• shareIcon

    युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है स्पाइनल अर्थराइटिस, जानें इसके लक्षण व उपचार

    अर्थराइटिस By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 07, 2018
    युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है स्पाइनल अर्थराइटिस, जानें इसके लक्षण व उपचार

    अर्थराइटिस शब्द सुनते ही हमारे मन में घुटने या कूल्हे के जोड़ों का ध्यान आता है, परंतु अर्थराइटिस का प्रकोप मानव शरीर के किसी भी जोड़ पर हो सकता है। 

    अर्थराइटिस शब्द सुनते ही हमारे मन में घुटने या कूल्हे के जोड़ों का ध्यान आता है, परंतु अर्थराइटिस का प्रकोप मानव शरीर के किसी भी जोड़ पर हो सकता है। घुटने और कूल्हे के अलावा स्पाइनल अर्थराइटिस (रीढ़ की गठिया) एक अत्यंत कष्टकारी बीमारी है, जो आजकल बहुत तेजी से बढ़ रही है। हैरानी की बात यह है न सिर्फ बड़े बुजुर्ग बल्कि युवा भी इस गंभीर रोग की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि समय रहते इस बीमारी का इलाज करा छुटकारा पाया जा सकते हैं। 

    क्या हैं इसके कारण

    • आज की जीवन-शैली इस बीमारी का एक प्रमुख कारण है लंबे समय तक आफिस या घर में कंप्यूटर पर काम करना।
    • फोन पर काफी देर तक गर्दन एक तरफ झुकाकर बात करना।
    • लंबी दूरी तक खराब सड़क पर दोपहिया वाहन चलाना।
    • स्टाइलिश चेयर्स और सोफे का अत्यधिक इस्तेमाल।
    • शराब और तंबाकू का अत्यधिक सेवन।
    • बढ़ता मोटापा और घटता शारीरिक परिश्रम इस बीमारी के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
    • स्पाइनल अर्थराइटिस के लक्षण
    • लंबे समय से कमर या गर्दन में दर्द।
    • सुबह के वक्त या लंबे आराम के बाद गर्दन और कमर में जकडऩ और असहनीय पीड़ा होना।
    • गर्दन का दर्द, जिसका प्रभाव कंधे और हाथों में झनझनाहट की तरह महसूस होता है।
    • कमर का दर्द जो पैरों में झनझनाहट व कमजोरी व सुन्नपन का अहसास कराता है।
    • मानसिक कारणों
    • खासकर तनाव से दर्द में इजाफा होना।

    जानें उपचार के बारे में

    • चिकित्सीय परीक्षण व अर्थराइटिस प्रोफाइल जांच, रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) की गहन जांच जैसे एक्स-रे, सी.टी. स्कैन, एमआरआई और आइसोटोप बोन और स्पाइन स्कैनिंग।
    • नियमित शारीरिक व्यायाम और संतुलित- पौष्टिक भोजन करें, जो इस रोग से बचाव का एक प्रमुख तरीका है।
    • विशेषज्ञ की देखरेख में सही तरीके से सोना, उठना, बैठना और भार उठाने की विधियां जानना।
    • सर्वाइकल कॉलर और लम्बोसेकरल बेल्ट के इस्तेमाल से दर्द में राहत मिलती है।
    • एपिड्युरल इंजेक्शन और फेसीटल इंजेक्शन के प्रयोग से दर्द में राहत मिलती है। डॉक्टर से परामर्श के बाद ही इसका इस्तेमाल करें।
    • अत्याधुनिक इंडोस्कोपिक न्यूरल डिकंप्रेशन, डिस्क न्यूक्लियोटॅमी और गंभीर मामलों में स्पाइनल फ्यूजन, डिस्क रिप्लेसमेंट और करेक्टिव ऑस्टियोटॅमी द्वारा स्पाइनल अर्थराइटिस के लगभग 98 फीसदी मामलों में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

    ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

    Read More Articles on Arthritis in Hindi

     
    Disclaimer:

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK