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लोगों का अटेंशन पाने की चाहत में जोखिम भरे काम करना हो सकता है ये मेंटल डिस्आर्डर

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 12, 2018
लोगों का अटेंशन पाने की चाहत में जोखिम भरे काम करना हो सकता है ये मेंटल डिस्आर्डर

कई बार आपने रोड पर लोगों को खतरनाक स्टंट्स करते हुए देखा होगा, खतरनाक तरीके से ड्राइव करते हुए देखा हुोगा या किसी खतरनाक जगह पर सेल्फी लेते हुए देखा होगा। क्या आपने कभी सोचा है कि लोग ऐसा क्यों करते हैं?

कई बार आपने रोड पर लोगों को खतरनाक स्टंट्स करते हुए देखा होगा, खतरनाक तरीके से ड्राइव करते हुए देखा हुोगा या किसी खतरनाक जगह पर सेल्फी लेते हुए देखा होगा। क्या आपने कभी सोचा है कि लोग ऐसा क्यों करते हैं? लोग ऐसा करते हैं दूसरों का ध्यान आकर्षित करने के लिए या अपने आप को खास और अलग दिखाने के लिए। लेकिन आपको बता दें कि मेडिकल साइंस की दृष्टि में ये एक तरह की दिमागी बीमारी है जिसे एडीएचडी मेंटल डिस्आर्डर या अटेंशन डेफिसिट हाइपर एक्टिविटी डिस्आर्डर कहते हैं।

क्यों करते हैं लोग खतरनाक काम

 

दूसरों का ध्यान आकर्षित करने और सम्मान पाने की ललक इंसान के मूल में है। आमतौर पर ये प्रवृत्ति बच्चों में ज्यादा पाई जाती है कि वो लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अलग-अलग काम करते हैं। समय के साथ धीरे-धीरे ये प्रवृत्ति दब हो जाती है क्योंकि दिमागी समझ विकसित होने के साथ व्यक्ति को जोखिम भरे कामों का खतरा समझ आने लगता है। मगर कई बार युवा होने के बाद भी ये प्रवृत्ति जाती नहीं है और कई बार दूसरों के देखकर दबी हुई प्रवृत्ति फिर से उभर सकती है। इस कारण लोग जोखिम भरे काम करते हैं।

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क्यों करते हैं लोग ऐसा

एडीएचडी मेंटल डिस्आर्डर से ग्रसित लोग जोखिम भरे काम क्यों करते हैं? दरअसल हमारे दिमाग में एक विशेष केमिकल होता है जिेसे न्यूरो ट्रांसमिटर्स कहा जाता है। ये केमिकल्स हमारे दिमाग को ध्यान केंद्रित करने और समझदारी भरे फैसले लेने में मदद करता है। कुछ लोगों में ये केमिकल्स दिमाग के कुछ हिस्सों में सही से नहीं पहुंच पाते हैं। इसी की वजह से एडीएचडी डिस्आर्डर हो जाता है।

क्या है इसका कारण

आमतौर पर ये प्रवृत्ति उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जिन्हें बचपन से सही प्यार और सम्मान नहीं मिल पाता है। इसके अलावा कई बार ज्यादा प्यार और दुलार के कारण भी बचपन से लोग खतरों से खेलने के लिए तत्पर दिखते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों में ये आदत दूसरों के जोखिम को देखकर पैदा होती है।

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क्या हैं युवाओं में इस डिस्आर्डर के लक्षण

आमतौर पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए किए गए सभी काम इसी मेंटल स्टेज की वजह से किए जाते हैं। तेज गाड़ी चलाना, खतरनाक स्टंट्स दिखाना, मीटिंग या ईवेंट्स में देर से जाना ताकि लोग देख सकें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर ज्यादा रहना और लोगों के साथ घुलने-मिलने से परहेज करना भी इसी डिस्आर्डर के कारण होता है। इसके अलावा कई लोगों में ये प्रवृत्ति दबी हुई अवस्था में होती है जो बाहर से नहीं दिखती जैसे सार्वजनिक जगह पर कोई किताब पढ़ते हुए किताब से ज्यादा आस-पास ध्यान लगना। ऐसे लोगों को ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है। कई बार लोग अपने पहनावे जैसे कपड़े, जूते, घड़ियां और चश्मे भी इस तरह चुनते हैं कि वो लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकें। ऐसे लोगों में ब्राण्ड्स के प्रति दीवानगी भी खूब देखी जाती है।

अन्य लक्षण

  • गु्स्सा कंट्रोल न कर पाना
  • लड़ाई झगड़े में तेज बोलना और जल्दी ही हाथ छोड़ देना
  • लोगों का मजाक उड़ाना और परेशान करना

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