Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

पीठ दर्द के वक्त दिखते हैं ये 3 लक्षण, तो आपको हो सकता है स्पाइनल ट्यूमर

दर्द का प्रबंधन
By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 03, 2018
पीठ दर्द के वक्त दिखते हैं ये 3 लक्षण, तो आपको हो सकता है स्पाइनल ट्यूमर

घंटों एक ही जगह बैठकर कंप्‍यूटर पर काम करने के कारण पीठ दर्द के मरीजों की संख्‍या बढ़ रही है। युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं और उनमें यह समस्‍या देखी जा रही है। 

Quick Bites
  • स्‍पाइन में कोई ट्यूमर है तो यह पीठ दर्द का कारण बन सकता है।
  • रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर असामान्य कोशिकाओं के ढेर होते हैं।
  • यह समस्‍या बच्‍चों में एडल्‍ट एज ग्रुप में और बूढ़ों में संभव है।

घंटों एक ही जगह बैठकर कंप्‍यूटर पर काम करने के कारण पीठ दर्द के मरीजों की संख्‍या बढ़ रही है। युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं और उनमें यह समस्‍या देखी जा रही है। सामान्‍यतया पीठ दर्द की समस्‍या को तीन हिस्‍सों में बांटा गया है- ट्रॉमा, ट्यूमर और इंफेक्‍शन। यह समस्‍या बच्‍चों में एडल्‍ट एज ग्रुप में और बूढ़ों में संभव है। बच्‍चों में पीठ दर्द के दूसरे कारण हो सकते हैं, खासकर स्‍पाइन में किसी तरह की समस्‍या है तो या फिर स्‍पाइन में कोई ट्यूमर है तो यह पीठ दर्द का कारण बन सकता है। वर्तमान में तनाव और गलत पॉश्‍चर के कारण पीठ दर्द की समस्‍या अधिकतर लोगों में देखी जा रही है। कंप्‍यूटर और लैपटॉप पर अधिक देर तक गलत पॉश्‍चर में बैठकर काम करने से पीठ और कमर का दर्द हो सकता है। 50 साल की उम्र के बाद बहुत सारे संक्रमण और ट्यूमर के कारण यह समस्‍या होती है।

रीढ़ की हड्डी का ट्यूमर

रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर हर आयु के लोगों को प्रभावित करते हैं, परन्तु अधिकतर ये रोग युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोगों में अधिक देखे जाते हैं। रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर असामान्य कोशिकाओं के ढेर होते हैं जो रीढ़ की हड्डी, इसकी सुरक्षा परतों, या रीढ़ की हड्डी को आवरित करने वाली परत की सतह पर विकसित होते हैं। स्पाइनल ट्यूमर्स नियोप्लाज्म नामक नए ऊतकों की अस्वाभाविक वृद्धि हैं।

पीठ दर्द के लिए व्यायाम

जी हां, पीठ दर्द में बिल्कुल व्यायाम किया जा सकता है। ये मांसपेशियों की कार्यप्रणाली में सुधार करता है और शरीर में रक्त के समुचित प्रवाह को बढ़ाता है। लेकिन कमर दर्द की स्थिति में कौंन सा व्यायाम किया जाए, इसके लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। व्यायाम के इलावा ऐसे में कुछ योग आसान जैसे, उत्तानासन,पश्चिमोत्तानासन तथा भुजंगासन आदि भी कर सकते हैं।  

पीठ दर्द के लिए घरेलू नुस्खे

  • सरसों/तिल के तेल में चुटकीभर सेंधा नमक और 2-3 लहसुन की कलियां डालकर हल्का गर्म करें और इससे कमर की नित्य मालिश करें
  • एक गिलास पानी में 10 ग्राम सोंठ या जीरा डालकर उबालें फिर छानकर गुनगुना पीएं।
  • मलाई रहित दूध में  आधा केला  और  मिश्री मिलाकर लें।
  • मलाई रहित दूध में हल्दी डालकर लें।
  • भोजन में लहसुन, अदरक, सोंठ, सेंधा नमक, नींबू और प्याज का प्रयोग कर सकते हैं।

बचाव के तरीके

  • किसी कुशल प्रशिक्षक से सीखकर नियमित रूप से पीठ को मज़बूत बनाने वाली एक्सरसाइज़ेज करें। 
  • अगर आप ज्य़ादा सफर करते हैं तो बीच-बीच में हलके-फुल्के एरोबिक व्यायाम और जॉगिंग जैसी एक्टिविटीज़ जरूर करें। इनसे पीठ व कमर की मांसपेशियों को फायदा मिलता है।
  • ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करते समय हमेशा अपनी पीठ सीधी रखें और झुक कर न बैठें। 
  • अचानक तेज़ झटके से झुकने या घूमने से भी पीठ की मांसपेशियों के लिगामेंट्स पर ज्य़ादा दबाव पड़ता है। पीठ दर्द से बचाव के लिए सही पोस्चर रखना बहुत ज़रूरी है।
  • जब ज्य़ादा देर तक लगातार बैठना हो तो हर एक-दो घंटे के अंतराल पर सीट से उठकर बीच-बीच में हर घंटे पर आसपास ही थोड़ी चहलकदमी कर लें।
  • कार में यात्रा के दौरान लगने वाले झटकों से भी बैकबोन इंजरी हो सकती है। इससे बचने के लिए सीट बेल्ट पहनना न भूलें।
  • लंबे समय तक बैठने से पैरों में दर्द होने लगता है। इससे बचने के लिए बीच-बीच में अपने पैरों को फैलाकर सीधा करते रहें।
  • यदि आप भारी वज़न उठाने के अभ्यस्त नहीं हैं तो यात्रा के दौरान बैग को हल्का रखने की कोशिश करें। जितना कम सामान होगा, पीठ पर उतना ही कम दबाव पड़ेगा।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Pain Management In Hindi

Written by
Rashmi Upadhyay
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागSep 03, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK