Solar Eclipse 2019 : साल का आखिरी सूर्यग्रहण आज, जानें ग्रहण के दौरान कैसे रखें अपने स्वास्थ्य का ख्याल

Updated at: Dec 26, 2019
Solar Eclipse 2019 : साल का आखिरी सूर्यग्रहण आज, जानें ग्रहण के दौरान कैसे रखें अपने स्वास्थ्य का ख्याल

Solar Eclipse December : 26 दिसंबर यानी आज के दिन साल का आखिरी सूर्यग्रहण (Solar Eclipse)है । जानें कैसे ग्रहण से होता है स्वास्थ्य प्रभावित।

Jitendra Gupta
लेटेस्टWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Jul 02, 2019

Surya Grahan/Solar Eclipse December 2019 Date and Time in India:  26 दिसंबर यानी की आज के दिन साल का आखिरी सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) है । ग्रहण से जुड़ी कई तरह की मान्यताएं हैं, और इनपर गौर किया जाना पंडितों के हिसाब से बेहद ही महत्वपूर्ण हैं। हिन्‍दू मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण के दौरान कई तरह की बातों का ख्याल रखने को कहा जाता है विशेषकर गर्भवती महिलाओं को। ग्रहण के दौरान लोगों को न तो कुछ खाने और न ही पीने की सलाह भी दी जाती है। आज का आंशिक सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिण भारत में देखने को मिल रहा है। भारत में ग्रहण सुबह 8 बजकर 17 मिनट से शुरू हुआ और इसका समापन सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर होगा।

ग्रहण को विज्ञान एक खगोलीय घटना मानता है। दरअसल ग्रहण के दौरान चुंबकीय क्षेत्र और पराबैंगनी किरणें काफी तेज होती हैं। ऐसा कहा जाता है कि ग्रहण शुरू होने से पहले पूरा खाना खा लेना चाहिए 

कैसे होता है सूर्य ग्रहण

आंशिक सूर्यग्रहण (Solar Eclipse ) तब होता है जब सूर्य का प्रकाश चंद्रमा की वजह से पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता। सूर्य ग्रहण के दौरान नंगी आंखों से ग्रहण लगते देखने को अच्छा नहीं माना जाता है। ग्रहण के दौरान चुंबकीय क्षेत्र और पराबैंगनी किरणें काफी तेज होती हैं, जिसके संपर्क में आने से आपको सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें से कुछ के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

ग्रहण के दौरान पाचन क्रिया होती है कमजोर

सूर्य ग्रहण के दौरान मैग्नेटिक फील्ड और अल्ट्रा वॉयलेट यानी की यूवी किरणों का असर काफी ज्यादा होता है। ग्रहण के दौरान हमारा मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है इसलिए इस दौरान कुछ भी खाने को नहीं कहा जाता है। धार्मिक विद्वानों का कहना है कि ग्रहण के दौरान लोगों को उपवास करना चाहिए।

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हल्का भोजन करना चाहिए

ग्रहण के दौरान सात्विक या हल्का और पाचन योग्य खाना खाना चाहिए, खाने में आप दलिया, मूंग की दाल या खिचड़ी का भी चुनाव कर सकते हैं। आहार विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रहण में लोगों का मूड स्विंग भी होता हैं। इसलिए इस दौरान आप नारियल पानी का सेवन कर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और जरूरी न्यूट्रिएंट्स के स्तर को बढ़ा सकते हैं।

आयुर्वेद में पानी न पीने की सलाह

आयुर्वेद में ग्रहण के दौरान पानी न पीने की भी सलाह दी गई है। अगर आपको तेज प्यास लगी है तो आप पानी को गुनगुना कर पीएं। आयुर्वेद में पानी उबालने की क्रिया के बारे में भी बताया गया है। आयुर्वेद में लिखा है कि उबले पानी का मतलब पानी को इतना उबाला जाए कि उसका 1/8 हिस्सा ही रह जाए।

ग्रहण के दौरान खमीर वाली चीजें न खाएं

ग्रहण के दौरान पाचन के लिहाज से कठोर चीजें नहीं खानी चाहिए । विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादा प्रोटीन वाली चीजें या खमीरवाला (fermented) खाना खाने से दूर रहना चाहिए। ग्रहण के दौरान कुछ भी खाने से पहले उसमें हल्दी और तुलसी की पत्ती डालना जरूरी हैं क्योंकि यह आपकी इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है।

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पूर्ण सूर्यग्रहण 2019 का समय (Total Solar Eclipse 2019 Date and Timings)

खबरों के मुताबिक, भारत समेत कई देशों में आंशिक सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। दिल्ली में 55 फीसदी तक सूर्यग्रहण दिखाई देगा। दुबई, अबूधाबी में 'रिंग ऑफ फायर' भी देखने को मिला। अगला सूर्य ग्रहण भारत में 21 जून, 2020 को दिखाई देगा। भारत के साथ-साथ आंशिक सूर्य ग्रहण पूर्वी यूरोप, उत्तरी-पश्चिम ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में भी देखा जा सकेगा।

सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती माहिलाओं को अपने बच्चे को ग्रहण के असर से बचाकर रखना जरूरी होता है। ग्रहणकाल के दौरान गर्भवती महिलाओं को इन चीजों से दूर रहना चाहिए।

  • ग्रहण के दौरान या उस बीच गर्भवती महिलाओं को खाना खान, पकाना, सोना, सजना-संवरना आदि नहीं करनी चाहिए।
  • ग्रहण के वक्त महिलाओं को सब्जी काटना, कपड़े सीना जैसे कार्य भी नहीं करने चाहिए क्योंकि इससे बच्चों में शारीरिक दोष होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
  • ग्रहण खत्म होने पर गर्भवती महिला को स्नान करना चाहिए, नहीं तो उनके शिशुओं को त्वचा संबधी रोग हो सकते हैं। 
  • गर्भवती महिला को ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए तुलसी के पत्ते जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ भी करना चाहिए।

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