हाई बीपी के मरीजों के लिए फायदेमंद है ये मसाज, जानें इसे करने का सही तरीका और फायदे

Updated at: Sep 10, 2020
हाई बीपी के मरीजों के लिए फायदेमंद है ये मसाज, जानें इसे करने का सही तरीका और फायदे

स्वीडिश मसाज थेरेपी ब्लड वेसल्स को आराम देती है, जिससे ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है।

Pallavi Kumari
तन मनWritten by: Pallavi KumariPublished at: Sep 10, 2020

हाई बीपी (High Blood Pressure) स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है। यह हृदय, मस्तिष्क, गुर्दे और अन्य बीमारियों सहित कई पुरानी बीमारियों के जोखिम को बढ़ाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में अनुमानित 1.13 बिलियन लोगों को हाई बीपी की परेशानी है और उनमें से अधिकांश निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। वहीं इसके पीछे कुछ गंभीर कारणों पर नजर डालें, तो ये पाएंगे कि मोटापा, धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन, आहार में बहुत अधिक नमक, एक गतिहीन जीवन शैली, तनाव और डायबिटीज के कारण होता है। 

insidehighbp

हाई बीपी में आपका ब्लड प्रेशर इतना तेज होता है कि ये आपके ब्लड वेसल्स के वॉल्स को टकराते हुए बाहर निकलता है। इस तरह ये ब्लड वेसल्स समेत पूरे शरीर पर एक ऐसा दबाव डालता है, जो कि शरीर के लिए बहुत नुकसानदेह है। कई विशेषज्ञों का मानना है स्वीडिश मसाज (Swedish massage high blood pressure) आपके रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने में आपकी मदद कर सकती है। तो आइए जानते हैं क्या है ये मसाज और इसे घर में तरने का सही तरीका।

क्या है स्वीडिश मसाज (Swedish massage)?

'स्वीडिश मसाज' मसाज की एक ऐसे तकनीक है, जिसे मांसपेशियों को आराम देने के लिए डिजाइन किया गया है। इस तकनीक में मसाज करते वक्त व्यक्ति अपने हाथों को उसी दिशा में रगड़ता है, जिस दिशा में रक्त का प्रवाह दिल तक वापस आता है। स्वीडिश मालिश तकनीकों लंबे स्ट्रोक, सानना, घर्षण, दोहन, टक्कर, कंपन, बहाव और गति आदि का इस्तेमाल करके मसाज किया जाता है। 

insidemessageforhighbp

स्वीडिश मसाज को करने का तरीका (Swedish massage techniques)

  • इफ्लेराज (Effleurage): हथेलियों, अंगूठे और या उंगलियों के साथ कोमल हाथों से मसाज की शुरुआत की जाती है।
  • पेट्रिसेज (Petrissage): इसमें शरीर की अलग-अलग मांसपेशियों पर अंगूठे और उंगलियों के साथ सानना जैसे मूवमेंट करना होता है।
  • घर्षण (Friction): अंगूठे और उंगलियों की मदद से पीठ पर गोलाकार दबाव बनाना होता है।
  • कंपन (Vibration): इसमें थरथरानवाला वाले मूवमेंट्स किए जाते हैं, जो शरीर में कंपन पैदा करते हैं।
  • हैकिंग (Hacking): इसमें हल्के हाथों से थप्पड़ मारना होता या कराटे-स्टाइल चॉपिंग करनी होती है।

इसे भी पढ़ें : Padabhyanga: समग्र स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देती है ये आयुर्वेदिक मसाज 'पादाभ्यंग', जानें इसके स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

स्वीडिश मसाज का उद्देश्य क्या है?

स्वीडिश मालिश का मुख्य उद्देश्य रक्त में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाना और मांसपेशियों से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलने के लिए प्रेरित करना है। इस मालिश से हानिकारक विषाक्त पदार्थ जैसे लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड और अन्य चयापचय अपशिष्टों को टिशूज से बाहर प्रवाहित करने में मदद करती है। साथ ही से मांसपेशियों की रिकवरी में भी मदद करता है।

insideswedishmassage

स्वीडिश मसाज के लाभ क्या हैं (Swedish massage benefits)?

स्वीडिश मसाज न केवल असाधारण रूप से अच्छा महसूस करती है, बल्कि आराम और स्फूर्तिदायक होती है। यह नसों, मांसपेशियों, ग्रंथियों, परिसंचरण को प्रभावित करता है और हमारे सामान्य स्वास्थ्य और भलाई को बढ़ावा देता है। उपचार के रूप में यह तनाव को कम करने में मदद करता है। ये मसाज हाई बीपा के मरीजों में हृदय की दर को कम कर सकती है। साथ ही ये ब्लड सर्कुलेशन को स्मूद बनाने का काम करती है।

इसे भी पढ़ें : कई अद्भुत फायदों से भरपूर है ये स्‍पेशल इंडोनेशियाई बालिनी मसाज, जानें इसके फायदे और मसाज का तरीका

मसाज थेरेपी में में सहानुभूति गतिविधि कम हो जाती है और पैरासिम्पेथेटिक गतिविधि बढ़ जाती है। यह चिंता और तनाव को काफी कम कर सकता है, बल्कि मानसिक तौर पर भी शांति प्रदान करता है। यह मसाज में संकुचित टीशूज को फैलने में मदद करता है और पूरे शरीर के ब्लड वेसल्स को आराम देता है।

Read more articles on Mind-Body in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK