केवल सूरज की किरणों से ही नहीं यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस आंखों को बचाते हैं इन बीमारियों से भी

Updated at: Oct 29, 2020
केवल सूरज की किरणों से ही नहीं यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस आंखों को बचाते हैं इन बीमारियों से भी

लोग स्टाइल स्टेटमेंट में इजाफा के लिए सनग्लासेस का प्रयोग करते हैं। ऐसे में हम बता दें कि सनग्लासेस आंखों की अनेक बीमारी को दूर रखने में कारगर है।

Garima Garg
अन्य़ बीमारियांWritten by: Garima GargPublished at: Oct 29, 2020

सनग्लासेस के प्रयोग से आप आंखों को अनेक बीमारियों से बचा सकते हैं। आज के समय में लोग ज्यादातर सनग्लासेस खरीदते समय उसके डिजाइन और कलर पर ध्यान देते हैं लेकिन वे यूवी प्रोटेक्शन क्वालिटी को ध्यान में रखना भूल जाते हैं। बता दे कि सनग्लासेस केवल फैशन एक्सेसरीज नहीं है। इसका असल उपयोग इस से कहीं बढ़कर है। यह न केवल हमारी आंखों को सूरज की तेज किरणों से बचाता है बल्कि आंखों की अनेक बीमारियों से भी हमारी रक्षा करता है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे कि सनग्लासेस का उपयोग किन किन बीमारियों से दूर रखने में कारगर है। पढ़ते हैं आगे... 

eye protection

 मैक्यूलर डीजेनरेशन 

आपको बता दें कि मैक्यूला आंखों का वह हिस्सा होता है जिसमें लाइट सेंसिंग सेल्स मिलियंस में होते हैं। इनकी मदद से ही हम चीजों को स्पष्ट तरीके से देख पाते हैं। लेकिन अल्ट्रावॉयलेट किरणों के कारण इन्हें नुकसान पहुंचता है, जिसके कारण देखने की स्पष्टता पर भी प्रभाव पड़ता है। इसके चलते ना केवल आंखों का विज़न कम होता है बल्कि आंखों के आगे अंधेरा छाना शुरू हो जाता है। इसलिए सनग्लासेस से काफी हद तक इस बीमारी को रोका जा सकता है।

मोतियाबिंद की समस्या

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके अनुसार विश्व में करीब 900000 लोग मोतियाबिंद के कारण आंखों की रोशनी को खो देते हैं। आंखों के लेंस में धुंधलापन की दिक्कत भी इसी बीमारी के कारण आती है। यह बीमारी भी अल्ट्रावॉयलेट किरणों के संपर्क में पढ़ने से होती है। ऐसे में अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेस अल्ट्रावॉयलेट किरणों का एक्स्पोज़र काफी हद तक कम कर देते हैं। और इनके उपयोग से मोतियाबिंद की बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है। 

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स्किन कैंसर से बचाव

ध्यान दें कि आईलिड पर स्किन कैंसर के पनपने की आशंका ज्यादा रहती है। इसका खुलासा एक शोध के माध्यम से भी हुआ था। ऐसे में सनग्लासेस के उपयोग से काफी हद तक इस संभावना को रोका जा सकता है। बता दें कि इसके लिए आप एक्सपर्ट की मदद से भी सनग्लासेस का चुनाव कर सकतेे हैं। 

टरिजियम की समस्या

इस समस्या को सर्फर्स आई के नाम से भी जाना जाता है। इस समस्या में आंखों के किसी एक कोने से एब्नार्मल टिशु उत्पन्न हो जाते हैं। जिसके कारण व्यक्ति दृष्टिहीन हो सकता है इसीलिए इस समस्या को रोकने में भी सनग्लासेस फायदेमंद है।

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कुछ जरूरी बातें-

  • धूल मिट्टी और सूरज की तेज किरणों के साथ-साथ सनग्लासेस इंफेक्शन को भी दूर रखने में सहायक है।
  • अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए व्यक्ति को सनग्लासेस का चयन करते वक्त यूवी प्रोटेक्शन वाले लेंस का भी ध्यान रखना चाहिए।
  • जब भी आप बाहर निकले या तेज धूप में कहीं बाहर जाएं तो बड़े फ्रेम वाले सनग्लासेज़ का उपयोग करें। सनग्लासेस आपकी आंखों को जितना कवर करेंगे आपको उतना फायदा मिलेगा।
  • आपने देखा होगा कि कुछ खिलाड़ी कलर्ड सनग्लासेस का प्रयोग करते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसे सनग्लासेस धूप से सुरक्षा देने के साथ-साथ लाइट कंट्रास्ट को भी बढ़ाते हैं।
  • किसी भी उम्र के लोग सनग्लालेज़ का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • सनग्लासेज़ खरीदते वक्त क्वॉलिटी का ध्यान जरूर रखें। 
  • घर पर सूरज की तीथी किरणें हमला नहीं करती हैं ऐसे में आप धर पर सनग्लासेज़ का नहीं भी करेंगे तो इससे कोई नुकसान नहीं होगा।

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