआत सर्दी-खांसी के जरिए ही शुरू होती है, इससे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे ही गले में जख्म बनना भी एक समस्या है जिसकी वजह से सर्दी-खांसी और खराश जैसे लक्षण नजर आते हैं। आप लगातार होने वाली खराश और सूजन को बिलकुल भी नजरअंदाज न करें। आपको तुरंत इस मामले में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खराश गले की अंदरूनी परत के संक्रमित होने से होती है। गले में खराश होने पर सूजन, दर्द और खुजली की भी हो जाती है। ऐसे में कई बार व्‍यक्ति चिड़चिड़ा भी हो जाता है। खराश होने पर आपको आहार को खाने और लिक्विड को पीने में परेशानी भी हो सकती है। गले में होने वाला दर्द खराश का प्रारंभिक लक्षण माना जाता है। इस लेख के जरिए हम आपको बताते हैं गले में खराश के सामान्‍य लक्षणों के बारे में। 

गले में खराश के लक्षण

  • गले में लगातार दर्द होना। 
  • बार-बार खराश महसूस होना। 
  • गले में सूखापन। 
  • गले में सूजन
  • बोलने में तकलीफ होना। 
  • खांसी बंद न होना। 
  • कफ। 

गले की खराश और सूजन दूर करने के तरीके

हल्दी वाला दूध

हल्दी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है, ये हमे कई गंभीर बीमारियों से दूर रखने में हमारी मदद करती है। गले की खराश को भी दूर करने के लिए हल्दी का इस्तेमाल काफी असरदार साबित हो सकते हैं। हल्दी में मौजूद ऐंटी-इनफ्लेमेटरी गुण गले में दर्द और खराश की समस्या से छुटकारा दिलाने में कारगर है।गले की खराश दूर करने के लिए आप हल्दी वाला दूध पी सकते हैं। आप सोने से पहले हल्दी का दूध पी लें, इससे आपको सुबह तक असर दिखने लगेगा और आपके गले में काफी राहत होगी। 

इसे भी पढ़ें: बदलते मौसम के कारण जुकाम, छींक और बुखार की समस्या है तो ऐसे करें बचाव

गुनगुने पानी से करें गरारे

अगर आप अपने गले की खराश से काफी परेशान हो गए हैं तो आप गुनगुने पानी में नमक डालकर उससे गरारे कर सकते हैं। नमक के गुनगुने पानी से गरारे करना सबसे पुराना और असरदार नुस्खा है। आपको बता दें कि नमक में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिससे गले की खराश को आसानी से दूर किया जा सकता है। 

शहद

शहद भी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, शहद गले की सूजन और दर्द को खत्म करने में हमारी मदद करता है। आप गले की खराश से राहत पाने के लिए अदरक का काढ़ा बनाकर उसमें शहद डालकर भी उसका सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा आप एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद और नींबू का रस मिलाकर दिन में तीन बार पीने से भी सुखी खांसी से आराम पाया जा सकता है और आपके गले की खराश में भी राहत मिलेगी। 

इसे भी पढ़ें: जुकाम और बंद नाक से आराम पाने के लिए गले में लगाएं ये आयुर्वेदिक तेल, जानें घर पर बनाने की आसान विधि

सेब का सिरका

सेब का सिरका भी हमारे शरीर में कई बीमारियों से लड़ने का काम करता है। गले की खराश को दूर करने के लिए भी सेब का सिरका फायदेमंद होता है। सेब का सिरका एक तरह का एसिड है जो गले की खराश से जन्में बैक्टीरिया को खत्म करता है। इसके साथ ही ये आपके गले में जमने वाले कफ को भी खत्म करता है। इसके लिए आप एक चम्मच एप्पल विनेगर को अपनी हर्बल चाय में मिलाकर पी लें या फिर एक चम्मच विनेगर को ही पानी में मिलाकर गरारे करें इससे आपको काफी राहत महसूस होगी। 
Read More Articles on Home Remedies in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK