• shareIcon

मेनोपॉज से जुड़ी परेशानियों को ऐसे करें दूर

महिला स्‍वास्थ्‍य By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 04, 2014
मेनोपॉज से जुड़ी परेशानियों को ऐसे करें दूर

मेनोपॉज समस्‍या नहीं है, बल्कि उम्र का एक पड़ाव है जो हर महिला की जिंदगी में आता है, इस दौरान होने वाली समस्‍या को कम करने के योग के आसन बहुत फायदेमंद हो सकते हैं।

मेनोपॉज समस्‍या नहीं है, बल्कि उम्र का एक पड़ाव है जो हर महिला की जिंदगी में आता है। जिस तरह पहली बार पीरियड्स होना या फिर पहली बार गर्भ धारण करना समस्‍या नहीं ठीक उसी तरह मेनोपॉज भी कोई बीमारी नहीं है। इस वक्‍त कुछ समस्‍यायें हो सकती हैं लेकिन इसे आसानी से दूर किया जा सकता है।

अधिकांश महिलाओं को 45-50 की उम्र में पीरियड्स बंद हो जाता है, इसी अवस्था को मेनोपॉज कहते हैं। जानकारी के अभाव में कई महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पीरियड्स बंद होने का कारण अंडाशय में एस्ट्रोजन हार्मोन का खत्म हो जाना है। अंडाशय के अंडों की भी एक आयु होती है जो कि समय के साथ-साथ समाप्‍त हो जाती है। इसके कारण दिमाग में ठीक से सिग्नल न पहुंचने की वजह से फोलिक नहीं बनता, जिसकी वजह से महिलाओं को पीरियड्स न होने के साथ-साथ कुछ और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

मेनोपॉज के वक्‍त कुछ समस्‍यायें हो सकती हैं, वजन बढ़ना, चिड़चिड़ापन, थकान, लगातार खाते रहने की चाहत आदि मेनोपॉज के प्रमुख लक्षण हैं। हालांकि यह समस्‍या सभी महिलाओं में एक जैसे नहीं हो सकते। मेनोपॉज से जुड़ी कुछ समस्‍याओं को योग के जरिये आसानी से दूर किया जा सकता है।

Menopause Blues in Hindi

ब्रिज पोज यानी सेतुबंध आसन

इस आसन में महिला के शरीर का आकार पुल की तरह होता है इसलिए इसे ब्रिज पोज भी कहते हैं। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएं, दोनों हाथ शरीर के बगल में सीधा रखें, हथेलियों को जमीन पर सटाकर रखें। अब दोनों घुटों को मोड़ लीजिये जिससे सिर्फ तलवे ही जमीन से छुएं, सांस लेते हुए कमर को ऊपर उठाने की कोशिश कीजिए। कोशिश करें कि आपका सीना ठुड्डी को छुए, इस दौरान बाजुओं को कोहनी से मोड़ लें और हथेलियों को कमर के नीचे रखकर सपोर्ट दीजिए। कुछ क्षण बाद कमर नीचे लाएं और पीठ के बल सीधे लेट जाइए। इससे कमर दर्द, मांसपेशियों का दर्द दूर होगा और अच्‍छी नींद आयेगी।

अधोमुखी श्‍वान आसन

श्वान का अर्थ है कुत्ता और अधोमुखी का अर्थ होता है नीचे की ओर सिर। इस आसन के पोज में कुत्ते के समान सिर को नीचे की तरफ झुकाकर योग का अभ्यास किया जाता है। इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों हाथों और पैरों पर अपने शरीर का भार लायें। हाथों और पैरों को फैलाकर रखें, फिर अपने कूल्‍हों को ऊपर उठाकर रखें। फिर आराम से सांसों को अंदर-बाहर करें। इससे पेट का दर्द और सिरदर्द दूर होता है।
Soothing Moves for the Menopause Blues in Hindi

लंबी सांसें लेना

सुखासन की मुद्रा में बैठ जाइये, अपने हाथों को अपने पैरों पर रख लीजिए। अब अपने पेट पर दबाव डालते हुए नाक से सांस लीजिए, फिर धीरे-धीरे सांसों को छोड़ें। यह क्रिया 10 मिनट तक दोहरायें। इससे दिमाग शांत होता है और पेट की समस्‍या दूर होती है।

उर्ध्वमुख श्वान आसन

उर्ध्वमुख श्वान आसन अधोमुख श्वान आसन के विपरीत आसन की क्रिया है। अधोमुख में सिर को नीचे की ओर करके आसन किया जाता है जबकि इसमें सिर को ऊपर की तरफ करके योग किया जाता है। इस आसन का अभ्यास करते समय जब शरीर के ऊपरी भाग को जमीन से ऊपर की ओर उठाते हैं उस समय कमर पर अधिक दबाव नहीं डालना चाहिए बल्कि रीढ़ की हड्डी को एक साथ ऊपर की तरफ घूमाना चाहिए। कंधों को थोड़ा बाहर की ओर आरामदायक स्थिति में फैलाकर बांहों को धीरे-धीरे सीधा कीजिए, सीने को जमीन से उठाकर एवं फैलाकर रखें।

इन आसनों के अलावा खानपान पर विशेष ध्‍यान दीजिये, समय पर भोजन करें और संतुलित आहार लें। अपनी डाइट में दूध, दही, फल और हरी सब्जियां शामिल करें। अधिक समस्‍या होने पर चिकित्‍सक को संपर्क करें।

 

Read More Articles on Womens Health in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK