पेट में हो रहे दर्द और सूजन की वजह कहीं 'डायवर्टिक्युलाइटिस' तो नहीं? जानें क्या है ये बीमारी और इसके लक्षण

Updated at: Jun 10, 2020
पेट में हो रहे दर्द और सूजन की वजह कहीं 'डायवर्टिक्युलाइटिस' तो नहीं? जानें क्या है ये बीमारी और इसके लक्षण

डायवर्टिक्युलाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जो कि शुरुआत में तो आपको एक सामान्य पेट के दर्द सा लग सकता है, पर असर में ये बहुत गंभीर है।

Pallavi Kumari
अन्य़ बीमारियांWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jun 10, 2020

पेट में अचानक से होने वाले दर्द और सूजन के यूं तो कई कारण हो सकते हैं, पर डाइवर्टिक्युलाइटिस (diverticulitis) एक गंभीर कारणों में से एक है। डायवर्टीकुलिटिस पेट से जुड़ी एक ऐसी स्थिति है, जो कि डायवर्टिकुला के संक्रमण या सूजन के कारण होती है। डायवर्टिकुला छोटी, थैली जैसी संरचनाएं हैं जो आंतों में बन सकती हैं। ये पाउच आपकी आंतों में कहीं भी दिखाई दे सकते हैं और आमतौर पर हानिरहित होते हैं। पर ये स्थिति तब खराब बन जाती है, जब इन थैलियों में संक्रमन या सूजन हो जाता है। पेट के इस सूजन और इंफैक्शन को डायवर्टीकुलिटिस (diverticulitis) कहा जाता है। 

insidesymptomsofdiverticulitis

डायवर्टीकुलोसिस वाले लगभग 5 प्रतिशत लोग डायवर्टीकुलिटिस विकसित करते हैं। अगर इसका जल्दी इलाज नहीं किया जाता है, तो डायवर्टीकुलोसिस में गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं, जिसके लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। गंभीर मामलों में, डायवर्टीकुलिटिस आंत का छिद्र का टूटना हो सकता है, फोड़े, पेरिटोनिटिस, आंत में रुकावट महसूस करना, किडनी संक्रमण, आदि हो सकता है। साथ ही ब्लीडिंग तक हो सकती है। वहीं डाइवर्टिक्युलाइटिस के कारण की बात करें, तो

  • -डायवर्टिक्युलाइटिस होने का मुख्य कारण क्या है यह तो पता नहीं लेकिन कहा जाता है कि यह शरीर में डायटरी फाइबर की कमी की वजह से होता है।
  • - 40 साल की उम्र के बाद ये परेशानी हो सकती है। 
  • - मोटापे के शिकार लोगों को भी डाइवर्टिक्युलाइटिस हो सकता है। 
  • -स्मोकिंग करने, एक्सरसाइज न करने से भी इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
  • -ऐनिमल फैट युक्त ज्यादा चीजें खाने से भी डायवर्टिक्युलाइटिस होता है। 
insidecausesofdiverticulitis

इसे भी पढ़ें : कोलन इंफेक्‍शन (आंत का संक्रमण) से बचाएंगे ये 7 फूड, दूर हो जाएंगे पेट के सारे रोग

डायवर्टिक्युलाइटिस के प्रकार (types of diverticulitis) 

एक्यूट डायवर्टिक्युलाइटिस

एक्यूट डायवर्टिक्युलाइटिस में संक्रमित डायवर्टिकुला में फोड़े बन जाते हैं और अगर ये आंत की दीवारों तक फैल गए तो पेरीटोनिट्स (Peritonitis) नाम का संक्रमण हो सकता है। यह इंफेक्शन जानलेवा होता है, इसलिए इसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है। इसके अलावा स्कारिंग की स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें आंत पूरी तरह से ब्लॉक हो जाती है और ब्लीडिंग होने लगता है। इसमें आंत छिली हुई महसूस होती है।

क्रोनिक डायवर्टिक्युलाइटिस

क्रोनिक डायवर्टिक्युलाइटिस में संक्रमण और सूजन धीरे-धीरे कम तो हो सकती है लेकिन यह कभी भी पूरी तरह से सही नहीं हो सकता है। इस तरह के डायवर्टिकुला की सूजन की वजह से कॉन्स्टिपेशन, डायरिया, ब्लॉटिंग और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अगर इसका इलाज समय रहते न किया जाए तो यह बीमारी खतरनाक रूप ले सकती है।

इसे भी पढ़ें : छोटी आंत को काफी प्रभावित करता है ग्लूटन, इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये काम

डायवर्टीकुलोसिस के लक्षण (diverticulitis symptoms in hindi)

डायवर्टीकुलोसिस का होना आमतौर पर दर्द रहित होता है और कुछ हल्के लक्षणों का कारण बनता है जैसे कि

  • -आपके पेट के बाईं ओर ऐंठन जो आपके मल में गैस या ब्लीडिंग के साथ होता है। 
  • -अगर आपको डायवर्टीकुलिटिस है, गंभीर पेट दर्द या कोमलता से लगातार दर्द होना
  • - आंत्र की आदतों में बदलाव
  • - बुखार
  • - ठंड लगना -बार-बार पेशाब आना।

वहीं क्रोनिक डायवर्टीकुलिटिस से कब्ज, पतले दस्त, दस्त, पेट फूलना, पेट में दर्द, मतली और उल्टी, भूख न लगना, गुदा से रक्तस्राव हो सकता है।

डाइवर्टिक्युलाइटिस से छुटकारा पाने का तरीका (diverticulitis treatment)

  • -ज्यादा गंभीर डायवर्टिक्युलाइटिस न होने पर मरीज पेनकिलर्स और हाई डायटरी फाइबर फूड खाकर इसे ठीक कर सकते हैं।
  • -गंभीर होने पर इसकी सर्जरी की जाती है।
  • -एंटीबायोटिक्स संक्रमण के इलाज के लिए एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) जैसी दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है।

Read more articles on Other-Diseases in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK