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तनाव से बढ़ जाता है दर्द

दर्द का प्रबंधन By Aditi Singh , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 24, 2009
तनाव से बढ़ जाता है दर्द

शरीर में गंभीर तनाव की परिस्थितियों में दर्द की अनुभूति रोकने के लिए प्रभावकारी उपाय मौजूद हैं, लेकिन दीर्घकालिक तनाव का परिणाम दीर्घकालिक दर्द के रूप में निकल सकता है।

Quick Bites
  • तनाव दीर्घकालिक दर्द को भी बढा सकता है।
  • तनाव से नर्वस सिस्टम प्रभावित हो जाता है।
  • दर्द ज्यादा होने पर चिकित्सक की सलाह लें।
  • ध्यान से तनाव और दर्द का इलाज हो सकता है। 

 

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में काम के बोझ, परिवार और दैनिक जीवन के कार्यकलापों के कारण तनाव हो जाना बहुत आसान बात है। तनाव के ये कारण ना सिर्फ भावनात्मक रूप से कष्ट पहुंचाते हैं, बल्कि शारीरिक कष्ट या दर्द भी पहुंचा सकते हैं। तनाव और दर्द का आपस में गहरा संबंध है और ये एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। अनेक अध्ययन इस तथ्य का समर्थन करते हैं कि अवसाद, बेचैनी, तनाव इत्यादि दर्द बढाते हैं। स्थायी तनाव और दर्द ऐसा दुश्चक्र बनाते हैं, जिसमें दीर्घकालिक तनाव और दीर्घकालिक दर्द एक दूसरे को बढावा देते हैं।

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तनाव और दर्द में संबंध

तनाव और दर्द के बीच का संबंध स्पष्ट नहीं है, लेकिन ये बात सभी जानते हैं कि तनाव में रहने वाले लोगों को प्रायः सिरदर्द, गरदन, कंधा और पीठदर्द रहता है। यह शायद मांसपेशियों में तनाव या मस्तिष्क से कुछ रसायनों के स्राव के कारण होता है।विशेषज्ञों के अनुसार, दर्द का नियंत्रण नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) के द्वारा होता है और दर्द का अनुभव करने में मस्तिष्क की मुख्य भूमिका होती है। संभवतः मस्तिष्क दर्द के सिग्नल को अवरुद्ध करने की कोशिश करता है, लेकिन थकान की स्थिति में मस्तिष्क की यह प्रक्रिया रुक जाती है इसलिए दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है।


दर्द से मुक्ति के लिए तनाव से मुक्ति

बहुत लोगों में, तनावदायक बातों से बचना या तनाव का मुकाबला करना सीखने से तनाव नहीं होता और इससे दर्द से आराम मिलता है। अनेक विशेषज्ञ बताते हैं दर्द के इलाज के लिए रोगी को तनाव से मुक्ति पाना आवश्यक होता है।नियमित व्यायाम करें: दीर्घकालिक दर्द की समग्र चिकित्सा में व्यायाम का महत्वपूर्ण स्थान है। अपनी शारीरिक गतिविधियां बढाएं, इससे दर्द और अन्य लक्षणों के बढने में बाधा आएगी। आपके व्यायाम के रूटीन में 30 मिनट के एक्सरसाइज बाइक, तैराकी, रोज तेज गति से टहलना या सप्ताह में चार बार जिम जाना शामिल हो सकता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि दर्द में व्यायाम कितना या कैसे मदद करेगा तो डॉक्टर और फिजिकल थेरेपिस्ट से संपर्क करें।अगर आपकी दिनचर्या बहुत व्यस्त है तो अपने दैनिक कार्यकलापों की जांच के लिए समय निकालें और तनाव पर बेहतर नियंत्रण के लिए इसमें बदलाव लाएं। जिस काम को आप पसंद करते हैं उसे अपने दैनिक कार्यकलापों की सूची में शामिल करें और इसके लिए ज्यादा समय निर्धारित करें।

अभी तनाव और दर्द के विषय में बहुत कुछ जानना और समझना बाकी है। लेकिन एक बात बिल्कुल स्पष्ट है कि अधिकतर मामलो में दर्द से राहत पाने के लिए तनाव से मुक्ति पाना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

ImageCourtesy@Gettyimages

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Written by
Aditi Singh
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागDec 24, 2009

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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