• shareIcon

घुटनों में एक सप्‍ताह से ज्‍यादा है दर्द तो तुरंत लें डॉक्‍टर की सलाह, गठिया के हैं संकेत

Other Diseases By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 11, 2018
घुटनों में एक सप्‍ताह से ज्‍यादा है दर्द तो तुरंत लें डॉक्‍टर की सलाह, गठिया के हैं संकेत

अर्थराइटिस में सूजन के साथ दर्द और उंगलियों, बाजुओं, टांगों और कलाइयों में अकड़न होती है। इसमें शरीर के जोड़ों में काफी दर्द होता है। यह दर्द सुबह नींद से जागते समय अधिक होता है

अर्थराइटिस के रोगियों में एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन आ जाती है। इसमें जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है, इसलिए इस रोग को गठिया भी कहते हैं। अलग-अलग प्रकार के अर्थराइटिस में अलग प्रकार के लक्षण हो सकते हैं। इनफ्लेमेंटरी अर्थराइटिस में आपके जोड़ों और अन्‍य हिस्‍सों में दर्द होता है। अगर किसी व्‍यक्ति को रह्यूमेटिक अर्थराइटिस है तो आपको थकान, वजन कम होना, हल्‍का बुखार और त्‍वचा पर रेशेज पड़ने की शिकायत हो सकती है।

लेकिन, इस बात को अच्‍छी तरह से याद रखें कि ये लक्षण केवल अर्थराइटिस तक ही सीमित नहीं हैं और ये किसी और बीमारी के कारण भी हो सकते हैं। अर्थराइटिस में सूजन के साथ दर्द और उंगलियों, बाजुओं, टांगों और कलाइयों में अकड़न होती है। इसमें शरीर के जोड़ों में काफी दर्द होता है। यह दर्द सुबह नींद से जागते समय अधिक होता है।

अर्थराइटिस के कारण 

कार्टिलेज जोड़ो का एक नर्म और लचीला ऊतक है। जब आप चलते हैं और जोड़ों पर दबाव डालते हैं तो यह प्रेशर और शॉक को अवशोषित करके आपके जोड़ों को बचाता है। कार्टिलेज ऊतकों की मात्रा में कमी से कई प्रकार के गठिये होते है। सामान्य चोटें ऑस्टियो आर्थराइटिस का कारण बनती हैं, यह गठिया के सबसे सामान्य रूपों में से एक है। जोड़ों में संक्रमण या चोट कार्टिलेज ऊतकों की प्राकृतिक मात्रा को कम कर सकता है। यदि परिवार के लोगों में यह बीमारी पहले से चली आ रही है तो इस बीमारी के आगे भी बने रहने की संभावना बढ़ जाती है। गठिया का एक और आम रूप है रुमेटी आर्थराइटिस, यह एक प्रकार का ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है। इसकी शुरुआत तब होती है जब आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के ऊतकों पर हमला करती है। इन हमलों से सिनोवियम पर प्रभाव पड़ता है।

सिनोवियम आपके जोड़ो में पाया जाने वाला एक नर्म टिशु होता है जो ऐसे लिक्विड को बनाता है जिससे कार्टिलेज को पोषण और जोड़ो को चिकनाई मिलती है। रुमेटी गठिया सिनोवियम की एक बीमारी है जो जोड़ों पर हमला करके उन्हें नष्ट करती है। यह जोड़ो के अंदर हड्डी और कार्टिलेज को नष्ट करने का कारण बन सकती है।  वैसे तो इम्यून सिस्टम के हमलों का सही कारण पता नही है, लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक जीन, हार्मोन और पर्यावरणीय कारण रुमेटी गठिये के जोखिम को दस गुना बढ़ा सकते है। 

इसे भी पढ़ें: अर्थराइटिस क्‍या है और यह कितने तरह से आपको पहुंचाता है नुकसान, जानें

अर्थराइटिस के लक्षण

  • अगर आपको होने वाले दर्द किसी चोट के कारण न हो अथवा वह दर्द पहले से किसी कारण से न हो और यह दर्द एक सप्‍ताह से अधिक समय से चल रहा हो, तो आपको फौरन डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।
  • अगर आपके जोड़ों में सूजन आ जाए। और यह सूजन किसी चोट के कारण न हो, तो भी यह अर्थराइटिस का लक्षण हो सकता है।
  • अगर आपकी तबीयत लगातार खराब हो और आपको बुखार हो तो यह अर्थराइटिस का लक्षण हो सकता है।
  • अगर जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द के कारण आपको अपने रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही हो, तो एक बार आपको अर्थराइटिस की जांच करवा लेनी चाहिए।
  • किसी भारी चीज को उठाते समय आपकी कमर में दर्द हो और दर्द निवारक दवायें लेने और उस पर गर्माहट लेने का भी फायदा न हो। तो यह भी अर्थराइटिस का ही एक लक्षण है।
  • अगर आपके जोड़ों में सूजन और कोमलता आ जाए और जोड़ों को छूने से भी दर्द हो।

इसे भी पढ़ें: कच्‍चे पपीते का ये ड्रिंक से तुरंत दूर होगा गठिया का दर्द!

ये लक्षण हैं गंभीर

  • अचानक आपको बहुत तेज दर्द होता है, फिर चाहे वो चोट के कारण हो या फिर अनजान वजहों से।
  • बुखार के साथ शरीर में दर्द होना
  • दर्द तेजी से बढ़े और इससे जोड़ लाल हो जाएं और उनमें कोमलता आ जाए।
  • आपको अपनी बाजुओं और कमर में थोड़ी देर बैठे रहने के बाद ही दर्द का अहसास होने लगे। खासतौर पर सुबह नींद से उठने के बाद।
  • इस प्रकार के दर्द में आपको तुरंत डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाहिए।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Health Diseases In Hindi

 
Disclaimer:

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।