• shareIcon

Total Solar Eclipse 2019 Today: आपकी सेहत को प्रभावित करता है सूर्यग्रहण, जानें कैसे करें बचाव

लेटेस्ट By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 02, 2019
Total Solar Eclipse 2019 Today: आपकी सेहत को प्रभावित करता है सूर्यग्रहण, जानें कैसे करें बचाव

दो जुलाई यानी की आज के दिन साल का दूसरा सूर्यग्रहण (Solar Eclipse)है । ग्रहण को विज्ञान एक खगोलीय घटना मानता है। दरअसल ग्रहण के दौरान चुंबकीय क्षेत्र और पराबैंगनी किरणें काफी तेज होती हैं। 

दो जुलाई यानी की आज के दिन साल का दूसरा सूर्यग्रहण (Total Solar Eclipse)है । ग्रहण से जुड़ी कई तरह की मान्यताएं हैं, और इनपर गौर किया जाना पंडितों के हिसाब से बेहद ही महत्वपूर्ण हैं। हिन्‍दू पंचांग के मुताबिक दो जुलाई को आषाढ़ अमावस्‍या है। ग्रहण के दौरान कई तरह की बातों का ख्याल रखने को कहा जाता है विशेषकर गर्भवती महिलाओं को। ग्रहण के दौरान लोगों को न तो कुछ खाने और न ही पीने की सलाह दी जाती है।

ग्रहण को विज्ञान एक खगोलीय घटना मानता है। दरअसल ग्रहण के दौरान चुंबकीय क्षेत्र और पराबैंगनी किरणें काफी तेज होती हैं। ऐसा कहा जाता है कि ग्रहण शुरू होने से पहले पूरा खाना खा लेना चाहिए हालांकि एक जरूरी बात ये भी है इस बार सूर्यग्रहण भारत में दिखाई देने नहीं जा रहा है। इसलिए इसका महत्व भारत में ज्यादा नहीं दिखाई देगा। धार्मिक मान्‍यताओं को मानने वाले लोग अक्सर सूर्य ग्रहण के दौरान शिव चालिसा का पाठ करते हैं और आज भी ऐसा कर सकते हैं।

कैसे होता है सूर्य ग्रहण

सूर्यग्रहण (Total Solar Eclipse ) तब होता है जब सूर्य का प्रकाश चंद्रमा की वजह से पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता। सूर्य ग्रहण के दौरान नंगी आंखों से ग्रहण लगते देखने को अच्छा नहीं माना जाता है। ग्रहण के दौरान चुंबकीय क्षेत्र और पराबैंगनी किरणें काफी तेज होती हैं, जिसके संपर्क में आने से आपको सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें से कुछ के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

ग्रहण के दौरान पाचन क्रिया होती है कमजोर

सूर्य ग्रहण के दौरान मैग्नेटिक फील्ड और अल्ट्रा वॉयलेट यानी की यूवी किरणों का असर काफी ज्यादा होता है। ग्रहण के दौरान हमारा मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है इसलिए इस दौरान कुछ भी खाने को नहीं कहा जाता है। धार्मिक विद्वानों का कहना है कि ग्रहण के दौरान लोगों को उपवास करना चाहिए।

इसे भी पढ़ेंः दूसरों के सिगरेट पीने से भी हो सकती हैं सांस संबंधी बीमारियां , जीन में होता है परिवर्तनः स्टडी

हल्का भोजन करना चाहिए

ग्रहण के दौरान सात्विक या हल्का और पाचन योग्य खाना खाना चाहिए, खाने में आप दलिया, मूंग की दाल या खिचड़ी का भी चुनाव कर सकते हैं। आहार विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रहण में लोगों का मूड स्विंग भी होता हैं। इसलिए इस दौरान आप नारियल पानी का सेवन कर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और जरूरी न्यूट्रिएंट्स के स्तर को बढ़ा सकते हैं।

आयुर्वेद में पानी न पीने की सलाह

आयुर्वेद में ग्रहण के दौरान पानी न पीने की भी सलाह दी गई है। अगर आपको तेज प्यास लगी है तो आप पानी को गुनगुना कर पीएं। आयुर्वेद में पानी उबालने की क्रिया के बारे में भी बताया गया है। आयुर्वेद में लिखा है कि उबले पानी का मतलब पानी को इतना उबाला जाए कि उसका 1/8 हिस्सा ही रह जाए।

ग्रहण के दौरान खमीर वाली चीजें न खाएं

ग्रहण के दौरान पाचन के लिहाज से कठोर चीजें नहीं खानी चाहिए । विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादा प्रोटीन वाली चीजें या खमीरवाला (fermented) खाना खाने से दूर रहना चाहिए। ग्रहण के दौरान कुछ भी खाने से पहले उसमें हल्दी और तुलसी की पत्ती डालना जरूरी हैं क्योंकि यह आपकी इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है।

इसे भी पढ़ेंः मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है फेसबुक, डिप्रेशन और तनाव करता है कम

पूर्ण सूर्यग्रहण 2019 का समय (Total Solar Eclipse 2019 Date and Timings)

खबरों के मुताबिक, ये दुर्लभ खगोलीय घटना भारतीय समयानुसार 2 जुलाई की रात 10 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगी और सुबह 3 बजकर 21 मिनट पर खत्म होगी। दो जुलाई को होने वाला ये सूर्य ग्रहण दक्षिण प्रशांत महासागर से शुरू होकर दक्षिणी अमेरिका के कुछ भागो, चिली और अर्जेंटीना तक दिखेगा। अटलांटिका में भी इस ग्रहण का असर दिखाई देगा।

सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती माहिलाओं को अपने बच्चे को ग्रहण के असर से बचाकर रखना जरूरी होता है। ग्रहणकाल के दौरान गर्भवती महिलाओं को इन चीजों से दूर रहना चाहिए।

  • ग्रहण के दौरान या उस बीच गर्भवती महिलाओं को खाना खान, पकाना, सोना, सजना-संवरना आदि नहीं करनी चाहिए।
  • ग्रहण के वक्त महिलाओं को सब्जी काटना, कपड़े सीना जैसे कार्य भी नहीं करने चाहिए क्योंकि इससे बच्चों में शारीरिक दोष होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
  • ग्रहण खत्म होने पर गर्भवती महिला को स्नान करना चाहिए, नहीं तो उनके शिशुओं को त्वचा संबधी रोग हो सकते हैं। 
  • गर्भवती महिला को ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए तुलसी के पत्ते जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ भी करना चाहिए।

Read more articles on Health News in Hindi

 
Disclaimer:

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।