Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

हार्ट अटैक के मरीजों का इलाज स्टेमसेल से

लेटेस्ट By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 18, 2011
हार्ट अटैक के मरीजों का इलाज स्टेमसेल से

शोधों में यह बात सामने आई है, कि हार्ट अटैक के मरीजों का इलाज स्टेमसेल से हो सकेगा।

heart attack ke mareejo ka ilaaj ab stem cell se

16 मरीजों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त हृदयों का उपचार करने के लिए उनके ही हृदय की स्टेम कोशिकाओं का इस्तेमाल किया गया था इंसानों में ऐसा पहली बार किया गया यदि आगे ऐसे ही नतीजे मिले तो हृदय रोग के क्षेत्र में यह बड़ी क्रांति होगी।


लंदन। वैज्ञानिकों ने हृदयाघात की बीमारी के उपचार में बड़ी सफलता हाथ लगने का दावा किया है। उन्होंने बताया है कि दिल के दौरे की बीमारी से पीड़ित मरीजों का उपचार उनकी ही स्टेम कोशिकाओं से करने के शोध के ‘चौंकाने’ वाले परिणाम मिले हैं। ‘दी लांसेट’ के ताजा संस्करण में प्रकाशित शोध रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब 16 मरीजों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त हृदयों का उपचार करने के लिए उनके ही हृदय की स्टेम कोशिकाओं का इस्तेमाल किया गया था। इंसानों में ऐसा पहली बार किया गया। वैज्ञानिकों ने एक साल बाद पाया कि आठ मरीजों के हृदयों की ‘पंपिंग क्षमता’ 12 फीसद से अधिक बढ़ गई थी। सभी मरीजों की दशा में किसी न किसी प्रकार का सुधार देखा गया।

 

हालांकि यह शुरुआती शोध है और इसमें अभी व्यापक पैमाने पर काम करने की जरूरत है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि नतीजे बताते हैं कि इसका दूरगामी प्रभाव होगा। डेली टेलीग्राफ ने लुइसविले यूनिवर्सिटी के शोध दल के प्रमुख वैज्ञानिक राबटरे बोली के हवाले से बताया, ‘ नतीजे चौंकाने वाले हैं। हमें नहीं पता कि सुधार कैसे हुआ लेकिन यदि भावी शोध में भी ऐसे ही नतीजे मिले तो हृदय रोग के क्षेत्र में यह एक बड़ी क्रांति होगी।’ गौरतलब है कि हृदय तब काम करना बंद कर देता है जब वह क्षतिग्रस्त और कमजोर हो जाता है। ऐसे में वह पर्याप्त मात्रा में शरीर में रक्त की आपूर्ति नहीं कर पाता। हृदय को ऐसा नुकसान दिल का दौरा पड़ने से होता है। इससे गंभीर किस्म की विकलांगता हो सकती है और जिंदगी के लम्हें काफी हद तक घट सकते हैं।

 

 

Written by
सम्‍पादकीय विभाग
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागNov 18, 2011

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Trending Topics
More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK