इन लक्षणों से जानें आपके शरीर में असंतुलित हो रहे हैं पित्त दोष (Pitta Dosha), जानें कैसे करें सुधार

Updated at: Jan 22, 2021
इन लक्षणों से जानें आपके शरीर में असंतुलित हो रहे हैं पित्त दोष (Pitta Dosha), जानें कैसे करें सुधार

पित्त दोष के असंतुलित होने पर आपको कई समस्याएं हो सकती है, इसलिए जरूर जानिए क्या है इसके लक्षण और सुधार के तरीके।

Vishal Singh
आयुर्वेदWritten by: Vishal SinghPublished at: Jan 21, 2021

पित्त दोष हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण दोष होता है ये हमारे शरीर के पाचन तंत्र को नियंत्रित करने का काम करता है। इतना ही नहीं पित्त दोष की मदद से ही हमारे शरीर का तापमान बना रहता है साथ ही ये हमारी त्वाच, मानसिक स्थिति और हमारी भावनाओं पर काम करता है। पित्त दोष का असंतुलन होना एक आम समस्या है जिसके कारण आप खुद को शारीरिक रूप से अस्वस्थ महसूस करते हैं। लेकिन हर कोई इस बारे में ज्यादा नहीं जानता, अक्सर लोगों के मन में ये सवाल होता है कि हम कैसे इस बात का पता लगाएं कि पित्त दोष शरीर में असंतुलित हो गया है। इसके लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है बल्कि हम आपको इस लेख में बताएंगे कि कैसे पित्त दोष शरीर में असंतुलित हो जाता है और इसे कैसे सुधारा जा सकता है। इस विषय पर हमने बात की डॉ. अनार सिंह आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष , शल्य तंत्र की डॉक्टर राखी मेहरा से। जिन्होंने बताया कि कैसे इसके लक्षणों का पता चलता है और कैसे इसे सुधारा जा सकता है। 

pitha dosha

पित्त दोष असंतुलित के लक्षण क्या हैं? (Symptoms Of Pitta Dosha Imbalance In Hindi)

1. सूजन पैदा होना

अक्सर कई लोग अपने शरीर पर सूजन का असर देखते हैं, लेकिन उन्हें ये एक सामान्य समस्या लगती है और वो इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं हर बार आपके शरीर पर सूजन आने का मतलब पित्त दोष असंतुलन होना भी हो सकता है, जिससे बहुत लोग आज भी अनजान हैं। आपको बता दें कि जब आपके शरीर में पित्त दोष असंतुलन होने लगता है तो इस दौरान आपको सूजन जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है, इसमें आपको प्रभावित हिस्से में दर्द का अनुभव भी हो सकता है। 

2. बार-बार उलटी का अनुभव होना

बार-बार उलटी या मतली की समस्या होने पर कोई भी व्यक्ति काफी परेशान हो सकता है, लेकिन क्या आपा जानते हैं इसके पीछे भी पित्त दोष का काफी महत्व होता है। जी हां, पित्त दोष के बिगड़ने या असंतुलित होने पर आपके शरीर और कई तरह की पाचन संबंधित समस्याएं होती है। जिसमें आपको सीने में जलन, उलटी और मतली का अनुभव हो सकता है। 

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3. पाचन संबंधित समस्याएं

पाचन संबंधित समस्याओं के कारण आप कई दिनों तक खुद को बीमार महसूस कर सकते हैं। ऐसे में लोग कई तरह की दवाईं लेते हैं जिसका इस समस्या पर कोई असर देखने को नहीं मिलता। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान आपका पित्त दोष आपके शरीर में असंतुलित हो रखा होता है। जिसकी वजह से आपको एसिडिटी की समस्या, सीने में जलन, पेट में दर्द, कब्ज और अन्य पेट की समस्याएं हो सकती है। 

4. अनिद्रा

अनिद्रा एक आम समस्या है जिसको लोग सीधे तनाव से जोड़ते हैं, हालांकि ये सच है कि ज्यादातर अनिद्रा की समस्या के पीछे तनाव और चिंता की अहम भूमिका होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं जब शरीर में पित्त दोष असंतुलित हो जाता है तो भी आप अनिद्रा का शिकार हो सकते हैं। जिसके कारण आपको रात में सोने में परेशानी, नींद की गुणवत्ता में खराबी और पर्याप्त नींद न मिल पाने जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं। 

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5. मुंह से बदबू आना

मुंह से बदबू आना वैसे तो कई कारणों से हो सकता है, इसमें आपके मुंह संबंधित कोई बीमारी, भारी एसिडिटी या फिर मुंह की साफ-सफाई न होने के कारण भी ऐसा हो सकता है। लेकिन इसके अलावा जब आपके शरीर में पित्त दोष असंतुलित होने लगता है तो उस दौरान भी आपके मुंह से काफी दुर्गंध आ सकती है। जिसे महसूस कर आप खुद को काफी अस्वस्थ महसूस करेंगे। 

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कैसे करें इसमें सुधार

  • पित्त दोष में सुधार करने के लिए एक्सपर्ट की सलाह है कि वो रोजाना शारीरिक गतिविधियों में शामिल रहें और एक्सरसाइज करें। इससे आप खुद को हमेशा एक्टिव और बीमारियों से दूर तो रख सकते ही हैं, बल्कि इससे पित्त दोष भी संतुलित रहता है। 
  • एक स्वस्थ आहार आपके जीवन में बहुत महत्व रखता है, आप रोजाना स्वस्थ आहार का भोजन करें इससे आप अपनी कई तरह की शारीरिक समस्याओं को दूर कर सकते हैं। 
  • योग खुद को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने का एक बेहतरीन विकल्प है जिसकी मदद से आप आसानी से खुद को बीमारियों से भी दूर रख सकते हैं। आप रोजाना कम से कम 30 मिनट तक योग करें, इससे आप हमेशा अपने पित्त दोष को संतुलित रख सकते हैं। इसके अलावा आप रोजाना ध्यान यानी मेडिटेशन भी कर सकते हैं जो आपके लिए बहुत फायदेमंद होती है। 

पित्त दोष के लक्षण हर किसी व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, इसलिए अगर आपको इससे संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं तो आप डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

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