• shareIcon

सप्लीमेंट्स को लेना छोड़ें और डाइट में फोर्टिफाइड फूड शामिल करें

एक्सरसाइज और फिटनेस By Devendra Tiwari , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 03, 2017
सप्लीमेंट्स को लेना छोड़ें और डाइट में फोर्टिफाइड फूड शामिल करें

फोर्टिफाइड फूड की जरूरत किसे होती है और इसमें क्या-क्या होता है, जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

स्वस्थ रहने के लिए पोषण की जरूरत होती है और ये पोषण हमें विभिन्न तरह के आहारों का सेवन करने मिलता है। शरीर में खून की कमी न हो इसके लिए आयरन चाहिए, हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए विटामिन डी चाहिए, ब्लड प्रेशर की समस्या न हो इसके लिए आयोडीन और सोडियम चाहिए, आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए विटामिन ए चाहिए, इसके अलावा दूसरे अन्य तत्व हैं जिनकी जरूरत हमें रोज होती है। ये सभी जरूरतें एक ही आहार के सेवन से पूरी नहीं हो सकती हैं, इसके लिए आहार को फोर्टिफाइड किया जाता है। इस लेख में फोटिफाइड आहार के बारे में हम आपको विस्तार से बता रहे हैं।

fortified food

इसे भी पढ़ेंः 1 महीने तक पीएं गाजर-नीम का जूस, फिर देखें कमाल!

क्या है फोर्टिफाइड फूड

बीमारी और शारीरिक कमजोरी तभी होती है जब हम स्वस्थ आहार का सेवन नहीं करते हैं। जानकारी के अभाव में लोग शरीर के लिए जरूरी पौष्टिकता वाले आहारों का सेवन नहीं कर पाते। भारतीय ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी बदतर है और इसके कारण कई बीमारियां हो रही हैं। विदेशों खासकर अमेरिका जैसे विकसित देश में एक ही आहार में शरीर के लिए जरूरी सभी पोषण तत्व मौजूद होते हैं, जो दूसरे तत्वों को मिलाकर बनाये जाते हैं। फोर्टिफाइड फूड की खासियत यह है कि इनके सेवन के बाद सप्लीमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है।

फोर्टिफाइड फूड की जरूरत

चावल, आटा, दूध और नमक जैसी खाने-पीने की चीजों को जब फोर्टिफाइड किया जाता है तब ये और भी पौष्टिक हो जाते हैं। क्योंकि इनमें विटामिन, आयरन, आदि मिनरल्स मिलाया जाता है। हालांकि भारत में बहुत पहले से नमक में आयोडीन मिलाया जाता था, लेकिन अब दूसरे जरूरी सप्लीमेंट अन्य आहारों में मिलाये जाने लगे। इसके लिए फूड रेगुलेटर एफएसएसएआई ने भी स्वीकृति दे दी।
इसके कारण अब नमक आयरन, दूध और खाने के तेल में विटामिन ओ और विटामिन डी, आटे में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 मिलाया जा सकता है।

इसकी जरूरत क्यों पड़ी

2015 में केंद्रीय पोषण नियंत्रण ब्यूरो और नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गेनाइजेशन द्वारा करवाए गए उपभोक्ता सर्वे में यह सामने आया कि ज्यापदातर लोगों के आहार में विटामिन ए के अलावा दूसरे जरूरी मिनरल्स की कमी होती है। इसके कारण भारत में 70 प्रतिशत महिलाओं में विटामिन डी, विटामिनए, आयरन, रिबोफ्लेविन, फोलिक एसिड, आदि की कमी देखी गई। इसके कारण ही भारत में जन्‍म लेने वाले वाले प्रत्येक तीसरे बच्चे का वजन 2.5 किलो से भी कम होता है। इससे बचने का बस एक ही तरीका है फोर्टिफाइड फूड का सेवन।

इसे भी पढ़ेंः तेजी से घटता वजन, है खतरे की घंटी!

ये हैं फोर्टिफाइड फूड

नमक : नमक में केवल सोडियम होता है, फोर्टिफाइड करके इसमें आयरन, और सोडियम मिलाया जाता है।
ब्रेड : साबुत अनाज से ब्रेड बनाया जाता है। इसे और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए इसमें फोलिक एसिड, विटामिन बी और फोलेट मिलाया जाता है।
सोया मिल्क : सोय मिल्क सोयाबीन से बनाया जाता है। लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या में यह दूध बेहतर विकल्प होता है। इसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जबकि इसे फोर्टिफाइड करके इसमें कैल्शियम मिलाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है।
दूध : दूध में कैल्सियम, प्रोटीन और फैट होता है। इसे फोर्टिफाइड करके विटामिन ए और डी मिलाया जाता है।
सेरेल्स  : सुबह के नाश्ते में ज्यादातर लोग इसका प्रयोग करते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होता है। इसे फोर्टिफाइड करके विटामिन बी मिलाया जाता है।

तो स्वस्थ रहने के लिए इन फोर्टिफाइड फूड का सेवन करें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Diet And Nutrition Related Articles In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK